शिकागो के स्कूलों के शिक्षक हड़ताल पर

10 सितम्बर को सार्वजनिक स्कूलों के हजारों शिक्षक शहर के महापौर द्वारा प्रस्तावित शिक्षा सुधारों, जिन्हें ओबामा सरकार की स्वीकृति है, के विरोध में हड़ताल पर उतरे। करीब 29,000 शिक्षकों के हड़ताल पर होने की खबरें मिली हैं। जब यूनियन और स्कूल डिस्ट्रिक्ट के बीच महीनों से चल रही बातचीत में, सार्वजनिक शिक्षा सुधारों पर मतभेदों का समाधान न हो सका, तब शिक्षकों की यूनियन ने हड़ताल का आह्वान दिया।

महापौर के प्रस्ताव के अनुसार शिक्षकों के मूल्यांकन अंशतः मानकीकृत परीक्षाओं में विद्यार्थियों की उपलब्धियों से किया जायेगा और स्कूलों के प्रिंसिपल को अधिक अधिकार दिये जायेंगे। परन्तु शिक्षकों ने इसका विरोध किया है। शिक्षक यूनियन की अध्यक्ष, केरन लूईस ने प्रस्ताव की आलोचना की है और समझाया है कि मानकीकृत परीक्षाओं में विद्यार्थियों की गरीबी, भुखमरी और हिंसा की वास्तविक परिस्थिति को ध्यान में नहीं रखा जाता है, जिनसे अधिकांश विद्यार्थियों को जूझना पड़ता है। शिकागो में 80 प्रतिशत से भी अधिक विद्यार्थी कम आय वाले परिवारों से आते हैं और हड़ताल पर उतरे शिक्षकों के अनुसार, गणित और विज्ञान की परीक्षाओं में, देश के औसत के मुकाबले, अधिकांश शिकागो के विद्यार्थियों की उपलब्धि कम है। शिकागो के सार्वजनिक स्कूलों के एक-चैथाई से भी अधिक शिक्षकों को डर है कि अगर मानकीकृत परीक्षाओं से विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाता है, तो उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है। शिक्षकों की मांगों को अधिकांश विद्यार्थियों के माता-पिता ने भी समर्थन किया है।

10 सितम्बर को, लाल टी-शर्ट में अनुमानित 10,000 शिक्षक, अपने नारों की बड़ी तख्तियां हाथ में लिये, शिकागों शहर के केन्द्र में जमा हुये। लाल टी-शर्ट पहने ही करीब 20 शिक्षकों ने, हड़ताल की तख्तियां उठाये और लोकप्रिय रॉक बैंड के प्रदर्शन गीत गाते, शिकागो साऊथ साईड में स्थित ओवर्टन प्रारम्भिक स्कूल के सामने धरना दिया। आने-जाने वाली कारों ने अपना होर्न बजा कर आंदोलन का समर्थन किया। शिकागो साऊथ साईड शहर का सबसे गरीब हिस्सा है और यहां पर ज्यादा संख्या में अफ्रीकी-अमरीकी आबादी रहती है। अपने गरीब मूल के संदर्भ में राष्ट्रपति की पत्नि मिशेल ओबामा ने कई बार शिकागो साऊथ साईड का उल्लेख किया है।

सार्वजनिक स्कूलों की संख्या में शिकागो, अमरीका में तीसरे नम्बर पर है, और हड़ताल से, बालवाड़ी से लेकर उच्च स्कूलों के, करीब 3,50,000 विद्यार्थी, और साथ ही उनके परिजन प्रभावित हुए हैं।

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पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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