LATEST - activity, analysis, dissemination, discussion...

भगत सिंह के जन्मदिन की 109वीं सालगिरह पर नौजवानों ने दिल्ली में जोशीला कार्यक्रम आयोजित किया!

पंजाबी अकादमी और भगत सिंह एसोसिएशन की पहल पर दिल्ली के रोहिणी इलाके में भगत सिंह के जन्मदिन की 109वीं सालगिरह पर नौजवानों द्वारा 18 सितम्बर, 2016 को एक उत्साहपूर्ण कार्यक्रम “पंजाबी सभ्याचार मेला” का आयोजन किया गया! इस कार्यक्रम को आयोजित करने और उसमें हिस्सा लेने के लिए लोक राज संगठन को निमंत्रित किया गया। सैकड़ों की तादाद में समुदाय से लोगों ने, बच्चों, महिलाओं और नौजवान ने इसमें जोर-शोर से हिस्सा लिया। क्रांतिकारी गीत, भांगड़ा, गिद्दा, तलवार बाजी, ढोल और ताशों ने कार्यक्रम को और भी रोचक और जोशीला बना दिया। यह सारा कार्यक्रम स्थानीय युवाओं की पहल पर आयोजित किया गया, और कई राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संस्थाओं, संगठनों और व्यक्तियों ने इसको समर्थन दिया, और इसकी सफलता में हाथ बंटाया।...

 

Condemn and oppose the dangerous military collaboration with US imperialism!

On August 29 in Washington DC, Defence Minister Parrikar signed the Logistics Exchange Memorandum of Agreement (LEMOA) which commits India to providing wide-ranging military logistical support to the US. The agreement will allow “each nation to use the other's defence facilities to replenish warships, aircraft and land forces”. In other words, it enables the US to use India’s military bases and facilities for various kinds of servicing, refueling, supplies, spare parts, repair and maintenance, of warships, aircraft and troops. The agreement had been finalized during Prime Minister Modi’s visit to Washington in June...

अमरीकी साम्राज्यवाद के साथ खतरनाक सैनिक सहकार्य की निन्दा और विरोध करें!

29 अगस्त को रक्षा मंत्री पर्रिकर ने वाशिंगटन डी.सी. में, लोजीस्टिक्स एक्सचेंज़ मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एल.ई.एम.ओ.ए.) पर हस्ताक्षर किया। इस सामझौते के साथ हिन्दोस्तान अमरीका को सैन्यतंत्र में व्यापक समर्थन देने को वचनबद्ध होगा। समझौते के शब्दों के अनुसार, “प्रत्येक राष्ट्र को अपने युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों तथा ज़मीनी सेनाओं की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये दूसरे देश की रक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करने” की इजाज़त दी जायेगी। दूसरे शब्दों में, इस समझौते के अनुसार, अमरीका अपने युद्धपोतों, विमानों और सेनाओं की सर्विसिंगर्, इंधन की आपूर्ति, सप्लाई, स्पेयर-पुर्जों, मरम्मत और रखरखाव के लिये हिन्दोस्तान के सैनिक अड्डों और उनकी सभी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेगा। इसी वर्ष जून में प्रधानमंत्री मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया था।

2 सितंबर की आम हड़ताल : इसकी कामयाबी पर श्रमजीवी वर्ग को क्रांतिकारी अभिवादन

2 सितम्बर को अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों के मजदूरों ने अपने अधिकारों और देश के सभी शोषित और उत्पीड़ित लोगों के अधिकारों की हिफाज़त में बड़ी ही गर्मजोशी के साथ आम हड़ताल में भाग लिया। इस हड़ताल के ज़रिये देश के मजदूर वर्ग ने मोदी सरकार के मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी, समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी अजेंडे को चुनौती पेश की।

मोदी सरकार के मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी, समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी अजेंडा को हराने के लिये संगठित हों!

2 सितंबर की आम हड़ताल को सफल बनाएं!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 28 अगस्त, 2016

साथियों, देशभर के मज़दूर अपने अधिकारों तथा देश के सभी शोषित और उत्पीड़ित लोगों के अधिकारों की हिफाज़त में 2 सितंबर को सड़कों पर उतरेंगे। राज्यों की राजधानियों और जिलों में, अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में, इस हड़ताल को सफल बनाने के लिये देशव्यापी स्तर पर, पार्टी संबंधों से ऊपर उठकर, सैंकड़ों ट्रेड यूनियनें मिलकर काम कर रही हैं। इस आम हड़ताल के ज़रिये हम मोदी सरकार के मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी, समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी अजेंडा, जो हमारे जनसमुदाय के जीवन को नरक बना रहा है, इसको पराजित करने के लिये संगठित होने का अपना संकल्प प्रकट करेंगे।...

Organise to defeat the anti-worker, anti-peasant, anti-social and anti-national agenda of the Modi government

All out for the success of the 2nd September General Strike!

Statement of the Central Committee of the Communist Ghadar Party of India, August 28, 2016

Comrades,

Workers all over India will come out on the streets on 2nd September in defence of our rights and the rights of all the exploited and oppressed of our country. Hundreds of trade unions, cutting across party affiliations have been working together at the All India level, in the state capitals and districts, and in different industrial townships to organize for the success of this strike.  Through this General Strike, we will express our firm resolve to organize to defeat the anti-worker, anti-peasant, anti-social and anti-national agenda of the Modi government which is making life hell for the masses of our people.

Let us give a fitting reply to the anti-worker, anti-peasant and anti-social program of the bourgeoisie by making the General Strike a success. Let us build a strong united force in defence of our rights that will challenge the capitalist program. Such unity will pave the way for the class to lead the broad masses of workers, peasants and all oppressed around the program of Navnirman of India.

Mazdoor Ekta Lehar

Syndicate content