कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय पर मई दिवस मनाया

Submitted by cgpiadmin on सोम, 01/05/2017 - 14:27

दिल्ली स्थित कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय पर 1 मई, 2017 को लाल झंडा फहराकर मई दिवस मनाया गया। सभा की शुरुआत में महिला कामरेड ने लाल झंडा फहराया और मौजूद लोगों ने इंकलाब ज़िन्दाबाद!, मई दिवस ज़िन्दाबाद!, शिकागो के शहीदों को लाल सलाम!, हम हैं इसके मालिक, हम हैं हिन्दोस्तान, मजदूर, किसान औरत और जवान!, के नारों के साथ लाल झंडे को सलाम किया। झंडा फहराने के बाद एक गीत पेश किया गया जिसके बोल थे - ‘कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी ने ललकार लगाई है, वर्षों के कुचली जनता की आस आयी है...’।

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मंच का संचालन कामरेड प्रदीप ने किया। कामरेड बिरजू ने अपने संबोधन में कहा कि मई दिवस के संघर्ष के कारण ही दुनिया में मज़दूरों को 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन का अधिकार मिला। इससे पहले मज़दूर 18 से 20 तक घंटे काम किया करते थे। उनके लिये किसी प्रकार के कोई भी मानव अधिकार नहीं थे।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि मई दिवस दुनिया के मज़दूरों के लिये महान दिन है। देश में लाखों-लाखों मज़दूर सड़कों पर उतर कर पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ़ अपने संघर्ष को और तेज़ कर रहे हैं। वे पूंजीपतियों के शोषण का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। मारुति के मज़दूरों का संघर्ष दिखाता है कि अदालत, पुलिस, कांग्रेस पार्टी और भाजपा जैसी पार्टियां पूंजीपतियों की सेवा में काम करती हैं। मारुति के बेगुनाह मज़दूरों को सालों-साल जेल में बंद रखा, और उनमें से 13 मज़दूरों को उम्रकैद की सज़ा दी गई। मज़दूर अपने अधिकारों की हिफाज़त में अलग-अलग जगहों पर, औद्योगिक इलाकों, रिहायषी बस्तियों, काम की जगहों पर, मजदूर एकता समितियां व मजदूर परिषदें बना रहे हैं, अपने अधिकारों के संघर्ष को और तेज़ कर रहे हैं। इसका ही नतीजा है कि पिछले साल 2 सितम्बर की हड़ताल में करोड़ों मज़दूर इस व्यवस्था के खिलाफ़ सड़कों पर उतरे। मज़दूर वर्ग के बीच बनी इस एकता को तोड़ने के लिये, पूंजीपति वर्ग नस्लवादी, सांप्रदायिकतावादी और फासीवादी हमले फैला रहा है।

ट्रेड यूनियनों, कम्युनिस्ट पार्टियों और जनवाद पंसद लोगों की यह जिम्मेदारी है कि वे इन बन रही मज़दूर एकता समितियों और मज़दूर एकता परिषदों को मजबूत करें और ऐसी ही नई समितियों और परिषदों को बनायें और मजबूत करें। वर्तमान पूंजीवादी तंत्र को बदलकर उसकी जगह पर समाजवादी व्यवस्था का निर्माण करना होगा। ऐसी व्यवस्था ही मजदूरों, किसानों, औरतों और जवानों को सुख और सुरक्षा प्रदान कर सकती है। ऐसे संस्थान बनाने होंगे जो मज़दूरों, किसानों और मेहनतकष लोगों के प्रति जवाबदेही होंगे।

अंत में कामरेड शिवा जी ने हाल में हुये दिल्ली नगर निगम चुनावों के अनुभव को बताया कि चुनाव में पूंजीपति वर्ग तय करता है कि किसको जीताना है। पूंजीवादी व्यवस्था और पूंजीपति वर्ग चुनावों के दौरान घपलेबाजी अपनी करके पसंद की पार्टी को जिताती है।

सभा का समापन क्रांतिकारी नारों और क्रांतिकारी गीत ‘देखो रंग बदल रहा है आसमान...’ के साथ हुआ।

Tag:    मई दिवस    लाल झंडा    May 1-15 2017    Voice of the Party    Rights     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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