अमरीका में आप्रवासियों और मुसलमानों पर हमलों का विरोध

Submitted by bk on बुध, 01/03/2017 - 13:00

पूरे अमरीका में चारों तरफ जन-विरोध फूट पड़ा है। न्यू यॉर्क, शिकागो, लॉस एन्जीलिस और अन्य शहरों में आप्रवासियों, मुसलमानों और युद्ध की वजह से अपने देश से पलायन कर रहे लोगों के अधिकारों की हिफाज़त में लाखों लोग सड़कों पर उतर आये हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि कोई भी इंसान गैर कानूनी नहीं है!

अमरीका में ट्रम्प प्रशासन द्वारा तीन कार्यकारी आदेशों के तुरंत बाद यह जन-विरोध सड़कों पर फूट पड़ा है। 25 जनवरी को जारी पहले दो आदेशों के तहत उन सभी आप्रवासियों, जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं” उनकी पहचान करके, उनको गिरफ्तार किया जा रहा है, शरणार्थी-स्थल शहरों को केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता रोक दी गयी है। शरणार्थी-स्थल शहर उन शहरों के प्रशासन को कहा जा रहा है, जिन्होंने केंद्र सरकार के साथ इन फासीवादी कानूनों को लागू करने और ऐसे आप्रवासियों, जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं”, उनका पीछा करने में मदद देने से इंकार किया है।

27 जनवरी को जारी तीसरे आदेश के तहत, ईरान, इराक, लिबिया, सिरिया, सोमालिया, सूडान व यमन से आये किसी भी व्यक्ति पर, जो अमरीका का नागरिक नहीं है, अमरीका में उसके प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इस आदेश के तहत अमरीका में सभी शरणार्थियों के प्रवेश पर पाबंदी लगायी गयी है। जबकि न्यायालय ने इन आदेशों पर रोक लगा दी है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऐलान किया है कि वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए आदेश जारी करेंगे।

नस्लवादी और अंधराष्ट्रवादी आधार पर लोगों पर हमले करने का अमरीकी राज्य का पुराना इतिहास है, जबकि वह खुद का प्रचार आप्रवासियों की भूमि” के नाम से करता है। दुनियाभर से आये आप्रवासी मज़दूरों पर आरोप लगाया जा रहा है कि वे अमरीकी लोगों की नौकरी छीन रहे हैं। वे अपने अत्याधिक शोषण की हालतों को बर्दाश्त करते रहते हैं क्योंकि उन पर गिरफ्तारी का और अपने देश वापस भेजे जाने का, खतरा मंडराता रहता है। अमरीका के हुक्मरान, अलग-अलग समय पर, अलग-अलग समुदाय के लोगों पर हमला करते रहते हैं और अमरीकी लोगों पर लगातार अश्वेतों” के बारे में एंग्लो-सैक्सन अंधराष्ट्रवादी और नस्लवादी नज़रिया थोपते रहते हैं।       

अमरीकी मज़दूर वर्ग और लोगों में कई राष्ट्रीयताओं के लोग शामिल हैं। इनमें से अधिकांश लोग पिछली 3 सदियों के दौरान यहां आकर बसे हैं। इनमें लाखों ऐसे लोग हैं जो हिन्दोस्तान और पाकिस्तान से आये हैं और अमरीका में अपना घर बनाया है। न्यू यॉर्क और अमरीका के अन्य शहरों के टैक्सी चालक - जिनमें से अधिकांश मूल रूप से हिन्दोस्तानी या पाकिस्तानी हैं, आप्रवासी लोगों और शरणार्थी लोगों के समर्थन और एकजुटता में हड़तालें आयोजित कर रहे हैं। यह दिखाता है कि सही मायने में सभी के अधिकारों की हिफाज़त करने का मतलब है, एक पर हमला, सब पर हमला!

केवल वर्ष 2012 में ही 4,00,000 लोगों को देश के बाहर निकला गया। वर्तमान में लगभग 86,000 लोगों के खिलाफ़ अमरीका से बाहर निकल जाने के आदेश हैं, लेकिन वे अभी पुलिस की हिरासत में नहीं हैं। डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद से आप्रवासियों पर हमले बेहद बढ़ गए हैं। लातिनी अमरीका, एशिया और अफ्रीका से आये लोगों के खिलाफ़ बढ़ते नस्लवादी हमलों की कई खबरें आई हैं। कई शहरों से पुलिस द्वारा लोगों को प्रताड़ित किये जाने की खबरें भी आ रही हैं।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार मैक्सिको से आने वाले आप्रवासियों को रोकने के लिए मैक्सिको और अमरीका की सीमा पर दीवार का निर्माण करेगी। मैक्सिको की सरकार ने अमरीका में बसे मैक्सिकी समुदाय के लोगों को आगाह किया है कि “वे सावधानी बरतें और अपने नजदीकी मैक्सिको दूतावास से साथ संपर्क बनाये रखें”।

आप्रवासी कानूनी संसाधन केंद्र के मुताबिक अमरीका के कम से कम 39 शहरों और 364 काउंटियों ने आप्रवासियों से संबंधित केंद्रीय कानूनों को लागू करने से इंकार कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा कार्यकारी आदेश जारी करने का एक मकसद यह भी है की वह स्थानीय प्रशासन को अपनी बात मनवाने के लिए बाध्य कर सके। इन आदेशों की वजह से केंद्रीय, राज्य और स्थानीय प्रशासन में टकराव बढ़ने जा रहे हैं। इस बात का भी खतरा है कि हुक्मरान वर्ग पूरे देश को गृहयुद्ध में धकेल सकता है। अमरीका के लोग और पूरी दुनिया के लोग इस वक्त ऐसी खतरनाक हालत का सामना कर रहे हैं।

आतंकवाद और इस्लामी रूढ़ीवाद से लड़ने के नाम पर अमरीकी साम्राज्यवादी अपने देश के भीतर फासीवादी हमले और दूसरे देशों में सत्ता परिवर्तन” के लिए जंग और षड्यंत्र को जायज़ ठहराने की कोशिश करते आये हैं। लेकिन अब इसका पूरी तरह से पर्दाफाश हो रहा है और लोग यह समझ रहे हैं कि आतंकवाद से लड़ना बस एक फरेब है।

यह सभी जानते हैं कि अमरीकी खुफिया एजेंसी सी.आई.ए. तमाम आतंकवादी गुटों जैसे कि अल-कायदा और आई.एस.आई.एस. का गठन करती है, उनको प्रशिक्षण, हथियार और पैसा देती है। खुद राष्ट्रपति ट्रम्प ने ओबामा और हिलेरी क्लिंटन पर इल्जाम लगाया था कि उन्होंने ही आई.एस.आई.एस. को पैदा किया था। हवाई के एक सिनेटर ने अमरीकी सिनेट में एक बिल पेश किया है, जिसमें पूछा गया है कि दुनिया भर में सी.आई.ए. आतंकवादी गुटों को क्यों प्रशिक्षण देती है। इन देशों के नागरिकों और यहां से आ रहे शरणार्थियों पर किये जा रहे हमलों को लेकर अमरीका के मज़दूर वर्ग और लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।

आज अमरीका में लोगों और सत्ता के बीच अधिकारों के सवाल पर एक बड़ी टक्कर हो रही है। अमरीकी मज़दूर वर्ग और लोग शणार्थियों और आप्रवासियों को अमरीकी राज्य द्वारा गुनहगार साबित किये जाने की कोशिश को पूरी तरह से ठुकरा रहे हैं। वे लोग रंग और राष्ट्रीय पहचान के आधार पर नागरिकता और अधिकारों की परिभाषा करने की दकियानूसी नस्लवादी धारणा को मानने से इंकार कर रहे हैं। उनके इस न्यायपूर्ण संघर्ष को पूरी दुनिया के मज़दूर वर्ग और दबे-कुचले लोगों के समर्थन की बेहद ज़रूरत है।

Tag:    आप्रवासियों    इंसान गैर कानूनी    ट्रम्प प्रशासन    Mar 1-15 2017    World/Geopolitics    2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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