थाड मिसाइल प्रणाली के खिलाफ़ दक्षिण कोरिया के लोगों का जबरदस्त विरोध

Submitted by cgpiadmin on शुक्र, 19/05/2017 - 12:45

संपादक महोदय,

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में दक्षिण कोरिया में हजारों लोग विरोध प्रदर्शन में सड़कों पर उतर आये। अमरीकी सेना द्वारा, दक्षिण कोरिया की पुलिस की सहायता और संरक्षण में लोट्टे स्काई हिल के इस पुराने गोल्फ कोर्स पर थाड (टर्मिनल हाई आल्टीट्यूड एरिया डिफेन्स) मिसाइल प्रणाली को तैनात किये जाने के खिलाफ़ 26 अप्रैल को तड़के सुबह से ही लोग विरोध प्रदर्शन में उतर आये। अमरीकी सेना चोरों की तरह रात के अंधेरे में छुपकर घुस आई थी। लेकिन जैसे ही शहर के लोगों को इसकी जानकारी मिली, रात से लेकर सुबह होने तक सैकड़ों नागरिकों ने सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और रास्तों को जाम कर दिया। जिससे मिसाइल प्रणाली की बैटरी और अलग-अलग पुर्जों को ले जाने वाले अमरीकी सेना के वाहनों को निर्धारित जगह पर पहुंने से पहले ही रोक दिया।

सियोंग्जू और गिमचियन शहर के लोगों का यह बहादुर प्रदर्शन इसलिए भी काबिले तारीफ है, क्योंकि इस प्रदर्शन को पुलिस की जबरदस्त ताक़त का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन में शामिल बौद्ध भिक्षुक, कैथोलिक पादरी और सैकड़ों लोगों पर 8000 से अधिक संख्या में तैनात पुलिस ने बड़ी बर्बरता के साथ हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। कुछ बेहोश होकर गिर पड़े। घायल लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इंतजाम करना पड़ा।

लोग क्या मांग कर रहे थे? वे मांग कर रहे थे कि उनकी इज़ाज़त के बिना अमरीकी सेना को उनके देश में किसी भी तरह की दखलंदाजी करने का कोई अधिकार नहीं है। थाड मिसाइल प्रणाली के रडार से निकलने वाली रेडियो किरणों का उनके स्वास्थ्य, खेती और उसके उत्पादों पर क्या असर होगा इसकी कोई जानकरी नहीं है। पर्यावरण पर इसका क्या प्रभाव होगा इसका भी कोई मूल्यांकन नहीं किया गया है। यह सब करने से पहले ही थाड के अहम उपकरण इस क्षेत्र में तैनात किये गए हैं। सड़कों पर घेराव करने से और अमरीकी सेना के वाहनों के प्रवेष को रोकने से जब दंगारोधी पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए बल का इस्तेमाल करना शुरू किया तब लोगों ने नारे लगाने शुरू किये: “अमरीकी सेना, बाहर निकलो”। आने वाले दिनों में और भी कई प्रदर्शन आयोजित किये जायेंगे। थाड मिसाइल प्रणाली को अपने देश में तैनात किये जाने के खिलाफ़ सिओल में अमरीकी दूतावास के सामने विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया। ये विरोध प्रदर्शन साफ दिखाते हैं कि दक्षिण कोरिया के लोग अपने देश में अमरीका की मौजूदगी और साथ ही अपनी सरकार की अमरीका के साथ सांठ-गांठ का भी विरोध कर रहे हैं।

मज़दूर एकता लहर के अप्रैल 16-30 के अंक में प्रकाशित “कोरियाई प्रायद्वीप में अमरीका की जंगफरोश नीति: “दुष्ट” राज्य कौन है?” में इस बात का पर्दाफाश किया गया है कि असलियत में कोई और नहीं बल्कि अमरीका ही सबसे बड़ा दुष्ट राज्य है। उत्तरी कोरिया या फिर दुनियाभर में कोई अन्य राज्य दुष्ट राज्य नहीं है, जिसे अमरीका अपना निशाना बनाता है। अमरीकी साम्राज्यवाद अपने साम्राज्यवादी लक्ष्य के खिलाफ़ कोई भी चुनौती बर्दाश्त नहीं कर सकता।

प्रकाशित लेख में एकदम सटीक तरीके से लिखा गया है कि “दरअसल, वह अमरीकी साम्राज्यवाद ही है, जिसने न केवल परमाणु हथियारों के भंडारों का निर्माण किया है, जो पूरे विश्व को कई बार नष्ट कर सकते हैं। इसके साथ ही अमरीका, उत्तरी कोरिया को लगातार धमकी देता रहा है कि अगर वह घुटने टेकने से इंकार करता है तो, उसको परमाणु विनाश का सामना करना पडे़गा।”

अमरीका की जंग फरोश और भड़काऊ कार्यवाहियों का विरोध करना होगा और सभी जनवादी और अमन पसंद लोगों को सभी देशों की संप्रभुता की रक्षा के सिद्धांत की हिफाज़त करनी होगी।

सुनीता, दिल्ली

Tag:    North Korea    THAAD    May 16-31 2017    Letters to Editor    Popular Movements     Rights     War & Peace     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)