सिरसा में एकजुट संघर्ष की जीत

Submitted by cgpiadmin on शुक्र, 27/01/2017 - 22:20

हरियाणा के सिरसा में वेदवाला के पास सात गांवों के निवासियों ने नेशनल हाइवे नंबर-9 पर अंडरपास की मांग को लेकर 18 दिसंबर को अपना धरना शुरू किया। 5 दिन के कड़े संघर्ष के बाद, 23 दिसंबर को सरकार ने उनकी मांग मान ली।

विदित है कि नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया, दिल्ली से डबवाली तक एक बाईपास हाइवे बना रही है। जिसकी वजह से गांव वेदवाला के पास से जाने वाला लिंक रोड बंद हो जायेगा। गांववासी इसे बंद न किये जाने की मांग को लेकर पिछले सात महीने से लगातार मंत्रियों और कलेक्टर से मिलते रहे हैं। लेकिन इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं कि गई।

18 दिसंबर को जब सड़क पर काम करने के लिये रोड़ी मिक्सर आया और बिना अंडर पास बनाये सड़क का काम शुरू हुआ तो लोगों ने मिलकर सभी कर्मचारियों को वापस भेज दिया और काम बंद करवा दिया और वहीं धरने पर बैठ गये।

इसे धरने की अगुवाई करने के लिये गांववासियों ने एक 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था जिसके अध्यक्ष थे मास्टर नरेन्दर सिंह। वर्तमान सरपंच के पति सर्वजीत सिंह, लोक राज संगठन के सिरसा जिले के प्रभारी कामरेड अशोक, पूर्व सरपंच सरस्वती देवी, आदि उस कमेटी में सक्रिय हैं।

वेदवाला, सिकंदरपुर, रसलपुर, दड़बी, भरोखां, संगरसाधा, थेहड़ी बाबा सावनसिंह, आदि गांवों के निवासियों के एकजुट संघर्ष ने सरकार को झुकने के लिये मजबूर किया और उन्होंने अपनी मांगों को हासिल किया।

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Jan 1-15 2017    Struggle for Rights    2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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