मई दिवस 2017 : अधिकारों पर हमलों के खिलाफ़ विश्वव्यापी विरोध प्रदर्शन

Submitted by cgpiadmin on गुरु, 11/05/2017 - 17:05

2017 के मई दिवस में दुनियाभर के लोगों के अधिकारों पर हमलों के खिलाफ़ व्यापक विरोध प्रतिबिंबित होता है। 1 मई, 2017 को दुनियाभर के शहरों की सड़कों पर बड़ी संख्या में मेहनतकश लोग सड़कों पर उतरे।  

दुनियाभर के मज़दूर वर्ग के सामने आने वाले सामान्य संघर्षों को रेखांकित करते हुए अनेक देशों के मज़दूरों ने एक समान मुद्दों को उठाया - कम मज़दूरी, अस्थायी श्रम का बढ़ना, सुविधाओं और पेंशनों में कटौती, सैन्य खर्चों में बढ़ोतरी। पूंजीवादी व्यवस्था के वैश्विक संकट के चलते, दुनियाभर में सरकारें और अधिक क्रूरता से मितव्ययिता के उपाय लोगों पर लाद रही हैं।

Philippines-1 Manila-Philippines-US-Embassy

मई 1, 2017 को फिलीपींस, मनीला में मई दिवस के वैश्विक उत्सव को चिह्नित करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति महल की तरफ मोर्चा निकला।

प्रदर्शनकारी दंगा पुलिस के साथ संघर्ष में 1 मई, 2017 को फिलीपींस में मनीला में मई दिवस के दिन ए यू.एस. दूतावास के करीब पहुंचने का प्रयासकरते हुए।

Indonesia  Athens

इंडोनेशिया के जकार्ता में 1 मई 2017 को राष्ट्रपति भवन के रास्ते मजदूर रेजर तार को हटाने की कोशिश करते हुए

1 मई, 2017 को एथेंस, ग्रीस में यूनानी संसद के बाहर रैली में लाल हेलमेट पहनकर हजारों लोग प्रदर्शन करते हुए। 

Madrid San-Salvador

मई 1, 2017 को मैड्रिड, स्पेन में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मानते हुए रैली के दौरान लोग मोर्चे में

1 मई, 2017 को सैन साल्वाडोर में मई दिवस की रैली के दौरान लोग प्रदर्शन में

कई शहरों में सरकारों को पूर्वानुमान था कि मई दिवस को मज़दूर भारी संख्या में इकट्ठे होंगे, जिसे रोकने के लिये सरकार ने भारी संख्या में पुलिसबलों को तैनात किया था। जिससे टकराव पैदा हुआ क्योंकि मज़दूर सरकार की पाबंदियों को मानने को तैयार नहीं थे। तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और रबर की गोलियां चलाईं और कम से कम 200 लोगों को गिरफ्तार किया। फ्रांस में, पुलिस ने आंसू गैस और डंडों का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनकारियों को एक दीवार की ओर धकेल दिया और उन्हें घेरकर डंडों से पीटा। 

बांग्लादेश में हजारों वस्त्र मज़दूर वेतन बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर आवास व स्वास्थ्य सेवाओं तथा अपने बच्चों की शिक्षा के पर्याप्त साधनों, आदि की मांगों को लेकर एकत्रित हुए। कंबोडिया में, एक हजार वस्त्र मज़दूरों ने सरकारी आदेश की उपेक्षा की तथा ज्यादा मज़दूरी और व्यापक लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करते हुए एक याचिका दायर की। इंडोनेशिया में, करीब 10,000 मज़दूरों ने न्यूनतम मज़दूरी में वृद्धि, आउटसोर्सिंग पर सीमा और बेहतर स्वास्थ्य सेवा और काम की बेहतर परिस्थितियों की मांग के लिए जकार्ता में राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शन किया।

ताइवान के मज़दूरों ने कम मज़दूरी, काम की खराब परिस्थितियों और बुनियादी पेंशन खत्म करने के विरोध में हजारों की संख्या में देश की राजधानी ताइपे में प्रदर्शन किया। कोरियाई मज़दूरों ने, मांग की कि अस्थायी मज़दूरों की संख्या को घटाया जाये और कानूनी तौर पर आवश्यक मज़दूरी और सुविधाओं को न देने वाले “स्वतंत्र ठेकेदारों” पर पाबंदी लगाई जाये, उन्होंने अपनी इन मांगों पर ध्यान आकर्षित करने के लिये सियोल में प्रदर्शन किया।

Los-Angeles SFO
​​मई 1, 2017 को लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में मई दिवस विरोध प्रदर्शन के लिए लोग मैकआर्थर पार्क में इकट्ठा हुए ​​मई 1, 2017 को सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में मई दिवस के प्रदर्शन के दौरान हजारों प्रदर्शनकारी मार्केट स्ट्रीट से मोर्चा निकलते हुए
Chicago Washington

मई 1, 2017 को शिकागो में मई दिवस के मोर्चे में प्रदर्शनकारियों ने भाग लिया।

सियाटल के वॉशिंगटन में मई दिवस का प्रदर्शन

कई यूरोपीय शहरों में बड़े प्रदर्शन किए गए। हजारों लोगों ने एथेंस, थेसालोनिकी और अन्य यूनानी शहरों में प्रदर्शन किया। कई यूनियनों ने 24 घंटे की हड़ताल का बुलावा दिया। ब्रिटेन, इटली, स्पेन, बेल्जियम, पोलैंड सहित इस महाद्वीप के अन्य देशों में प्रदर्शन आयोजित किये गए।

ब्राजील के इतिहास की सबसे बड़ी हड़तालों में से एक, मई दिवस से कुछ ही दिन पहले हुई जिसमें 3.5 करोड़ लोगों ने भाग लिया। अभूतपूर्व बेरोज़गारी के माहौल में, जबकि 1.3 करोड़ लोग बेरोज़गार हैं। ऐसी स्थिति में ऑटो व तेल उद्योगों, स्कूलों, पोस्ट ऑफिसों और बैंकों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के यूनियनों व मज़दूरों ने देश का चक्का जाम कर दिया। हड़ताल का आह्वान सरकार द्वारा प्रस्तावित मितव्ययिता के कदमों के विरोध में दिया गया था, जिनमें पेंशन कटौतियां और श्रम कानूनों को कमजोर करने जैसे कदम शामिल थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को महामार्गों से हटाने के लिये आंसू गैस का इस्तेमाल किया फिर भी बसों, मेट्रो और रेलगाड़ियों के बंद रहने से राजधानी का सारा कामकाज ठप्प रहा।

सरकार द्वारा लादे गए मितव्ययिता के कदमों के खिलाफ़ मई दिवस की हड़ताल ने लगभग पूरे पोर्तो रीको को बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी वित्तीय नियंत्रण बोर्ड की देखरेख वाले प्रशासन की निंदा करते हुए, आम हड़ताल को लागू करने के लिए सड़कों को रोक दिया।

हजारों लोगों ने आप्रवासी मज़दूरों के बचाव में अमरीका के हर प्रमुख शहर में प्रदर्शन किया और उन्होंने लातिन अमरीका, मुसलमानों और अन्य आप्रवासियों पर ट्रम्प प्रशासन के हमलों का विरोध किया। कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को, सैन होसे और ओकलैंड शहरों में समुद्री तट पर काम करने वाले मज़दूरों ने आप्रवासी लोगों के हित में प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर बंदरगाह को बंद कर दिया। ह्यूस्टन में बहुत बड़ा प्रदर्शन हुआ तथा शिकागो, मिल्वॉकी, फिलाडेल्फिया, न्यूयॉर्क शहर, वाशिंगटन डीसी और अटलांटा में हजारों की तादात में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। अन्य शहर जहां से महत्वपूर्ण प्रदर्शनों की रिपोर्टें मिली हैं उनमें शामिल हैं - पोर्टलैंड, सिएटल, फीनिक्स, लास वेगास, इंडियानापोलिस, पिट्सबर्ग, मियामी, बॉस्टन और प्रोविडेंस, रोड आयलैंड। कई शहरों में, पब्लिक स्कूल के शिक्षक और अन्य कर्मचारी काम पर नहीं गए। उनमें से कई आप्रवासी अधिकारों के प्रदर्शन में शामिल हुए और करीब पांच साल से वेतन में बढ़ोतरी न होने तथा कोई नया अनुबंध न किए जाने के विरोध में, व्यक्तिगत तौर पर समय निकालकर प्रदर्शनों में शामिल हुये।

कनाडा में ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के वैंकूवर, सरे, न्यू वेस्टमिंस्टर और अन्य शहरों में स्वास्थ्य सेवा के निजीकरण के खिलाफ़ अस्पताल मज़दूर संघ और स्वास्थ्य प्राधिकार के मज़दूरों के प्रदर्शन हुए। इंटरनेशनल लोंग्शोर एंड वेयरहाउस यूनियन और बीसी फेरी और मरीन वर्कर्स यूनियन के सदस्यों सहित समुद्री परिवहन मज़दूरों ने मई दिवस के अवसर पर वैंकूवर में मई दिवस का जुलूस निकाला।

टोरांटो में हिन्दोस्तानी मज़दूरों ने मई दिवस मनाया

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर वर्ग दिवस को ग़दर हेरीटेज व हेल्पिंग हैंड ने टोरांटो में 1 मई, 2017 को जोशीले और उत्साहपूर्ण माहौल में मई दिवस मनाया।

वक्ताओं ने मई दिवस के गौरवमय इतिहास पर अपनी बातें रखीं और उन्होंने बताया कि इसका उद्गम 1886 के शिकागों के मज़दूरों के लड़ाकू संघर्ष में था। 1 मई के दिन कनाडा और अमरीका के बहुत से शहरों की सड़कों पर प्रदर्शन में उतरने वाले मज़दूरों व मेहनतकश लोगों की उन्होंने सराहना की क्योंकि अमरीकी राज्य ने जानबूझकर सितम्बर में लेबर डे की छुट्टी देकर पूरी कोशिश की है कि लोग मई दिवस को भूल जायें! वक्ताओं ने ध्यान दिलाया कि मज़दूर वर्ग ने अपने संघर्षों के बल पर ही सरमायदारों से कुछ अधिकार हासिल किये हैं।

Toronto-1 Toronto-2

वक्ताओं ने मज़दूर वर्ग की जीवन की परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। 8 घंटे के कार्य दिवस की जीत के बावजूद, बहुत से क्षेत्रों में मज़दूरों को 16 से 20 घंटे प्रति दिन काम करना पड़ता है। इनमें शामिल हैं टैक्सी व मालवाहन उद्योग के मज़दूर। अधिकांश नौकरियां बहुत ही अनिश्चित हैं; मज़दूरों को ठेके पर आंशिक नौकरी मिलती है। उन्हें स्थायी नौकरी मिलने की कोई आशा तक नहीं है। आऊटसोर्सिंग व ठेका पद्धति के ज़रिये मज़दूर वर्ग को बिखेर दिया गया है।

इस बात पर ध्यान दिलाया गया कि तकनीक व वैज्ञानिक क्रांति के विकास से उत्पादकता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है परन्तु मज़दूरों को अभी भी इतने अधिक घंटे काम करना पड़ता है जिससे उनके स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड़ता है। मज़दूरों के अमानवीय व कठोर श्रम को कम करने की बजाय, पूंजीपति वर्ग तकनीक व वैज्ञानिक विकास का उपयोग अपने मुनाफ़ों को अधिकतम बनाने के लिये करते हैं।

अंत में वक्ताओं ने आह्वान किया कि मज़दूर वर्ग को एकजुट होकर शासक वर्ग बनने की तैयारी करनी होगी। मज़दूर वर्ग को इस सड़ी हुई व्यवस्था को उखाड़ फेंकना होगा और पूरे शासनतंत्र की लगाम अपने हाथों में लेनी होगी ताकि वह इस पूरी दमनकारी शोषक व्यवस्था का अंत कर सके। यही एक रास्ता है जिससे पूंजीवादी संकट का अंत किया जा सकता है और मानवता के लिये प्रगति का रास्ता खोला जा सकता है।

Tag:    न्यूनतम मज़दूरी    आउटसोर्सिंग    आवास व स्वास्थ्य    May 16-31 2017    Voice of the Party    Economy     History    Popular Movements     Privatisation    Rights     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)