लोक राज संगठन की सभा

Submitted by sampu on मंगल, 01/11/2016 - 17:30

लोगों की है मांग सबको मिले सुख, सुरक्षा, रोज़गार और सम्मान!

16 अक्तूबर को पूर्वी दिल्ली के पटपड़ गंज इलाके के शशीगार्डन में लोक राज संगठन द्वारा एक जन सभा की गई। इस सभा में आस-पास की कालोनियों के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित तैयारियों को करने की जिम्मेदारी लोक राज संगठन के नौजवान स्थानीय कार्यकर्ताओं ने संभाली।

सभा को संबोधित करते हुये हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के वक्ता ने लोक राज संगठन के कार्यकर्ताओं को इतना बढ़िया कार्यक्रम आयोजित करने के लिये बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूंजीपति वर्ग जाति, धर्म और अपनी पार्टी की राजनीतिक विचारधारा के आधार पर लोगों में फूट डालते हैं, उनको आपस में बांट देते हैं। जबकि लोगों को सभी प्रकार के राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर अधिकारों के लिये संघर्ष करना चाहिये। पूंजीवादी लूट और बढ़ते शोषण के कारण मजदूर वर्ग दिन प्रति दिन ग़रीब होता जा रहा है और पूंजीपति वर्ग दुनिया के बड़े पूंजीपतियों में शामिल होते जा रहे हैं। पूंजीपतियों की तमाम पार्टियां, जैसे कि कांग्रेस पार्टी और भाजपा, उनके लिये मैनेजर का काम करती हैं। चुनाव करके लोगों को बुद्धू बनाया जाता है कि वोट डालकर आप अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं। जबकि लोगों के पास न तो प्रतिनिधि के चयन का अधिकार है, न चुने गये प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार है, न लोगों के हित में फैसले लेने का अधिकार है, न ही नीतिगत फैसले लेने का कोई अधिकार है। देश के लोग जब एक पार्टी से तंग आ जाते हैं तो पूंजीपति वर्ग उसकी जगह पर दूसरी पार्टी को ले आते हैं। इसीलिये लोगों की परिस्थिति में कोई भी बदलाव नहीं होता है।

आज हमारे देश में 150 बड़े पूंजीपति घरानों की अगुवाई में दो लाख पूंजीपतियों का राज चल रहा है। जैसा कि आज़ादी से पहले केवल 50,000 अंग्रेज 35 करोड़ हिन्दोस्तानियों पर राज करते थे, उसी प्रकार ये 150 इजारेदार घराने 125 करोड़ लोगों पर राज करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान पूंजीवादी व्यवस्था को बदलना होगा और श्रमजीवी वर्ग का राज स्थापित करना होगा। इसके लिये हमें सभी को संगठित करना होगा और अधिकारों के लिये संघर्ष को तेज़ करना होगा।

सभा को संबोधित करते हुये लोक राज संगठन के दिल्ली सचिव बिरजू नायक ने कहा कि दिल्ली की जनता के लिये कोई भी काम नहीं हो रहा है। वर्तमान में लोगों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। लेकिन केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार में रोज-ब-रोज कोई न कोई नया विवाद चल रहा है। यहां पर चुनी हुई सरकार लोगों के लिये कोई भी काम नहीं कर रही है।

उन्होंने बताया कि लोगों को पक्ष-निरपेक्ष आधार पर लोक राज समितियों में संगठित होना होगा। वर्तमान व्यवस्था में लोगों के पास कोई भी राजनीतिक अधिकार नहीं हैं, पांच साल में एक बार वोट डालने के अलावा। इसलिये लोगांे को अपने अधिकारों को पाने के लिये संगठित होना चाहिये और संघर्ष करना चाहिये।

इस अवसर पर नौजवानों के बीच क्विज़, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें आस-पास की कालोनियों के सैकड़ों बच्चों और नौजवान लड़के-लड़कियों ने हिस्सा लिया। जन सभा में प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान हासिल करने वालों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

इस सभा में लोक राज समिति शशी गार्डन का गठन किया गया।

सभा की अध्यक्षता चंद्रशेखर ने की और समापन भाषण रूपेश कुमार ने दिया। सभा को सुमित कुमार, अनिल यादव ने भी संबोधित किया। सभी ने कहा कि हमें अपने संगठन को और मजबूत करना है। लोगों को अपने अधिकारों के संघर्ष के लिये एकजुट करना है।

सभा का समापन समग्र नाट्य समूह के विकास द्वारा पेश की गई हास्य-व्यंग्य की कविताओं से एक खुशनुमा वातावरण में किया गया।

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पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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