कोरियाई लोगों के खिलाफ़ अमरीका द्वारा जंग-भड़काऊ प्रचार और धमकी की निंदा करें!

Submitted by cgpiadmin on शनि, 02/09/2017 - 17:51

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 18 अगस्त, 2017

अमरीकी साम्राज्यवादी, परमाणु हथियारों और पारम्परिक हथियारों से कोरियाई लोगों और डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (उत्तरी कोरिया) का विनाश करने की हर रोज धमकी दिए जा रहे हैं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरियाई लोगों को धमकी दी है कि “वे विपत्ति और प्रकोप का ऐसा नज़ारा देखेंगे, जैसा कि दुनिया ने आज तक कभी नहीं देखा है”। उसने ऐलान किया है कि अमरीकी सेना किसी भी वक्त, इस धमकी को अंजाम देने के लिए तैयार है।

US warship in Korean waters

US-South Korea war exercises

US conducting war exercises in Korean waters with
South Korea and Japan

कोरिया के खिलाफ़ युद्ध की तैयारी के लिए अमरीकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी अपने मित्र देशों दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के साथ चर्चा कर रहे हैं। अमरीकी सेना और दक्षिण कोरिया की सेना, उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच गैर-सैन्य क्षेत्र में और कोरियाई प्रायद्वीप के आस-पास समुद्र में युद्ध के भड़काऊ अभ्यास आयोजित कर रही हैं। अगस्त के अंत में, अमरीकी सेना और दक्षिण कोरियाई सेना, इस इलाके में उत्तरी कोरिया पर हमला करने के इरादे से ज़मीन, समुद्र और हवाई क्षेत्र में विशाल अभ्यास आयोजित करने जा रही हैं। इस संयुक्त अभ्यास में 30,000 अमरीकी सैनिक और तीन लाख दक्षिण कोरियाई सैनिक शामिल होंगे। इसमें उत्तरी कोरिया पर परमाणु और अन्य जनसंहार के हथियारों से हमला करने का अभ्यास भी शामिल है।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी कोरियाई लोगों के खिलाफ़ अमरीका की इस जंग-भड़काऊ कार्यवाही की घोर निंदा करती है।

अमरीकी साम्राज्यवादी कोरियाई प्रायद्वीप की समस्या के बारे में लगातार गलत प्रचार करते आये हैं। अमरीकी साम्राज्यवादी प्रचार तंत्र के मुताबिक उत्तरी कोरिया से इस इलाके में और दुनियाभर में शांति को खतरा है, क्योंकि उसने अपने लिए परमाणु हथियार तैयार किये हैं और मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है। इस प्रचार को दिन-रात, सालों-साल चलाया जा रहा है ताकि ऐसा आभास हो कि उत्तरी कोरिया एक “शैतान राज्य” है, जो “मानवता के लिए एक बड़ा खतरा” है और अमरीकी साम्राज्यवादियों द्वारा उत्तरी कोरिया में सत्ता परिवर्तन की कोशिश बिल्कुल जायज़ है।

अमरीकी साम्राज्यवादी प्रचार से सच्चाई को झुठलाया जा रहा है। उत्तरी कोरिया ने कभी भी, किसी देश पर हमला नहीं किया है। उसने परमाणु हथियार और मिसाइल प्रणाली से खुद को इसलिए लैस किया है ताकि वह अमरीका द्वारा आक्रमण के लगातार बढ़ते खतरे से खुद को बचा सके।

अमरीकी साम्राज्यवादियों के पास दुनियाभर में परमाणु हथियारों और पारम्परिक हथियारों का सबसे बड़ा ज़खीरा है। कई देशों को उसने “शैतान राज्य” करार देते हुए उन पर हमला किया है और उनको बर्बाद कर दिया है। दुनियाभर के आज़ादी पसंद तथा अमन पसंद लोग अब यह समझने लगे हैं कि दुनिया में शांति और मानवता को सबसे बड़ा खतरा अमरीकी साम्राज्यवाद से है।
 
उत्तरी कोरिया के लोगों और उसकी सरकार को इसका पूरा अधिकार है कि वे किसी भी विदेशी ताक़त के हमले से खुद का बचाव करें। जापानी साम्राज्यवादियों द्वारा अपने देश पर कब्ज़ा किये जाने और उसे उपनिवेश में बदले जाने का कोरिया के लोगों को कड़वा अनुभव है।

द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में जब वे जापानी सैन्यवाद से खुद को आखिरकार आज़ाद कर ही पाए थे कि उनको अमरीकी साम्राज्यवाद के हमलों का सामना करना पड़ा। अमरीका ने पूरे कोरिया पर बम गिराकर उसे तहस-नहस किया, उनके खिलाफ़ जैविक और रासायनिक हथियारों से हमला किया जिसमें लाखों-लाखों लोग मारे गए, ताकि कोरियाई लोग खुद अपने देश के मालिक न बन संके। आज भी कोरियाई प्रायद्वीप बंटा हुआ है और दक्षिणी कोरिया में अमरीकी सेना तैनात है। इससे न केवल कोरिया के लोगों को खतरा है बल्कि, इस इलाके के सभी देशों और लोगों को खतरा है। उत्तरी कोरिया में सत्ता परिवर्तन के अपने मकसद को अमरीकी राज्य ने कभी भी छुपाया नहीं है। अपने इस मकसद को हासिल करने के लिए अमरीका उत्तरी कोरिया पर विनाशकारी आर्थिक प्रतिबंध थोपता आया है।

Peace demo in South Korea

Korean people demonstrating for peace in Seoul

उत्तर और दक्षिण कोरिया के लोग फिर से एक हो जाने की चाह रखते हैं। अमरीकी साम्राज्यवाद कोरिया के पुनर्मिलन के सख़्त खिलाफ़ है। कोरियाई प्रायद्वीप के सैनिकीकरण के खिलाफ़ दक्षिण कोरिया के अमन पसंद लोग बार-बार प्रदर्शन करते आये हैं। अमरीका द्वारा उत्तरी कोरिया के लोगों और सरकार के खिलाफ़ भड़काऊ युद्ध अभ्यासों के आयोजन का उन्होंने लगातार विरोध किया है।

उत्तरी कोरिया ने कई बार अपने मिसाइल परीक्षण को रोकने का प्रस्ताव दिया है, और यह शर्त रखी है कि अमरीका कोरियाई प्रायद्वीप में भड़काऊ सैनिक कार्यवाई बंद कर दे। उत्तरी कोरिया ने बार-बार कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से पूरी तरह से मुक्त करने का प्रस्ताव भी दिया है। लेकिन अमरीका ने इस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है। कोरियाई खूनी युद्ध के 60 वर्ष से अधिक समय बीत चुके हैं परन्तु आज भी अमरीका उत्तरी कोरिया के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर रहा है।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी सभी हिन्दोस्तानी लोगों को बुलावा देती है कि वे कोरियाई लोगों के खिलाफ़ अमरीका के जंग-भड़काऊ प्रचार और युद्ध की तैयारी की निंदा करें। अमरीका को इस इलाके से अपनी सेना और सैनिक अड्डों को हटाना होगा, ताकि कोरियाई लोग शांति के साथ, किसी भी विदेशी दखलंदाजी के बिना, अपने देश को फिर से एकजुट करने के लिए आज़ाद हों।

Tag:    US Imperialism    North Korea    युद्ध    अमरीकी साम्राज्यवाद    उत्तरी कोरिया    Sep 1-15 2017    Statements    History    War & Peace     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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