नवीनतम - गतिविधियाँ, विश्लेषण, प्रसार, चर्चा ....

  • साथियों! आज के दिन, 4 नवम्बर, 1917 को सौ साल पहले पूरे रूस में, कारखानों में और फौज़ के दस्तों में, क्रांति से पूंजीवादी वर्ग का तख्ता पलटने के लिये जोर-शोर से तैयारी हो रही थी। 5 नवम्बर, 1917 को कामरेड लेनिन स्मोलनी पहुंचे। रूस की राजधानी पेत्रोग्राद में रूसी सोशल डेमोक्रेट लेबर पार्टी (बोल्शेविक) के मुख्यालय को स्मोलनी के नाम से जाना जाता था। पूरी रात फौज़ के क्रांतिकारी दस्ते और रेड गार्डों के जत्थे बराबर स्मोलनी आते रहे। बोल्शेविक पार्टी ने उन्हें विंटर पैलेस को घेरने के लिये भेजा, जहां अस्थाई सरकार ने अपना अड्डा बनाया था।
  • इस साल 6 दिसम्बर को अयोध्या में स्थित 16वीं सदी की मस्जिद के विध्वंस की 25वीं बरसी है, जिसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता है। बाबरी मस्जिद का विध्वंस सोचा-समझा और पहले से सुनियोजित काम था। देशभर से लाखों कर-सेवकों को अयोध्या में इकट्ठा किया गया था। सुरक्षा बलों को आदेश दिया गया था कि वे उस स्थान से दूर रहें। कई प्रमुख सांसदों ने वहां जाकर पूरी प्रक्रिया का पर्यवेक्षण किया और बाबरी मस्जिद को बीते दिनों में मुसलमान शासकों के हाथों हिन्दुओं की गुलामी की निशानी बताया था।
  • Kisan rallyदेशभर के किसानों का आक्रोश और गुस्सा जो कि पिछले कई महीनों से अलग-अलग संघर्षों के रूप में फूट रहा था, 20-21 नवंबर, 2017 को एक विशाल एकजुट संघर्ष के रूप में दिल्ली की सड़कों पर उतर आया।

    20-21 नवंबर को देशभर के 184 किसान संगठनों ने एक साथ मिलकर दिल्ली में अखिल भारतीय किसान संसद का आयोजन किया। इस किसान संसद में कम्युनिस्ट पार्टियों और अन्य पार्टियों की अगुवाई में गठित किसान संगठनों ने भी हिस्सा लिया। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से आये किसान संगठनों ने इसमें हिस्सा लिया। इस संसद में किसानों, कृषि मज़दूरों, मछुआरों, बागान मज़दूरों, इत्यादि मेहनतकश लोगों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बड़े फक्र के साथ अपने हाथों में अपने संगठन के बैनर और झंडे उठाये, अपने इलाके के पारंपरिक परिधानों में सजे हजारों किसान और मेहनतकश लोग रामलीला मैदान और अंबेडकर स्टेडियम से दो कतारों में पूरे अनुशासन के साथ वे जंतर-मंतर पहुंचे। वे अपने-अपने इलाकों की भाषाओं में अपनी मांगों को बुलंद कर रहे थे।

  • हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी का आह्वान, 20 नवंबर 2017

    अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बुलावे पर आज देशभर के किसान दिल्ली में इकट्ठा हुए हैं। उनकी मांगों में शामिल हैं - बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज़ों की एक बार में पूरी माफ़ी और सार्वजनिक खरीदी व्यवस्था के माध्यम से सभी फसलों की लाभकारी मूल्यों पर खरीदी की गारंटी। उनकी ये मांगें पूरी तरह से जायज़ हैं। सभी किसानों के लिए सुरक्षित आजीविका सुनिश्चित करने और देश को कृषी संकट से उबारने के लिए इन मांगों को पूरा करना बेहद ज़रूरी है।

  • हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी ने महान अक्तूबर क्रांति की शताब्दी के अवसर पर, नयी दिल्ली में 4-5 नवंबर को दो दिवसीय पार्टी सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का विषय था महान अक्तूबर क्रांति - 100 वर्ष। मणिपुर से लेकर राजस्थान और पंजाब से लेकर केरल और तमिलनाडु तक, सम्मेलन में पूरे देशभर से साथियों ने हिस्सा लिया। इन दो दिनों में युवाओं की भारी भागीदारी ने सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श को उत्साह और जोश से भर दिया।

  • Thumbnailदुनियाभर के अनेक देशों में 7 नवम्बर, 1917 की महान अक्तूबर क्रांति की शताब्दी के जश्न को हजारों-हजारों लोगों ने बड़ी धूम-धाम से राजनीतिक मीटिंगें करके, प्रदर्शन और रैलियां करके, फिल्म शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करके मनाया गया।

  • 20 नवम्बर को, राष्ट्रपति ट्रम्प ने औपचारिक तौर पर उत्तरी कोरिया को आतंकवाद का प्रायोजक राष्ट्रघोषित कर दिया। अमरीकी विदेश विभाग ने उत्तरी कोरिया को उन राष्ट्रों की सूची में शामिल किया है जो अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का लगातार समर्थन करते आयें हैं

  • 20 नवंबर, 2017 को संसद के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर, देशभर से आये किसानों ने एकजुट होकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के 184

  • 24 अक्तूबर, 2017 को वित्त मंत्री जेटली ने ऐलान किया कि हिन्दोस्तान की सरकार ने अगले दो वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनः पूंजीकरणके लिए 2,11,000 करोड़ रुपये देने की योजना बनाई है। सरकार ने 2015 में घोषित इन्द्रधनुष योजना के तहत यह ऐलान किया था कि सरकार चार वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी। लेकिन दो ही वर्षों में बैंकों में डाली जाने वाली पूंजी की रकम करीब-करीब तीन गुना बढ़ गयी है।

  • 9-11 नवम्बर को दिल्ली में मज़दूरों के महापड़ाव के दौरान मज़दूर एकता लहर (...) के संवाददाताओं ने कई श्रमिक नेताओं से साक्षात्कार किये। इसमें से कुछ यहां प्रकाशित किये जा रहे हैं।

  • Thumbnailराय बरेली, उत्तर प्रदेश के ऊंचाहार में स्थित नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन (एन.टी.पी.सी.) के ताप बिजलीघर में 1 नवम्बर, 2017 को बायलर (भट्टी) में एक भयंकर धमाका हुआ। इसमें सौ से भी अधिक लोग बुरी तरह जल गये। अभी तक 40 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है और बहुत से लोग जीवन और मौत के बीच लटके हुए हैं।

  • At Thumbnail आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) की केन्द्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर, 20 नवंबर, 2017 को पूरे देश में रेल चालकों ने डिमांड-डे का आयोजन किया। इसके तहत सभी क्रू-लाबियों पर रेल चालकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया, रैलियां निकाली और सभायें आयोजित कीं।

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)