राजस्थान के नोहर में सिंचाई के पानी का संघर्ष

Submitted by cgpiadmin on शुक्र, 17/02/2017 - 01:22

किसानों ने उपखंड कार्यालय का किया घिराव

आंदोलन में किसानों ने जीत हासिल की

22 जनवरी, 2017 को प्रशासन के साथ हुई वार्ता में किसानों ने जीत हासिल की है। प्रशासन की ओर से बुलाई गई वार्ता में उपस्थित अधिकारियों ने सिंचाई के लिये पूरा पानी दिये जाने की मांग को मान लिया है। यह वार्ता किसान नेताओं और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता और एस.डी.एम. नोहर के बीच हुई। किसान प्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ वार्ता के बाद अपना आंदोलन को स्थगित कर दिया है। लेकिन किसान प्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी कि यदि पानी में कटौती की गई तो वे अपने आंदोलन को पुनः शुरू कर देंगे।

इस वार्ता में किसान नेताओं में से उपस्थित रहे - ओम प्रकाश सहु पूर्व सरपंच; मदन बेनीवाल अध्यक्ष, किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति; कामरेड हनुमान प्रसाद शर्मा सर्व हिन्द उपाध्यक्ष, लोक राज संगठन; जुगलाल खाती अध्यक्ष, जन वितरण समिति; अनिल लाटा पूर्व सरपंच; शेर सिंह बेनीवाल, किसान नेता; राजेन्द्र सिहाग पूर्व जिला परिषद सदस्य; सुरेन्द्र सिहाग अध्यक्ष, जन उपयोगिता संगम; साहेब राम बेनीवाल, आदि।

किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति और लोक राज संगठन की अगुवाई में 16 जनवरी को हजारों किसानों ने जिला हनुमानगढ़ के नोहर में उपखंड कार्यालय का घिराव किया। किसानों ने यह प्रदर्शन सिद्धमुख फीडर, नोहर फीडर व अमरसिंह ब्रांच को निर्धारित पानी न दिये जाने व नहरों से पानी की चोरी को रोकने की मांग को लेकर किया। हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी किसानों की इस जायज़ मांग का पूरा समर्थन करती है।

विदित रहे कि इस इलाके के किसान पिछले कई महीनों से अपने हिस्से के सिंचाई के पानी की मांग को लेकर संघर्ष करते रहे हैं। हर बार प्रशासन द्वारा समस्या को हल करने का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन कार्यवाही नहीं की गई है। इसलिये किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति आर-पार की लड़ाई के लिये हजारों किसानों को लामबंध करके संघर्ष में लाई ताकि प्रशासन, सरकार और जल विभाग के अधिकारियों को किसानों के लिये सिंचाई के पानी की मांग को पूरा करने के लिये बाध्य किया जा सके।

प्रदर्शन के लिये तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी। 16 जनवरी को सुबह से ही सभी लोग प्रदर्शन के लिये किसान विश्रामगृह नोहर में एकत्रित होने लगे। इसके बाद जुलूस के रूप में हजारों की संख्या में किसान और मजदूर उपखंड कार्यालय की ओर चले।

इस जुलूस की अगुवाई समिति के अध्यक्ष, मदन लाल बेनीवाल, कामरेड ओम सहू, लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष कामरेड हनुमान प्रसाद शर्मा, कामरेड नियामत अली, एडवोकेट राजेन्द्र सिहाग, जुगलाल खाती, कृष्ण सहारण, शेर सिंह बेनीवाल, रामगोपाल शर्मा, जेडी चैधरी, मांगे राम, अनिल लाटा, भोजराम, आदि ने की।

जब जुलूस उपखंड कार्यालय की ओर अपने पूरे जोश और आक्रोश से बढ़ रहा था, तभी पुलिस ने बैरीकेट लगाकर रास्ते में ही जुलूस को रोक दिया। नेताओं ने वहीं पर सभा की।

 

 

सभा को संबोधित करते हुये नेताओं ने बताया कि सिंचाई के लिये पूरा पानी न मिलने की वजह से इस इलाके के किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वक्ताओं ने मांग उठाई कि नोहर इलाके के लिये सिंचाई के लिये दिये जाने वाले पानी में कटौती नहीं की जानी चाहिये। पुलिस को पानी की चोरी रोकने के कदम उठाने चाहिये।

वक्ताओं ने बताया कि जो किसान पानी की चोरी को रोकने का प्रयास कर रहे हैं, उन पर हमला हो रहा है। पुलिस पानी चोरों के खिलाफ़ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। वक्ताओं ने मांग की कि ठंड और कोहरे के कारण जो फसलें बर्बाद हो गई हैं उनकी गिरदारी करवाकर तुरंत मुआवज़ा दिया जाये। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि हमारी मांगों पर इस बार ध्यान नहीं दिया गया तो हमें आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी।

इस बीच प्रशासन की ओर से किसान नेताओं को वार्ता के लिये आमंत्रित किया गया।  वार्ता के दौरान अतिरिक्त जिला कलैक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तथा समिति के पदाधिकारी मौजूद थे। समिति के नेताओं ने अधिकारियों से यह बात उठाई की उनकी मांग को सक्षम अधिकारियों के समक्ष वार्ता करके उठाया जाये, क्योंकि समाधान तो उनके आदेश के बिना नहीं हो सकता है। जब समिति के नेता उच्च अधिकारियों से ही वार्ता करने पर दृढ़ अटल रहे, तब फोन द्वारा जिला कलैक्टर और मुख्य अभियंता के साथ बातचीत करके 22 जनवरी को वार्ता तय की गई। इसके बाद सभा का समापन कर दिया गया। किसान नेताओं ने अधिकारियों को एक बार फिर चेताया कि अगर उनकी मांगों पर वार्ता सफल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज़ किया जायेगा।

Tag:    Feb 1-15 2017    Struggle for Rights    2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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