शहीद भगत सिंह का आह्वान

Submitted by cgpiadmin on सोम, 17/04/2017 - 19:05

संपादक महोदय,

16-31 मार्च के अंक में प्रकाशित पार्टी के बयान, “शहीद भगत सिंह का आह्वान-हिन्दोस्तान की धरती पर क्रान्ति तथा समाजवाद के लिए काम करें!”, को पढ़ा। मुझे यह लेख बहुत बढ़िया, प्रेरणादायी और रोंगटे खड़े करने वाला लगा।

भगत सिंह और उनके साथी ऐसा राज्य बनाना चाहते थे जहां इंसान का इंसान द्वारा शोषण न हो। उन्होंने कहा था कि हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक कुछ मुट्ठीभर लोग, चाहे वे विदेषी हों या देषी, हमारे लोगों के श्रम तथा संसाधनों का शोषण करते रहेंगे। हिन्दोस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के घोषणापत्र ने बताया था कि इंक़लाब का मकसद है एक ऐसा हिन्दोस्तानी संयुक्त राष्ट्र संघ बनाना जो बर्तानवी राज्य के खिलाफ़ इकट्ठे हुए सभी राष्ट्रों, राष्ट्रीयताओं तथा लोगों के संप्रभु अधिकारों का आदर करेगा।

हमारे देश में आज 150 इज़ारेदार पूंजीपति घराने, देष की नीतियां तय करते हैं। यही पूंजीपति 130 करोड़ मेहनतकश आबादी का शोषण करके और अमीर बनते हैं। हिन्दोस्तानी राज्य राष्ट्रीय अधिकारों का दमन करता है। आज हमारे युवक अपनी आवाज़ बुलंद नहीं कर सकते। अपने हक़ों के लिये लड़नेवाले मारुती-सुजुकी मज़दूरों को आजीवन कारावास की सज़ा दी जाती है।

संक्षेप में यही निष्कर्ष निकलता है कि शहीद भगत सिंह और उनके साथियों के दिखाये हुये समाजवाद के रास्ते पर हमें चलना होगा। यह संघर्ष जारी रखकर ऐसे हिन्दोस्तानी राज्य का निर्माण करना होगा जिसके लिये भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारियों ने कुर्बानी दी थी।

इंक़लाब ज़िन्दाबाद!

राजेश, मुम्बई

Tag:    Apr 16-30 2017    Letters to Editor    History    2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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