अमरीका ने सिरिया के खिलाफ़ हवाई हमलों की शुरुआत की :

Submitted by cgpiadmin on सोम, 17/04/2017 - 19:19

सिरिया में बढ़ते अमरीकी सैन्य हस्तक्षेप की निंदा करें

अमरीका ने 6 अप्रैल, 2017 को सिरिया पर आपराधिक हमला शुरू किया। होम्स प्रांत के शैरत हवाई क्षेत्र में सिरिया की वायुसेना को निशाना बनाते हुये, पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात अमरीकी विध्वंसक युद्धपोत से 59 क्रूज मिसाइलें छोड़ी गईं। आई.एस.आई.एस. के नियंत्रण में आने वाले विभिन्न शहरों को आज़ाद कराने के लिए सिरियाई सेना की लड़ाई में इस हवाई क्षेत्र की एक प्रमुख भूमिका रही है। इन हमलों में पास के गांवों के पांच बच्चों सहित कम से कम 9 नागरिक मारे गए और इनके अलावा 5 सैनिक मारे गए।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इन हमलों को यह कह कर उचित ठहराया है कि सिरियाई सरकार अपने ही लोगों के खिलाफ़ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। इससे पहले 4 अप्रैल को, समाचार एजेंसियों ने विद्रोही सैन्य अड्डों पर सिरियाई वायुसेना द्वारा बमबारी के दौरान गैस भंडारण टैंक के फटने से महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों की हुई पीड़ादायक मौत का व्यापक रूप से प्रचार किया था। सभी सबूत रासायनिक हथियार विद्रोही बलों के नियंत्रण में होने का संकेत करते हैं। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि रासायनिक हथियार को विद्रोहियों द्वारा जानबूझकर छोड़ा गया था ताकि अमरीका द्वारा सैन्य हस्तक्षेप को बढ़ाने के लिए बहाने मिल सकें। ऐसा पहले 2013 में भी हुआ था और बाद में यह साबित हुआ कि ये विद्रोही बल ही थे जो रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे जबकि इसका दोषी सिरियाई सरकार को ठहराया गया।

सिरिया की सरकार ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह आई.एस.आई.एस. और अन्य विद्रोही समूहों सहित किसी के खिलाफ़ कभी भी रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगी। अपने हवाई क्षेत्र पर अमरीका के मिसाइल हमलों के साथ-साथ थल सैनिकों द्वारा किये गये आक्रमणों की उसके द्वारा की गई निंदा जायज़ है।

ये मिसाइल हमले सिरिया में अमरीकी सैन्य हस्तक्षेप में एक गंभीर वृद्धि को दर्शाते हैं। सिर्फ एक हफ्ते पहले, अमरीका ने सिरिया पर ज़मीन से आक्रमण शुरू किया, जिसमें करीब 1000 सैनिकों ने इराक में स्थित अमरीकी सैनिक अड्डे से होते हुए सिरिया की सरकार के खिलाफ़ लड़ रहे विद्रोही समूहों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में प्रवेश किया। रिपोर्टें आई हैं कि आने वाले हफ्तों में उत्तरी सिरिया में 1500 और सैनिक तैनात किये जायेंगे।

सिरिया में अमरीकी हस्तक्षेप ऐसे समय में बढ़ रहा है जब सिरियाई सेना दिसंबर से आई.एस.आई.एस. और अन्य विद्रोही बलों से अलप्पो और अन्य शहरों को मुक्त कराने में सफल रही है। अमरीका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उत्तरी सिरिया के इलाके जो कि अमरीका और तुर्की द्वारा समर्थित विद्रोही बलों के नियंत्रण में हैं, वे सिरिया के नियंत्रण में वापस न चले जायें।

अमरीका का तात्कालिक उद्देश्य सिरिया की सेना द्वारा राक्का की मुक्ति को रोकना है। राक्का सिरिया का ऐसा आखिरी शहर है जो आई.एस.आई.एस. के नियंत्रण में है। 18 मार्च को, सिरिया के राष्ट्रपति बशर अल अस्साद ने घोषणा की, कि यदि विदेशी हस्तक्षेप नहीं हुआ होता तो “कुछ ही महीनों” में युद्ध खत्म हो जाता।

अमरीकी रणनीति है, सिरिया के विभिन्न क्षेत्रों को हड़पकर, उन तमाम सशस्त्र गुटों को इन क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना, जिनके अमरीका के साथ गठबंधन हैं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुलेआम घोषणा की है कि अमरीका सिरिया में तथाकथित “सुरक्षित क्षेत्र” का निर्माण करेगा, जिसके लिए खाड़ी के देशों को भुगतान करना होगा। अमरीका अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में तुर्की के साथ तालमेल कर रहा है।

सिरिया की सरकार और उसके सहयोगी रूस के प्रवक्ताओं ने खुलेतौर पर घोषणा की है कि सिरिया पर अमरीका द्वारा हमलों का उद्देश्य है, सिरिया में आई.एस.आई.एस. और अन्य आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देना, जो सिरियाई सरकार की सेनाओं के हाथों एक के बाद एक हार का सामना कर रहे हैं।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी अमरीकी साम्राज्यवाद द्वारा सिरिया की संप्रभुता के इस खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन की निंदा करती है।

Tag:    हवाई हमलों    सैन्य हस्तक्षेप    Apr 16-30 2017    World/Geopolitics    Rights     War & Peace     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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