युद्ध उन्माद के खिलाफ़ हरियाणा के गोहाना में जनसभा

Submitted by sampu on मंगल, 01/11/2016 - 17:30

23 अक्तूबर, 2016 को ‘युद्धोन्माद बंद करो - रोटी दो, शिक्षा दो, चिकित्सा दो!’ विषय पर हरियाणा के गोहाना के शहीद उधम सिंह हाल में एक जनसभा हुई। जनसभा का आयोजन जन संघर्ष मंच हरियाणा और समतामूलक महिला संगठन ने किया था।

इस सभा को डा. सी.डी. शर्मा, डा. सुनीता त्यागी, लेक्चरर सतीश भारद्वाज, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के छात्र नेता जसविंदर सिंह, अध्यापिका रितु, डा. बंसीराम गौड, रमेश अग्रवाल, नरेश विरोधिया सहित कई और वक्ताओं ने संबोधित किया।

सभी वक्ताओं ने सरकार के द्वारा पूरे देश में युद्ध उन्माद को भड़काने की कड़ी निंदा की। देशभर में मजदूर, किसान, औरत और जवान अपने मूल अधिकारों - रोजी-रोटी, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। देश के मेहनतकश लोग सरकार की मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और समाज-विरोधी

कार्यक्रम से तंग आ चुके हैं। वक्ताओं ने कहा कि इन हालतों में सरमायदार और उनकी सरकार बड़े ही सुनियोजित तरीके से देशभर में युद्ध का हौव्वा खड़ा कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि मजदूरों, किसानों और मेहनतकशों के संघर्षों को कमजोर किया जाये।

इस सभा में 14 नवम्बर, 2016 को युद्ध उन्माद के खिलाफ़ बड़े प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला भी लिया गया। जिसमें भाग लेने के लिये हजारों की संख्या में मजदूरों और किसानों को लामबंध किया जा रहा है।

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पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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