आन्ध्र प्रदेश सरकार द्वारा नगर-निगम सेवाओं के निजीकरण का विरोध करें

Submitted by cgpiadmin on शुक्र, 27/01/2017 - 22:34

आन्ध्र प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों में ढांचागत नगर-निगम कार्यों के निजीकरण की एक योजना की घोषणा की है।

सफाई और पेयजल उपलब्ध कराने सहित, नगर संबंधी कार्यों को प्रस्तावित शहरी ढांचागत प्रबंधन कंपनी (अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट कंपनी) के सुपुर्द कराने के लिये सरकार द्वारा नगर पालिका कानून में संशोधन करने के प्रस्ताव से मज़दूर और उनकी यूनियनें बहुत गुस्से में हैं। इस कंपनी के पूरे खर्चे को वसूलने के लिये सरकार का प्रस्ताव है कि लोगों पर भारी कर लगाये जायें।

आन्ध्र प्रदेश सरकार का यह कदम निहायत जन-विरोधी है। सभी लोगों को साफ-सफाई और पेयजल उपलब्ध कराने सहित नगर-निगम सेवाएं प्रदान करना राज्य की जिम्मेदारी है। ये साम्राज्यवादी और हिन्दोस्तानी बड़े सरमायदार ही हैं जो नगर-निगम सेवाओं के निजीकरण का समाज-विरोधी अजेंडा थोपना चाहते हैं। वे लोगों के कल्याण की बलि चढ़ाकर, हर एक क्षेत्र को मुनाफ़ा बनाने का एक अखाड़ा बना देना चाहते हैं। इनमें शामिल हैं शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सार्वजनिक यातायात, बिजली, साफ-सफाई, पेय जल, इत्यादि।

नगर-निगम सेवाओं के निजीकरण के पक्ष में जनमत तैयार करने के लिये, आन्ध्र प्रदेश सरकार ने जानबूझकर शहरों और नगरों में गंदगी जमा होने दी है। उसने सफाई मज़दूरों के रिक्त स्थानों को भरने से इनकार किया है।

मज़दूर वर्ग और उनके संगठन इस मज़दूर-विरोधी और समाज-विरोधी अजेंडे को स्वीकार नहीं कर सकते। उन्हें इस अजेंडा का पर्दाफाश और विरोध करना होगा तथा खाद्य पदार्थ, कपड़े, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, साफ-सफाई, पेय जल, यातायात, बिजली समेत सभी के मानव अधिकारों की गारंटी देने की राज्य की जिम्मेदारी को  सुनिश्चित करने के लिये संघर्ष करना होगा।

Tag:    Jan 1-15 2017    Political-Economy    2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)