टी. एस. संकरन को लाल सलाम!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्र्रीय समिति, हमारे प्यारे टी.एस. संकरन, जिन्हें पार्टी के सभी साथी प्रेमपूर्वक मामा के नाम से जानते थे, 15 दिसम्बर, 2012 को चन्नई में 86 वर्ष की उम्र में उनके निधन से, गहरे शोक में है।

इस अनुसरणीय व्यक्तित्व को सलाम करने के लिये हमारी पार्टी अपने लाल झंडे को झुकाती है, जिनकी कथनी हमेशा करनी से मेल खाती थी। उनका जीवन और काम हम कम्युनिस्टों के लिये और उन सभी के लिये सदा प्रेरणा का स्रोत रहेगा, जिनको उनके बहुमुखी जीवन के दौरान उनके साथ काम करने या बातचीत करने का मौका मिला था। अपनी पार्टी की केन्द्र्रीय समिति उनकी पत्नी और उनके प्यारे परिवार के सभी सदस्यों के प्रति हार्दिक सहानुभूति प्रकट करती है।

टी.एस. संकरन का जन्म 4 जनवरी, 1926 को एक प्रबुद्ध परिवार में हुआ था। बहुत ही सभ्य और प्रगतिशील विचारों से प्रेरित, काफी पहले से ही उन्होंने अपना जीवन अपने देश के पीडि़त और मेहनतकश लोगों पर समर्पित किया था। अपने लोक सेवा के काल में, उन्होंने केन्द्र व तमिलनाडु प्रान्तीय स्तर पर वरिष्ठ पदों पर काम किया था। मुख्य तौर पर उन्होंने श्रम मंत्रालय में काम किया था। सरकारी काम के दौरान, उन्हें हिन्दोस्तानी मज़दूर वर्ग, श्रम कानूनों की कमियां और मज़दूरों के अधिकारों के खुल्लम-खुल्ला उल्लंघनों के बारे में गहराई से पता चल गया था। महिला मज़दूर और निर्माण मज़दूर, अनियमित मज़दूर व इस तरह के अन्य मज़दूर, जिन्हें ट्रेड यूनियन अधिकारों से वंचित रखा गया है, उनकी दयनीय परिस्थिति ने उनके दिल को झकझोर दिया था। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने अपने को मज़दूरों के अधिकारों के लिये लड़ने तथा इन लक्ष्यों से जुड़े अनेक दूसरे अभियानों व संगठनों पर समर्पित किया। एक मज़दूर होने के नाते सभी मज़दूरों को अधिकार बतौर सामाजिक सुरक्षा की गारंटी के अभियान के साथ उनका नाम व काम अमिट तौर से जुड़ा है। मज़दूरों और खास तौर पर निर्माण मज़दूरों, बंधुवा मज़दूरों सहित असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के अधिकारों के बचाव की सुनिश्चिति के लिये न्यायसंगत कानूनों के लिये उन्होंने जो पहलकदमियां की और अथक संघर्ष किया, उन्हें कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। लोकतांत्रिक अधिकारों के लिये एक सच्चे योद्धा बतौर उन्हें हमेशा याद रखा जायेगा, एक ऐसा व्यक्ति जिसकी पूरी जिन्दगी और काम में रत्तीभर भी संकीर्णता नहीं पायी जा सकती है।

श्री संकरन ने कमेटी फॉर पीपुल्स एम्पावरमेंट, जो बाद में लोक राज संगठन के नाम से जाना जाने लगा, उसकी स्थापना में अमूल्य भूमिका अदा की। हिन्दोस्तानी लोगों के सबलीकरण के लक्ष्य के लिये अनेक प्रबुद्ध व्यक्तियों को संगठित करने में उन्होंने एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। लोगों के सबलीकरण का आंदोलन, श्री संकरन के व्यक्तित्व व योगदान से अभिन्न तरीके से जुड़ा है।

उन सभी को जिन्हें उनके साथ काम करने का मौका मिला है - साथी, उनके समकक्ष, नौजवान, महिलायें व लड़कियां, मज़दूर व ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता, सभी उनके महान आशावाद व जोश से प्रेरित थे, और बदले में वे भी दूसरों के अनुभवों से सीखने में बहुत रुचि रखते थे और अपना बहुमूल्य अनुभव उनके साथ बांटते थे। उनके जीवन के सभी मुश्किल पलों में उन्होंने कभी भी अपने आशावाद को नहीं छोड़ा और न ही अपनी हंसमुख मुस्कान खोई। उनकी जिन्दगी के अन्तिम वर्षों में, वे बहुत बहादुरी से जानलेवा कैंसर की बीमारी से जूझे, पर कभी भी उन्होंने अपना दुखड़ा नहीं रोया और न ही उन्होंने काम करना बंद किया।

श्री संकरन के देहावसान से हमें एक अपूरणीय नुकसान हुआ है। हमारी पार्टी की केन्द्रीय समिति इस नुकसान के गहरे दुःख को एक मजबूती में बदलेगी और एक नये समाज के निर्माण के कार्य को आगे बढ़ायेगी जिसमें असलियत में संप्रभुता लोगों के हाथों में होगी। टी.एस. संकरन का जीवन व उनका काम, पार्टी के लिये सदा एक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा!

हस्ताक्षरित

लाल सिंह

महासचिव, केन्द्रीय समिति

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी

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सहानुभूति    सबलीकरण    श्रम मंत्रालय    प्रेमपूर्वक    टी. एस. संकरन    आशावाद    अनुसरणीय    Jan 1-15 2013    Statements   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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