मई दिवस पर पूरे हिन्दोस्तान में शानदार प्रदर्शन

Submitted by cgpiadmin on गुरु, 11/05/2017 - 08:27

दिल्ली में सभी ट्रेड यूनियनों का संयुक्त प्रदर्शन

1 मई, 2017 को अंतर्राष्ट्रीय मई दिवस के अवसर पर, दिल्ली की ट्रेड यूनियनों की संयुक्त मई दिवस कमेटी की अगुवाई में, रामलीला मैदान से चांदनी चोक स्थित टाउन हाल तक एक शानदार प्रदर्शन निकाला गया, जिसके अंत में जोशभरी जनसभा हुई।

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संयुक्त मई दिवस रैली में मज़दूर संगठनों के नेतागण पुरानी दिल्ली की गलियों से गुजरती संयुक्त मई दिवस रैली

विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों ने लाल झंडों और अपने यूनियनों के बैनरों के साथ हिस्सा लिया। बैंक व बीमा कर्मियों, परिवहन कर्मियों, रेल कर्मियों, सफाई कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों, औद्योगिक श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों सहित आंगनवाड़ी श्रमिकों, आशा श्रमिकों और मिड-डे-मील जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के श्रमिकों ने भाग लिया। भारी संख्या में छात्र और नौजवान भी उपस्थित थे। प्रदर्षन से पूर्व, रामलीला मैदान में जन नाट्य मंच ने एक जोशीला नुक्कड़ नाटक पेष किया।

राज्य की मज़दूर-विरोधी, राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी नीतियों के खिलाफ़ अपना गुस्सा प्रकट करते हुए, श्रमिकों ने अपने हाथों में बैनर और प्लाकार्ड उठाये हुए थे, जिन पर लिखा था - ‘मई दिवस ज़िन्दाबाद!’, ‘पूंजीवाद मुर्दाबाद!’, ‘इंक़लाब ज़िन्दाबाद!’, ‘निजीकरण पर रोक लगाओ!’, ‘देश की दौलत पैदा करने वालों को देश का मालिक बनना होगा!’, ‘एक पर हमला, सब पर हमला‘, ‘मारुति-सुजुकी के मज़दूरों पर से झूठे मुकदमे वापस लो!’, ‘जल, बिजली और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन हमारा अलंघनीय अधिकार - इसमें हुए निजीकरण को तुरंत खारिज किया जाए!’, ‘बिना अपवाद सभी मज़दूरों को श्रम कानूनों के दायरे में लाया जाए!’, स्थायी और सालभर के काम के लिए ठेकेदारी नहीं चलेगी!’ ‘यह लोकतंत्र नहीं, पूंजीवादी तंत्र है!’ इत्यादि।

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दिल्ली के रामलीला मैदान से शुरू हो रहा संयुक्त प्रदर्शन चांदनी चौक में मई दिवस की जनसभा

इन्हीं नारों को बड़े उत्साह के साथ बुलंद करते हुए, प्रदर्शन ने पुरानी दिल्ली के घने रिहायशी और व्यापारिक इलाकों - अजमेरी गेट, कटरा बरियां, फतेहपुरी मस्जिद से गुजरते हुए, लगभग पांच किलोमीटर का रास्ता तय किया। श्रमिकों के जोरदार नारों और जोश ने लोगों को आकर्षित किया।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मई दिवस पर पार्टी द्वारा जारी बयान की हजारों प्रतियों को बांटा और मजदूर एकता लहर अखबार की प्रतियों का वितरण किया।

प्रदर्शन टाउन हाल पर पहुंचकर एक विशाल जनसभा में बदल गया। जनसभा का संचालन का. जे.पी. शर्मा (ए.आई.बी.ई.ए.), का. अरुण शर्मा (ए.आई.आर.एफ.) और रघु नदंन (बी.ई.एफ.ई.) ने किया।

विभिन्न ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने शिकागो के अमर शहीदों को याद करते हुए, क्रांतिकारी अभिवादन पेश किया। उन्होंने, केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों की जन-विरोधी, राष्ट्र-विरोधी और श्रमिक-विरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने धर्म और जाति के आधार पर श्रमिकों की एकता को तोड़ने की पूंजीपतियों और उनकी सरकारों की कोशिशों से श्रमिकों को चैकन्ना रहने को कहा। उन्होंने, घोषित न्यूनतम वेतन लागू करने, मारुति के मज़दूरों की उम्रकैद की सज़ा के फैसले वापस लेने और लंबे समय से ट्रेड यूनियनों द्वारा रखी गई मांगों को फौरन पूरा करने की सरकार से मांग की। वक्ताओं ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि देशभर में पूंजीपतियों के हमलों के खिलाफ़ मज़दूरों की एकता और संघर्ष बढ़ रहे हैं। परंतु इस एकता और बढ़ते संघर्ष को तोड़ने के लिए पूंजीपति वर्ग और उसकी सरकारें पुरजोर कोशिश कर रही हैं। हमें इन कोशिशों को नाकामयाब करना होगा और खुद समाज का मालिक बनने के नज़रिये से अपने संघर्ष को तेज़ करना होगा।

सभा को संबोधित करने वालों में थे - ए.आई.सी.सी.टी.यू. से का. संतोष राय, एटक से का. डी.एल. सचदेवा, ए.आई.यू.टी.यू.सी. से का. आर.के. शर्मा, सीटू से का. अनुराग सक्सेना, एच.एम.एस. से का. नारायण सिंह, एम.ई.सी. से का. संतोष कुमार, टी.यू.सी.सी. से का. ए.के. मिश्रा और यू.टी.यू.सी. से का. असीत गांगुली।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय पर मई दिवस समारोह

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ग़दर पार्टी के मुख्यालय पर मई दिवस का समारोह

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय पर 1 मई, 2017 को लाल झंडा फहराकर मई दिवस मनाया गया। सभा की शुरुआत में महिला कामरेड ने लाल झंडा फहराया और मौजूद लोगों ने इंकलाब ज़िन्दाबाद!, मई दिवस ज़िन्दाबाद!, शिकागो के शहीदों को लाल सलाम!, हम हैं इसके मालिक, हम हैं हिन्दोस्तान, मज़दूर, किसान औरत और जवान!, के नारों के साथ लाल झंडे को सलाम किया। एक गीत पेश किया गया जिसके बोल थे -‘कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी ने ललकार लगाई है, वर्षों के कुचली जनता की आस आयी है...’।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के वक्ता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मई दिवस, अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के महत्व को याद दिलाता है। देशभर में और सारी दुनिया में पूंजीवादी और साम्राज्यवादी व्यवस्था के खिलाफ़ मज़दूरों के बढ़ते संघर्षों का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें पूंजीवादी व्यवस्था को खत्म करने और मज़दूरों का राज स्थापित करने के दृष्टिकोण से अपना संघर्ष आगे बढ़ाना होगा। मज़दूरों का राज ही समाज को वर्तमान संकट से निकाल सकता है और सभी को अपने अधिकार तथा खुषहाली और सुरक्षा दिला सकता है।

सभा का समापन क्रांतिकारी नारों और क्रांतिकारी गीत ‘देखो रंग बदल रहा है आसमान का...’ के साथ हुआ।

रुद्रपुर, उत्तराखंड में मई दिवस मनाया गया

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रुद्रपुर, उत्तरांचल में मई दिवस की सभा

1 मई, अन्तर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा, ऊधम सिंह नगर ने स्थानीय सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में सभा आयोजित की और सिडकुल से रोडवेज़ बस स्टैंड तक जुलूस निकाला।

सभा को संबोधित करते हुए, वक्ताओं ने कहा कि 1886 के शिकागों के शहीदों ने जिस 8 घण्टे काम के हक के लिए कुर्बानी दी थी, लम्बे संघर्षों के दौरान जो अधिकार हासिल हुए थे, आज उन्हें छीनने का दौर तेज़ हो गया है। उन्होंने गैरकानूनी ठेकेदारी प्रथा और ट्रेनी के धन्धे के ज़रिये, यूनियन बनाने के हक़ पर हमलों के ज़रिये मज़दूरों के बढ़ते शोषण की भत्र्सना की।

सभा में न्यूनतम वेतन 18 हजार करने, श्रम कानूनों में मज़दूर-विरोधी बदलाव बन्द करने, मारुति, प्रिकॉल, गर्जियानो आदि के मज़दूरों की उम्रकैद की सज़ा को खत्म करने, ठेका प्रथा की समाप्ति और समान काम के लिये समान वेतन देने, यूनियनों को मान्यता देने, स्थाई काम के लिये स्थाई मज़दूर रखने, फैक्ट्रियों की बन्दी व शिफ्टिंग पर रोक लगाने, आदि मांगें उठायी गयी।

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अंबाला में मई दिवस सभा

कार्यक्रम में ब्रिटानिया श्रमिक संघ, राने मद्रास इम्प्लॉइज यूनियन, महिन्द्रा सी.आई.ई. श्रमिक संगठन पन्तनगर, महिन्द्रा सी.आई.ई. लालपुर, डेल्फी टी.वी.एस. संयुक्त कर्मकार यूनियन, थाई सुमित नील ऑटो कामगार संगठन, मंत्री मैंटेलिक्स, ऑटो लाइन इम्पलॉइज़ यूनियन, टाटा मोटर्स श्रमिक संघ, एडविक हाई-टेक, पारले मज़दूर संघ, परफैटी श्रमिक संघ, डेल्टा इम्प्लॉइज़ यूनियन, टाटा ऑटो कॉम सिस्टम मज़दूर संघ, वोल्टास इम्पलॉइज़ यूनियन, एल.जी.बी. वर्कर्स यूनियन, एन.एम.पी.एल., टी.एस.एन., आर.एस.बी. ट्रांसमिशन, बी.टी.यू.एस.एस.के.यू., एम.के. ऑटो, इंट्रार्च यूनियन पन्तनगर, इंट्रार्च यूनियन किच्छा, ऐरा श्रमिक संगठन, टाटा याजाकी, बडवे यूनियन, एन.पी.एल., एस.आई.एस. यूनियनों और इंकलाबी मजदूर केन्द्र, मजदूर सहयोग केन्द्र, एक्टू, सीटू, किसान मोर्चा, सी.पी.आई. आदि संगठनों के नेतृत्व में भारी संख्या में मज़दूरों ने भागीदारी निभाई।

चेन्नई में रैलियों व सभाओं से सुसज्जित मई दिवस

इस वर्ष मई दिवस के अवसर पर अनेक ट्रेड यूनियनों व मज़दूर संगठनों ने चेन्नई व उसके आस-पास विरोध प्रदर्शन आयोजित किये। मज़दूरों ने अपने कारखानों के फाटकों पर लाल झंडे फहराये और जनसभाएं कीं। शाम को कई ट्रेड यूनियनों ने महत्वपूर्ण स्थानों पर रैलियां और जनसभाएं कीं।

वी.एच.एस. अस्पताल के मज़दूरों व चिकित्सा कर्मियों ने अस्पताल के फाटक पर लाल झंडा फहराया। मई दिवस की सभा को वी.एच.एस. वर्कर्स यूनियन के महासचिव व अन्य नेताओं के साथ-साथ वर्कर्स यूनिटी मूवमेंट के नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने प्रबंधन व सरकार द्वारा मज़दूरों पर हमलों की निंदा की। उन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिये एकजुट होने और लड़ने पर जोर दिया। उन्होंने अपनी यूनियनों की एकता को मजबूत करने और अधिकारों व रोज़ी-रोटी के लिये लड़ने का प्रण लिया।

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वी.एच.एस. अस्पताल  के फाटक पर लाल झंडा फहराया

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चिंगलपेट में मई दिवस का जुलूस

वर्कर्स यूनिटी मूवमेंट ने मई दिवस के अवसर पर एक पर्चा निकाला जिसका वितरण व्यापक तौर पर बड़े उद्योगों के मज़दूरों के बीच में किया गया। इनमें शामिल थे, फोर्ड, यूकैल, क्यूमी के मज़दूर तथा मरैमलाई नगर, तांबरम, गिंडी में स्थित औद्योगिक क्षेत्र, अल्लतूर में स्थित सिडको औद्योगिक क्षेत्र, केलमबाक्कम का औद्योगिक केन्द्र, वस्त्र उद्योग के मज़दूर। पर्चे को ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित रैलियों व जनसभाओं में भी बांटा गया। जो मज़दूर, सरकार व पूंजीवादी प्रबंधनों के बढ़ते हमलों से बहुत गुस्से में हैं और एकजुट होने व लड़ाई करने के लिये अडिग हैं, उन्होंने पर्चे का उत्साहपूर्ण स्वागत किया।

मुंबई में मई दिवस

ट्रेड यूनियन संयुक्त कृति समिति ने मुंबई में दादर टी.टी. से वनमाली सभागृह, दादर पश्चिम तक एक मोर्चा निकाल कर मई दिवस को मनाया। वनमाली सभागृह में एक सभा का आयोजन किया गया। सभागृह को अलग-अलग संगठनों ने बैनरों और लाल झंडों से सजाया गया था। मई दिवस जिन्दाबाद के जोशीले नारों से सभागृह गूंज रहा था।

सभा में वक्ताओं ने मई दिवस के गौरवमय इतिहास और शिकागो के मज़दूरों के बलिदान पर बातें रखीं। सभी वक्ताओं ने महाराष्ट्र में किये जा रहे श्रम कानूनों के बदलावों के और रेलवे के निजीकरण के अजेंडे के खिलाफ़ संघर्ष करने का दृढ़ संकल्प जाहिर किया।

सभा का समापन नारों के साथ हुआ जिनमें शामिल थे - “कामगार एकजुटी चा विजयी असो!”, “दुनिया के मज़दूरों एक हो!”, “एक पर हमला, सब पर हमला!”, “अक्टूबर क्रांति लाल सलाम!”, “भांडवलशाही हो बरबाद!”

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बंगलूरू के आइ.टी. कर्मियों ने मनाया मई दिवस हरियाणा के गुड़गांव में मई दिवस की सभा
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उत्तर प्रदेश के बरेली में मई दिवस का प्रदर्शन आन्ध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में मई दिवस का जुलूस
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जम्मू में मई दिवस की सभा विशाखापट्टनम की सड़कों पर अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर जुलूस
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हिरयाणा के गोहाना में मई दिवस का प्रदर्शन  May Day procession in Kurukshetra, Haryana

 

 

Tag:    मई दिवस    मारुति-सुजुकी    श्रम कानूनों    May 1-15 2017    Voice of the Party    Privatisation    Rights     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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