टोरांटो में हिन्दोस्तानी मज़दूरों ने मई दिवस मनाया

Submitted by cgpiadmin on बुध, 24/05/2017 - 12:41

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर वर्ग दिवस को ग़दर हेरीटेज व हेल्पिंग हैंड ने टोरांटो में 1 मई, 2017 को जोशीले और उत्साहपूर्ण माहौल में मई दिवस मनाया।

वक्ताओं ने मई दिवस के गौरवमय इतिहास पर अपनी बातें रखीं और उन्होंने बताया कि इसका उद्गम 1886 के शिकागो के मज़दूरों के लड़ाकू संघर्ष में था। 1 मई के दिन कनाडा और अमरीका के बहुत से शहरों की सड़कों पर प्रदर्शन में उतरने वाले मज़दूरों व मेहनतकश लोगों की उन्होंने सराहना की क्योंकि अमरीकी राज्य ने जानबूझकर सितम्बर में लेबर डे की छुट्टी देकर पूरी कोशिश की है कि लोग मई दिवस को भूल जायें! वक्ताओं ने ध्यान दिलाया कि मज़दूर वर्ग ने अपने संघर्षों के बल पर ही सरमायदारों से कुछ अधिकार हासिल किये हैं।

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वक्ताओं ने मज़दूर वर्ग के जीवन की परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। 8 घंटे के कार्य दिवस की जीत के बावजूद, बहुत से क्षेत्रों में मज़दूरों को 16 से 20 घंटे प्रति दिन काम करना पड़ता है। इनमें शामिल हैं टैक्सी व मालवाहन उद्योग के मज़दूर। अधिकांश नौकरियां बहुत ही अनिश्चित हैं; मज़दूरों को ठेके पर आंशिक नौकरी मिलती है। उन्हें स्थायी नौकरी मिलने की कोई आशा तक नहीं है। आऊटसोर्सिंग व ठेका पद्धति के ज़रिये मज़दूर वर्ग को बिखेर दिया गया है।

इस बात पर ध्यान दिलाया गया कि तकनीक व वैज्ञानिक क्रांति के विकास से उत्पादकता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है परन्तु मज़दूरों को अभी भी इतने अधिक घंटे काम करना पड़ता है जिससे उनके स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड़ता है। मज़दूरों के अमानवीय व कठोर श्रम को कम करने की बजाय, पूंजीपति वर्ग तकनीक व वैज्ञानिक विकास का उपयोग अपने मुनाफ़ों को अधिकतम बनाने के लिये करते हैं।

अंत में वक्ताओं ने आह्वान किया कि मज़दूर वर्ग को एकजुट होकर शासक वर्ग बनने की तैयारी करनी होगी। मज़दूर वर्ग को इस सड़ी हुई व्यवस्था को उखाड़ फेंकना होगा और पूरे शासनतंत्र की लगाम अपने हाथों में लेनी होगी ताकि वह इस पूरी दमनकारी शोषक व्यवस्था का अंत कर सके। यही एक रास्ता है जिससे पूंजीवादी संकट का अंत किया जा सकता है और मानवता के लिये प्रगति का रास्ता खोला जा सकता है।

Tag:    May Day    May 16-31 2017    Struggle for Rights    Rights     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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