जिम्मेदार आवाजे़

संपादक महोदय,

जबकि देश के तथाकथित राजनेता दिल्ली में सामूहिक बलात्कार के मसले को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, यह जानकर खुशी होती है कि यातायात (ट्रांसपोर्ट) मजदूर यूनियन ने इस मसले पर ऊँचे दर्जे की सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। ऑल इंडिया रेलवे मैन फेडरेशन (ए.आई.आर.एफ.) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे (एन.एफ.आई.आर.) ने इस विषय पर संवेदनशीलता अभियान कार्यक्रम के तहत गंभीर चर्चा चलाने के लिए अपनी यूनियन के सदस्यों को लामबंध किया है। चर्चा का विषय है “इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कर सकते हैं?”

उन्होंने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि “वह इस बात को सुनिश्चित करेंगे की सार्वजनिक यातायात के मजदूरों के बीच महिलाओं के प्रति आदर और सम्मान का व्यवहार हो और सभी यात्री सुरक्षित हों”।

दिल्ली स्थित अंतर्राष्ट्रीय यातायात फेडरेशन इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट फेडरेशन (आई.टी.एफ.) के एशिया- पैसिफिक ऑफिस द्वारा तैयार की गयी रिपोर्ट के अनुसार सरकार को सार्वजनिक यातायात सम्बंधित नीति का पुनर्वालोकन करने की जरूरत है। इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए आई.टी.एफ. की महिला कमेटी की अध्यक्ष ने कहा है कि “हम इस बात से वाकिफ हैं कि इस हादसे में शामिल एक आरोपी प्राइवेट बस का ड्राईवर है। यह बेहद जरूरी है कि सार्वजनिक यातायात में काम करने वाले मजदूर स्थायी मजदूर हों, व महिला और पुरुष यात्रियों के प्रति संवेदनशील हों। यह उन अस्थायी मजदूरों की तुलना में बेहतर होगा, जिनका काम करने वाली कंपनी में न तो कोई रुचि या आदर होता है, और न ही उन्हें कोई ट्रेनिंग दी जाती है”.

इस मांग को सभी मजदूर संगठनों और पार्टियों समर्थन मिलना जरूरी है, और साथ ही उन सभी लोगों का समर्थन जरूरी है जो समाज में एक सुरक्षित वातावरण बनाने के बारे में चिंतित हैं।

आपका

एस. उदयन, नई दिल्ली

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वातावरण    सुरक्षित    संवेदनशील. सार्वजनिक    यातायात    राजनेता    Jan 16-31 2013    Letters to Editor    Privatisation    Rights    

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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