डायकिन नीमराना के मजदूरों का जुझारू संघर्ष

Submitted by sampu on मंगल, 01/11/2016 - 17:30

23 अक्तूबर, 2016 को राजस्थान के नीमराना के अम्बेडकर पार्क में डायकिन के मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन और रैली आयोजित की।

गौरतलब है कि राजस्थान के औद्योगिक जिला नीमराना में एयर कंडीशनर बनाने वाली डायकिन कंपनी का प्लांट है। यह इकलौता प्लांट है, जहाँ हर 25 सेकंड में एक एयर कंडीशनर बनकर तैयार होता है। बीते कई सालों से यहां के मजदूर यूनियन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रबंधन अगुवा मजदूरों पर लगातार हमला करते आये हैं।

21 अक्तूबर को डायकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा एक मजदूर को काम से निकाले जाने के विरोध में मजदूरों ने देर रात तक उत्पादन को बंद रखा। श्रमिक को काम पर वापस लेने की माँग को लेकर मजदूरों ने प्लांट के अंदर ही हड़ताल कर दी। प्रबंधन के द्वारा प्लांट के बाहर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती से डरे बिना प्लांट के अंदर मौजूद 1000 से भी ज्यादा मजदूर हड़ताल पर डटे रहे। उसके बाद, प्रबंधन ने त्रिपक्षीय बैठक बुलाकर मामले के निपटारे का आश्वासन दिया। तब ही, सुबह 4 बजे मजदूर प्लांट से बाहर आये।

अगले दिन प्रबंधन के साथ हुई बैठक में, प्रबंधन ने मजदूरों पर फैक्ट्री में तोड़-फोड़ करने का आरोप लगाते हुए, उनकी मांगों को अनसुना कर दिया और साथ ही उन 51 मजदूरों को काम से निकालने की धमकी भी दी, जिन्होंने यूनियन के पंजीकरण के लिए हस्ताक्षर किये थे।

Tag:    एयर कंडीशनर    डायकिन नीमराना    पंजीकरण    Nov 1-15 2016    Struggle for Rights    Privatisation    2016   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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