सिरसा, हरियाणा में लोक राज संगठन की विचार गोष्ठी

Submitted by cgpiadmin on शनि, 01/04/2017 - 17:25

हरियाणा लोक राज संगठन ने 19 मार्च, 2017 को सिरसा के विश्नोई धर्मशाला में एक विचार गोष्ठी आयोजित की। लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, लोक राज संगठन की हरियाणा इकाई के सचिव दुनीचंद और ऑल इंडिया कर्मचारी महासंघ के प्रधान एम.एल. सहगल ने गोष्ठी की अध्यक्षता की।

श्री दुनीचंद ने लोक राज संगठन के उद्देश्य और काम के बारे में विस्तारपूर्वक समझाया। अनेक उदाहरणों से उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और प्रक्रिया के चलते, देश की जनता को राज्य सत्ता से बाहर रखा जाता है। अपने प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराने, वापस बुलाने और प्रमुख फैसले लेने का अधिकार लोगों के पास नहीं है। उन्होंने बताया कि 150 हिन्दोस्तानी इज़ारेदार पूंजीपतियों का देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर कब्ज़ा है। सरकार चाहे कांग्रेस पार्टी की हो या भाजपा की, दोनों इन्हीं पूंजीपतियों के एजेंडा को लागू करती हैं। लोक राज संगठन लोगों को काम की जगहों पर और रिहायशी इलाकों में, अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए लामबंध कर रहा है। उन्होंने एक ऐसे समाज का निर्माण करने के लिए लोगों से आह्वान किया, जिसमें लोग सच्चे मायने में आज़ाद हों, खुद अपना शासन करने और प्रमुख फैसले लेने के काबिल हों।

Sirsa meeting

अन्य वक्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था का खुलासा किया और अनेक उदाहरणों से यह साबित किया कि इसमें मेहनतकश लोगों के अधिकारों का सुनियोजित तरीके से हनन होता है। बेरोज़गारी और मज़दूरों की कठिनाइयों के बारे में बातें रखी गयीं। लोगों को धर्म और जाति, आदि के आधार पर बांटने की हुक्मरानों की कोशिशों की कड़ी निंदा की गयी। यह साफ-साफ समझाया गया, कि चुनावों से जनता का मत प्रकट नहीं होता है। वक्ताओं ने लोक राज संगठन के कार्यों की सराहना की।

गोष्ठी का समापन करते हुए, कामरेड हनुमान प्रसाद शर्मा ने सभी से आह्वान किया कि लोगों के बीच में जाकर उन्हें जागरुक करें और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष में लोगों को लामबंध करें।

जन संघर्ष मंच हरियाणा, तर्कशील सोसाइटी, ऑल इंडिया कर्मचारी महासंघ और जन चेतना मंच, जाखल के कार्यकर्ताओं ने गोष्ठी में भाग लिया और उत्साहजनक चर्चा में योगदान दिया।

Tag:    लोक राज संगठन    राजनीतिक व्यवस्था    Apr 1-15 2017    Struggle for Rights    Privatisation    2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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