अपराजेय सेना नायक फिदेल को अलविदा!

Submitted by sampu on शनि, 17/12/2016 - 04:00

फिदेल कास्त्रो रूज़, क्यूबा के क्रांतिकारी नेता जिन्होंने क्यूबा के बहादुर लोगों को 1959 में अमरीकी-साम्राज्यवाद समर्थित बतिस्ता शासन के खिलाफ़ जंग में अगुवाई दी, और उसके बाद कई दशकों तक अमरीकी साम्राज्यवाद द्वारा आयोजित आर्थिक घेराबंदी, हत्या, फौज़ी हमलों के खिलाफ़ लोगों को सफलतापूर्वक लामबंद किया, उन्होंने 25 नवंबर, 2016 को अंतिम सांस ली। क्यूबा में और दुनियाभर में लोगों ने न केवल उनके जीवन और कार्य से प्रेरणा लेने के लिये कार्यक्रम आयोजित किये बल्कि इसके साथ ही उनके विचारों और कार्यों को बरकरार रखने और दुनिया में इन्साफ और शांति के लिए संघर्ष करने की भी कसमें खाईं।

26 नवम्बर, 2016 की सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया। उसके तुरंत बाद दुनियाभर से लोग हवाना के प्लाजा दे ला रेवोल्यूशन में जोस मारती मेमोरियल में उनको श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठे होने लगे। उन्होंने क्यूबा की क्रांति की उपलब्धियों की हिफाज़त करने की कसम खायी और फिदेल कास्त्रो द्वारा 1 मई, 2001 में प्रतिपादित की गयी “कांसेप्ट ऑफ रेवोल्यूशन” के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।

 

“क्रांति का मतलब है इतिहास के बारे में समझ रखना; क्रांति का मतलब है उन सभी चीजों को बदलना, जिनमें बदलाव ज़रूरी है; क्रांति का मतलब है खुद अपने प्रयास से अपनी मुक्ति हासिल करना; क्रांति का मतलब है समाज और राष्ट्र के भीतर और बाहर हम पर वर्चस्व रखने वाली ताक़तवर शक्तियों को चुनौती देना; क्रांति का मतलब है अपने मूल्यों की हिफाज़त के लिए हर कुरबानी देना; क्रांति का मतलब है सदाचार, निस्वार्थ भावना, दूसरों के हित के लिए जीना, एकजुटता और साहस; क्रांति का मतलब है बहादुरी, बुद्धिमत्ता और यथार्थ के आधार पर लड़ना; क्रांति का मतलब है नैतिक सिद्धांतों का कभी उल्लंघन न करना, कभी झूठ न बोलना; क्रांति का मतलब है यह विश्वास कि दुनिया की कोई भी ताक़त सच्चाई और विचारों की शक्ति को कुचल नहीं सकती। क्रांति का मतलब है एकता; क्रांति का मतलब है आज़ादी; क्रांति का मतलब है क्यूबा और दुनिया के लिए इन्साफ के लिए लड़ने का सपना, जो कि हमारी देशभक्ति, हमारे समाजवाद और हमारे अन्तराष्ट्रीयतावाद की बुनियाद है।”

इस तरह के कार्यक्रम क्यूबा के कई शहरों में आयोजित किये गए। 29 नवम्बर, 2016 को फिदेल कास्त्रों की याद में हवाना में जोसे मारती रेवोल्यूशन स्क्वायर पर एक रैली आयोजित की गयी। हर तरफ लोगों का जैसे समंदर उमड़ पड़ा था, जो कि फिदेल कास्त्रों के प्रति क्यूबा के लोगों के आदर, आभार और सामाजिक प्यार का प्रतीक था। 

दुनियाभर से कई देशों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने फिदेल कास्त्रों के जीवन और कार्य के प्रति अपना आदर प्रकट किया। इनमें शामिल थे - इक्वाडोर के राष्ट्रपति राफेल कोर्रेया डेलगाडो; दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा; डोमेनिका के प्रधानमंत्री और कैरीबीयन समुदाय (सी.ए.आर.आई.सी.ओ.एम.) के अस्थायी अध्यक्ष रूसवेल्ट स्केर्रित; सल्वोडोर के राष्ट्रपति सल्वोडोर सांचेज सेरेन; यूनान के प्रधानमंत्री अलेक्सिस सीप्रस; अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देल्कादर बेन्सलाह; चीन के उप-राष्ट्रपति ली युंचाओ; ईरान इस्लामी गणराज्य के कानूनी मामलों के उपराष्ट्रपति माजिद अंसारी; रूस गणराज्य की ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदीन; वियतनाम के राष्ट्रीय सभा की अध्यक्षा गुयेन थी किम गन; बोलीविया के राष्ट्रपति एवो मोरालेस आयमा; नामीबिया गणराज्य के राष्ट्रपति हेग गोटफ्राइड गेंगोब; मैक्सिको के राष्ट्रपति पेना नीतो; निकारागुआ के राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा सावेद्र; वेनेजुएला के बोलिवारियन गणराज्य के राष्ट्रपति निकोलोस मादुरो मोरोस तथा सेंट विन्सेंट के प्रधानमंत्री राल्फ गोन्ज़ालविस तथा अन्य।

30 नवंबर को जनरल राउल कास्त्रों रूज़ ने एक समारोह की अध्यक्षता की और उसके बाद अपराजित कमांडर इन चीफ फिदेल कास्त्रों रूज़ की अस्थियों को लेता हुआ एक कारवां हवाना से सेंटिआगो डे क्यूबा की ओर रवाना हुआ। जनवरी 1959 में इसी सेंटिआगो डे क्यूबा से फिदेल कास्त्रों की अगुवाई में क्यूबा के क्रांतिकारियों ने हवाना और पूरे क्यूबा को मुक्त करने के लिए विजय-यात्रा निकली थी। जैसा कि 58 वर्ष पहले हुआ था, यह यात्रा भी एक विजय यात्रा ही थी और लोगों ने फिदेल और उनके “कांसेप्ट ऑफ रेवोल्यूशन” को उसी प्यार और प्रतिबद्धता के साथ अपनाया। पूरे रास्ते लोग बड़ी तादाद में इस कारवां में शामिल हुए और अपने चहेते नायक को अंतिम बार अलविदा कहा।

3 दिसंबर, 2016 को सेंटिआगो और आस-पास के इलाकों के 3,00,000 से अधिक लोग प्लाजा डे रेवोल्यूशन अंटोनियो मकेओ में जमा हुए और अपने चहेते नायक को अलविदा कहा। क्यूबा के लोगों के कई प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर अपनी बातें रखीं और राष्ट्रपति राउल कास्त्रों रूज़ ने सभा का समापन करते हुए अपनी बात रखी।

क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रों रूज़ ने फिदेल कास्त्रों के जीवन और उनके कार्य की प्रमुख घड़ियों के बारे में बताया; उनके अंतरराष्ट्रीय कार्य; दुनियाभर के लोगों के प्रति उनकी लगन और कई वैश्विक नेताओं के साथ उनकी मित्रता के बारे में बताया।

अपने भाषण में उन्होंने कहा “फिदेल कास्त्रों की एक महत्वपूर्ण सीख है - हां हम कर सकते हैं; इंसान सबसे कठिन हालातों का सामना कर सकता है, जब तक वह हार नहीं मानता, हर एक हालात का जायज़ा लेता है और अपने महान और न्यायसंगत असूलों को नहीं त्यागता”।

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पार्टी के दस्तावेज

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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