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  • हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी का बयान, 18 अगस्त, 2017

    अमरीकी साम्राज्यवादी परमाणु और पारम्परिक हथियारों से कोरियाई लोगों और डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक आॅफ कोरिया (उत्तरी कोरिया) का विनाश करने की हर रोज धमकी दिए जा रहे है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरियाई लोगों को धमकी दी है कि “वह आग और प्रकोप का ऐसा नजारा देखेंगे, जैसा कि दुनिया ने आज तक कभी नहीं देखा है”। उसने ऐलान किया है कि अमरीकी सेना किसी भी वक्त, इस धमकी को अंजाम देने के लिए तैयार है।

  • Talkatora convention of TUsनयी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 8 अगस्त, 2017 को एक सर्व हिन्द मज़दूर अधिवेशन हुआ। एटक, सीटू, इंटक, एच.एम.एस., ए.आई.यू.टी.यू.सी., टी.यू.सी.सी., सेवा, ए.आई.सी.सी.टी.यू., यू.टी.यू.सी. और एल.पी.एफ. ने संयुक्त रूप से इस अधिवेशन को आयोजित किया था। रक्षा संयंत्रों, इस्पात कारखानों, कोयले की खदानों, रेलवे, बैंक, बीमा और अर्थव्यवस्था के अनेक अन्य क्षेत्रों के मज़दूरों की फेडरेशनों से 6000 से अधिक प्रतिनिधियों ने अधिवेशन में भाग लिया। मज़दूर एकता कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने अधिवेशन में सक्रियता से भाग लिया।

  • Book release thumbnailहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी द्वारा “ग़दरियों की पुकार - इंकलाब” पुस्तक के पहले संस्करण का विमोचन नई दिल्ली में किया गया। यह पुस्तक हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी में प्रकाशित की गयी है। इस मौके पर मौजूद लोगों ने उत्साह से पुस्तक का स्वागत किया। उपस्थित भागीदारों में कई राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि, वकील, पत्रकार, शिक्षाविदों के साथ कई महिला व युवा संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।

  • हिंदू-मुस्लिम “दंगे” आयोजित करना बर्तानवी बस्तीवादियों की “बांटों और राज करो” की रणनीति का हिस्सा था। यह रणनीति खास तौर से 1857 के ग़दर के बाद से अमल में लायी जाने लगी। ग़दर में सभी धर्मों और जातियों के लोग एकजुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ़ लड़े थे।
  • बर्तानवी बस्तीवादियों द्वारा आयोजित महाभयंकर त्रासदी

    1947 का बंटवारा हिन्दोस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोगों को आज भी एक भयंकर त्रासदी के रूप में याद आता है। इस बंटवारे की वजह से दो राष्ट्रों पंजाब और बंगाल को धार्मिक आधार पर बेरहमी से बांट दिया गया था। कश्मीर के लोग आज तक इस महाभयंकर सांप्रदायिक बंटवारे के नतीजे का शिकार बने हुए हैं।

  • क्रांति और बोल्शेविकों के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ़ जनरल कार्निलोव के विद्रोह को कुचल दिया गया

    Red_Guards_thumbnailजुलाई के विद्रोह के बाद अस्थायी सरकार द्वारा रूस के क्रांतिकारी लोगों पर प्रति-क्रांतिकारी दमन के बीच, बोल्शेविक पार्टी ने अपनी 6ठी कांग्रेस को गुप्त रूप से आयोजित किया (मज़दूर एकता लहर, 1-15 अगस्त, 2017 का अंक देखें)। कांग्रेस ने हथियारों के बल पर अस्थायी सरकार का तख्ता पलट करने और राज्य सत्ता को सर्वहारा द्वारा अपने हाथों में लेने की तैयारी की ज़रूरत को सीधे अपने एजेंडे पर रखा।

  • Comrade JP Sharmaमज़दूर एकता लहर ने कामरेड जे.पी. शर्मा, उपाध्यक्ष, आल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, और महासचिव, दिल्ली स्टेट बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन के साथ साक्षात्कार किया। कामरेड शर्मा ने इस दौरान बैंक क्षेत्र के मौजूदा हालात, बैंक मज़दूरों के संघर्ष के बारे में अपने विचार बताये।

  • Narmada river protest thumbnailजून 2017 को केन्द्र सरकार की सहमति से गुजरात सरकार ने सरदार सरोवर बांध के दरवाजे़ बंद कर दिए। उसी समय यह निर्णय लिया कि नवागाम गांव के पास नर्मदा नदी पर, सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई को 17 मीटर बढ़ाकर 138.72 मीटर कर दिया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप आज मध्य प्रदेश के लगभग 192 गांव और उनमें रहने वाले 40,000 परिवार डूबने की कगार पर खड़े हैं।

  • Surat traders protest thumbnail1 जुलाई, 2017 को माल और सेवा कर (जीएसटी) के थोपे जाने के बाद, एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है। इसके थोपे जाने के कई महीने पहले से और उसके बाद के दिनों से, देशभर में इसके खिलाफ़ कई प्रदर्शन चल रहे हैं। सभी क्षेत्रों में कई दुकानें और कारखाने बंद हो गए हैं। इन विरोध प्रदर्शनों में कई यूनियनों ने हिस्सा लिया।

  • हिन्दोस्तान के लोग तभी आज़ाद होंगे जब हम 1947 में स्थापित किये गये बड़े पूंजीपतियों के राज की जगह पर अपना राज स्थापित करेंगे

    हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 29 जुलाई, 2017

    15 अगस्त, 1947 को बर्तानवी उपनिवेशवादी राज से हिन्दोस्तानी आज़ादी की औपचारिक घोषणा की गई थी। बर्तानवी हिन्दोस्तान को धर्म के आधार पर दो भागों में बांट दिया गया और हिन्दोस्तान व पाकिस्तान के दो आज़ाद राज्य बनाये गये। पूर्वी पाकिस्तान, जो भूगोलिक तौर पर बाकी पाकिस्तान से अलग था, 1971 में अगल हो गया और बांग्लादेश का आज़ाद राज्य बन गया।

    आज, 70 वर्ष बाद, हिन्दोस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के अधिकतम लोग जीवन के लगभग सभी पहलुओं में आज़ादी से वंचित हैं।
  • Thumbnailहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी द्वारा प्रकाशित पुस्तक “ग़दरियों की पुकार – इंकलाब! के पहले संस्करण का विमोचन १५ जुलाई २०१७ को देश भगत यादगार हॉल, जालंधर, पंजाब में आयोजित एक शानदार कार्यक्रम में किया गया. यह पुस्तक तीन भाषाओँ में एक साथ प्रकाशित की गयी है.

    इस पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन पंजाबी लेखक सभा, और देश भगत यादगार समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में प्रगतिशील अध्यापक और अध्ययनकर्ता, लेखक, कवि, पत्रकार, विद्यार्थी, और कई पार्टियों और संगठनों से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया.

  • हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी का आह्वान, 12 जुलाई, 2017 किसान भाइयों, आप हिन्दोस्तान के कोने-कोने से दिल्ली आये हैं, पूरे देश को यह घोषणा करने के लिये कि आप अन्याय के खिलाफ़ और अपने अधिकारों के लिये लड़ेंगे। हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी दृढ़ता से आपके संघर्ष का समर्थन करती है।

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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