ऐसिन मज़दूरों का साहसी संघर्ष

Submitted by cgpiadmin on मंगल, 01/08/2017 - 19:30

ऐसिन ऑटोमेटिव हरियाणा लिमिटेड रोहतक में स्थित है। यह मज़दूरों द्वारा चलाये जा रहे साहसपूर्ण संघर्ष का स्थान बन चुका है। 31 मई को करीब 600 मज़दूरों पर ऐसिन ऑटोमेटिव हरियाणा प्राइवेट लिमिटेड के गेट पर लाठीचार्ज किया गया। उसके बाद 390 पुरुष और 36 महिला मज़दूरों को गिरफ्तार कर लिया गया और जेल में डाल दिया गया। प्रबंधन ने यह कार्यवाही इस बात का बदला लेने के लिए की थी क्योंकि मज़दूरों ने अपनी यूनियन, ऐसिन ऑटोमेटिव हरियाणा मज़दूर यूनियन का गठन किया है। मई के महीने में 20 अस्थायी मज़दूरों को निकाले जाने और मज़दूर अपनी यूनियन न बना सकें, इसके लिए प्रबंधन द्वारा मज़दूरों के दस्तावेज़ों में हेरफेर करने के खिलाफ़ मज़दूरों ने अपना शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू किया।

19 जुलाई को ऐसिन मज़दूरों के साहसपूर्ण संघर्ष के 70 दिन पूरे हो गये। 450 पुरुष और 50 महिला मज़दूर आज भी फैक्ट्री गेट से 400 मीटर की दूरी पर अपना धरना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। भीषण गर्मी, पीने के पानी की कमी और स्थानीय प्रशासन द्वारा महिलाओं के लिए शौच की अस्थायी सुविधा का इंतजाम करने से इंकार करने के बावजूद, मज़दूर अपना संघर्ष जारी रखने पर डटे हुए हैं।

ऐसिन कंपनी ने 800 से अधिक स्थायी और ठेका मज़दूरों को निकाला, 31 मई को उनपर बर्बर लाठी चार्ज कराया और गिरफ्तार करवाया। अब यह कंपनी मज़दूरों के साथ बातचीत करने से इंकार कर रही है। मज़दूर मांग कर रहे हैं कि उनको कंपनी में काम पर वापस लिया जाये, और उनकी यूनियन को मान्यता दी जाए। जैसे कि ऑटोमेक्स में देखा गया, यहां भी स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग प्रबंधन के साथ मिला हुआ है और उनको मज़दूरों से बातचीत करने को मनाने के लिए कोई कोशिश नहीं कर रहा है। लेकिन ऐसिन के मज़दूर अपना बहादुर संघर्ष जारी रखे हुए हैं।

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पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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