अतिथि शिक्षकों का संघर्ष

Submitted by cgpiadmin on शुक्र, 27/01/2017 - 22:26

पिछले दो वर्षों से सरकार दे रही है झूठे आश्वासन

21 दिसंबर को छत्रसाल स्टेडियम पर अतिथि शिक्षकों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया और उनके प्रदर्शन को तोड़ने के लिये पुलिस ने बल प्रयोग किया। यह मौका था, दिल्ली सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों के साथ संवाद। इस मौके पर पूरी दिल्ली के 11,000 अतिथि शिक्षकों को सरकार द्वारा सर्कूलर जारी करके बुलाया गया था।

अतिथि शिक्षक इस उम्मीद के साथ इस संवाद में आये थे कि सरकार की ओर दिये गये आश्वासनों को पूरा करने की घोषणा की जायेगी। लेकिन जब सरकार की ओर से केवल अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटा जाने लगा तो शिक्षकों के सब्र का बांध टूट गया। शिक्षकों ने जब सरकार से पूछा कि उनकी सैलरी कब फिक्स की जायेगी तो सरकार की ओर से बताया गया कि अभी फाईल दिल्ली के उपराज्यपाल के पास है। इस पर सभी अतिथि शिक्षक नाराज हो गये और स्टेडियम से बाहर आकर प्रदर्शन करने लगे।

 

विदित रहे कि दिल्ली के लगभग 15,000 अतिथि शिक्षक पिछले कई वर्षों से स्थाई किये जाने के साथ-साथ फिक्स वेतन, महिला शिक्षिकाओं के लिये मातृत्व अवकाश, सहित अनेक मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। परंतु दिल्ली की सभी सरकारों ने इन शिक्षकों को सालों-साल से दिहाड़ी पर रखा हुआ है।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी शिक्षकों की मांगों का पूरा समर्थन करती है तथा शिक्षकों पर पुलिस द्वारा किये गये बल प्रयोग की निन्दा करती है।

Tag:    Jan 1-15 2017    Struggle for Rights    2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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