नवीनतम - गतिविधियाँ, विश्लेषण, प्रसार, चर्चा ....

  • oct revolutionकॉर्निलोव विद्रोह के कुचलने से यह साफ हो गया कि क्रांति का ज्वार उठ रहा था। उसके साथ सोवियतों के बोल्शेविकरण का दौर आया। फक्ट्रियों, मिलों, और सैनिक टुकड़ियों में सोवियतों के लिए नए चुनाव हुए, और इस बार, मेन्शेविकों और सोशलिस्ट रेवोलूशनरियों की जगह पर सोवियतों में बोल्शेविक पार्टी के प्रतिनिधि चुने गए। पेत्रोग्राद सोवियत और मास्को सोवियत बोल्शेविकों के हाथों में आ गये और मेन्शेविकों और सोशलिस्ट रेवोलूशनरियों को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा।

  • Reagan meeting mujahiddins23 सितम्बर, 2017 को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा की 72वीं बैठक में दिए गए अपने भाषण में हिन्दोस्तान की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि “दुनिया भर में पाकिस्तान की पहचान केवल एक आतंक का निर्यात करने वाली फैक्ट्री के रूप में है”। (हिन्दू, 26 सितम्बर, 2017)विदेश मंत्री के इस बयान के साथ-साथ पाकिस्तान के खिलाफ हिन्दोस्तानी राज्य का जंग-भड़काऊ प्रचार तेज हो गया है। वायु सेना के प्रमुख ने ऐलान किया कि हिन्दोस्तान की वायु सेना पाकिस्तान में किसी भी निशाने पर हमला करने की काबिलियत रखती है और हमेशा तैयार है, और इन निशानों में परमाणु ठिकाने भी शामिल हैं।

  • air india struggle28 जून, 2017 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एयर इंडिया में केंद्रीय सरकार की हिस्सेदारी की “रणनैतिक बिक्री” के लिए “असूल के तौर” पर मंजूरी दी थी। सरकार के इस फैसले को सही बताते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दावा किया था कि एयर इंडिया जैसी घाटा बनाने वाली कंपनी को चलाना लोगों के पैसों की बर्बादी है।

  • 29 सितम्बर, 2017 को मुम्बई के उपनगर एल्फिन्स्टन रोड रेलवे स्टेशन पर हुई एक दुर्घटना में कम से कम 23 लोगों की मौत गई और बहुत बड़ी संख्या में लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये। मध्य तथा पश्चिम रेलवे के उपनगरीय स्टेशनों को जोड़ने वाले पैदल पुल पर हुई भगदड़ से यह हादसा हुआ। हर तरफ से हो रही कड़ी आलोचना तथा लोगों के तीव्र गुस्से की ख़बरें मिलने के बाद, महाराष्ट्र सरकार तथा रेल प्रशासन को दिखावे के लिए ही सही, कुछ न कुछ करना पड़ा है। महाराष्ट्र सराकर ने बड़ी शीघ्रता से एक समिति का यह कह कर गठन किया है कि वह लोकल रेल सेवाओं की सुरक्षा के ऊपर लगातार निगरानी रखेगी। रेल मंत्री ने भी बड़ी तत्परता से रेल अधिकारियों को यह आदेश दिया है कि वे सभी उपनगरी स्टेशनों की सुरक्षा की पड़ताल या ऑडिट करें। उन्होंने घोषित किया कि रेल

  • 10 अगस्त, 2017 को मोदी सरकार ने लोक सभा में मजदूरी संहिता विधेयक 2017 पेश किया था। यह नया विधेयक वेतन भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1949, बोनस अधिनियम 1965, तथा समान वेतन अधिनियम 1976 की जगह लेगा। मजदूरी संहिता विधेयक तथाकथित श्रम कानून सुधारों का एक हिस्सा है, जिसे सरकार ने 38 श्रम अधिनियमों में “तर्कसंगतता” लाने के नाम पर बनाया है। यह विधेयक सभी कानूनों को चार व्यापक श्रमिक संहिताओं में विभाजित करने की ओर एक कदम है। इन्हें मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थितियों पर संहिता के रूप में तैयार किया जा रहा है।

  • 9 अक्टूबर 2017 को गुजरात उच्च न्यायालय ने 2002 में गोधरा में हुए रेलगाड़ी अग्निकांड के कई पहलुओं पर फैसले सुनाये।

    गोधरा रेलगाड़ी अग्निकांड का यह मामला उस रेलगाड़ी के बारें में है जो अयोध्या से यात्रियों को लेकर लौट रही थी, जहां 1992 में बाबरी मस्जिद को ढहाया गया था। इस रेलगाड़ी में गोधरा स्टेशन के पास आग लगाई गयी, जिससे 59 तीर्थ यात्री जलकर मर गए। इस हादसे को बहाना बनाकर पूरे राज्य में मुसलमानों का बड़े पैमाने पर कत्लेआम आयोजित किया गया था।

  • Thumbnailपूरे देश के अंदर, केन्द्रीय स्तर, राज्य स्तर और औद्योगिक स्तर की ट्रेड यूनियनें सरकार की जन-विरोधी, मज़दूर-विरोधी व राष्ट्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ़ और अपनी मांगों को लेकर, नई दिल्ली में 9 से 11 नंवबर तक, तीन दिवसीय महाधरना करने की तैयारी जोर-शोर से कर रही हैं। इसकी तैयारी के लिए, 7 अक्तूबर, 2017 को नई दिल्ली के राजा राममोहन राय हाल में दिल्ली के ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया।

  • संपादक महोदय,

    मैं, मजदूर एकता लहर के 1-15 अक्टूबर, 2017 के अंक में प्रकाशित लेख “रोहिंग्या शरणार्थी संकट” के संदर्भ में यह पत्र लिख रहा हूँ। यह लेख शरणार्थियों के मसले पर एक बेहतरीन समझ पेश करती है। यह लेख पाठकों को ऐसी जानकारी देता है, जो किसी भी तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया में नहीं मिलती है।

  • संपादक महोदय,

  • Thumbnailशहीद-ए-आजम भगत सिंह की 111वें जन्म दिवस के अवसर पर, हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जन संघर्ष मंच ने एक क्रांतिकारी कार्यक्रम आयोजित किया। हजारों की संख्या में मजदूरों, महिलाओं और नौजवानों ने इसमें भाग लिया। सुबह के समय, शहीद भगत सिंह दिशा संस्थान पर स्थित शहीद भगत सिंह की मूर्ति पर फूल

  • 28 सितंबर, 2017 को हरियाणा के शहर जाखल की अनाज मंडी में शहीद भगत सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर जन चेतना मंच जाखल ने क्षेत्रवासियों को शहीदों के नाम से पुस्तकालय समर्पित किया।

  • 6 अक्तूबर, 2017 को लोक जन समिति रामगढ़ की अगुवाई में गांववासियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की हालत को सुधारने की मांग को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया।

    चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन दिया गया, ज्ञापन में कहा गया कि रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लंबे समय से पद रिक्त हैं। चिकित्सा की बुनियादी मशीनें व यंत्र नहीं हैं। ज्ञापन में, उन्होंने चिकित्सा मंत्री को निम्नलिखित मांगों को नहीं मानने की स्थिति में आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी भी दी।

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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