जन संघर्ष मंच हरियाणा का सम्मेलन :

Submitted by cgpiadmin on शनि, 01/04/2017 - 18:28

शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि

Kurukshetra meeting 27 फरवरी, 2017 को शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के 87वें शहादत दिवस पर जन संघर्ष मंच हरियाणा का 6ठा प्रांतीय सम्मलेन कुरुक्षेत्र में आयोजित किया गया। मंच के प्रांतीय अध्यक्ष श्री फूल सिंह ने सभा की अध्यक्षता की। मंच के सलाहकार डा. सी.डी. शर्मा मुख्य अतिथि थे। सभा को संबोधित करने वाले अन्य वक्ता थे शहीद भगत सिंह दिशा मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्यामसुन्दर, छात्र संगठन एस.ओ.एस.डी. की संयोजिका कविता विद्रोही, समता मूलक महिला संगठन की संयोजिका डा. सुनीता त्यागी, मज़दूर सहयोग केंद्र के नेता रामनिवास और इंकलाबी मज़दूर केंद्र के नेता नागेन्द्र।

वक्ताओं ने राज करने वालों की, धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की नीति की कड़ी निंदा की। आज एस.वाई.एल., आरक्षण, आदि जैसे मुद्दों के ज़रिये लोगों को आपस में लड़वाकर, मुख्य मुद्दों से उनका ध्यान हटाया जा रहा है, ऐसा उन्होंने कहा। सरकार की नीतियों का विरोध करने वालों को देशद्रोही करार दिए जाने की निंदा की। दलितों पर अत्याचारों का उदाहरण देते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के तथाकथित दलित प्रेम का पर्दाफाश किया। मुसलमान समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव और उनके उत्पीड़न के लिए उन्होंने सरकार और प्रशासन को दोषी ठहराया। इसमें कश्मीर और उत्तर पूर्व में सुरक्षा बलों द्वारा जनता पर किये जा रहे अत्याचार की कड़ी निंदा की गयी।

छात्र संगठन एस.ओ.एस.डी. के नेता ने दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ गुंडागर्दी और उन पर पुलिस दमन की कड़ी निंदा करते हुए, शिक्षा के व्यापारीकरण और बोलने की आज़ादी के हनन का डटकर विरोध करने का बुलावा दिया। समता मूलक महिला संगठन के नेता ने हरियाणा तथा पूरे देश में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा की भत्र्सना करते हुये कई उदाहरण दिए, कि कैसे सरकार, पुलिस और न्यायपालिका अपराधियों के खिलाफ़ कार्यवाही करने की बजाए, उन्हें बचाने में लगी हुयी हैं। मज़दूर सहयोग केंद्र के नेता ने मारुती के मज़दूरों पर कत्ल के झूठे केस बनाकर बीते चार वर्षों में उनके उत्पीड़न की निंदा की। श्रम कानूनों में बदलाव, मज़दूर आन्दोलनों पर दमन और मज़दूरों के अधिकारों के हनन के खिलाफ़ एकजुट संघर्ष का आह्वान दिया गया। मनरेगा मज़दूर यूनियन के नेता नरेश कुमार ने कविता के माध्यम से मज़दूरों की दुर्दशा का विवरण दिया।

जन संघर्ष मंच हरियाणा व श्रमजीवी संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय सचिव कामरेड सोमनाथ ने हरियाणा की सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ़ आन्दोलन तेज़ करने का आह्वान किया।

सभा को समाप्त करते हुए, अध्यक्ष ने सभी से आह्वान किया कि चन्द्रशेखर आज़ाद के सपने, समाजवादी समाज की स्थापना के सपने, को साकार करने के लिए संघर्ष तेज़ करें।

Tag:    शहीद चंद्रशेखर आज़ाद    जन संघर्ष मंच हरियाणा    Apr 1-15 2017    Political-Economy    Rights     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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