रेलवे के विभिन्न मंडलों में रेल चालकों का प्रदर्शन

Submitted by cgpiadmin on शनि, 02/09/2017 - 15:55

14 अगस्त, 2017 को आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) की अगुवाई में, रेल चालकों ने अपनी मांगों को लेकर रेलवे के विभिन्न विभिन्न मंडलों की क्रू-लाबियों और डिविजनों पर धरना प्रदर्शन किया।

AILRSA dharna 1वाराणसी AILRSA dharna 4गोरखपुर
AILRSA dharna 2बिलासपुर (मध्य प्रदेश) AILRSA dharna 3

इन प्रदर्शनों को आयोजित करने का फैसला केन्द्रीय कार्यकारी समिति ने 3-4 अगस्त, 2017 को नागपुर में हुई अपनी बैठक में लिया था, जिसमें 16 रेलवे मंडलों से आये 48 प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की थी। इस में फैसला लिया गया था कि अपनी मांगों को लेकर आने वाले 24 अगस्त को बड़ी संख्या में रेलवे के विभिन्न मंडलों और क्रू-लाॅबियों पर धरना प्रदर्शन आयोजित करेंगे।

AILRSA photo

रेल चालकों की मुख्य मांगें हैं कि:
 1.    रनिंग भत्ता की दर को आर.ए.सी.-80 के मुताबिक किय जाये।
 2.    14.29 प्रतिशत वृद्धि के साथ वेतन निर्धारण किया जाये।
 3.    सामान्य/सहायक नियम में उस संशोधन को रद्द किया जाये, जो सहायक रेल चालक को औजार बैग साथ रखने को कहता है।
 4.    टास्क फोर्स कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाये।
 5.    देश में सभी मुख्यालयों पर 16 घंटे का आराम और अधिकतम 2 रात्रि पाली ड्यूटी को लागू किया जाये।
 6.    सभी इंजनों में मार्ग सुरक्षा चेतावनी प्रणाली/कैब सिग्नल, टायलेट व वातानुकूलन की व्यवस्था प्रदान की जाये।
 7.    स्पाड के लिए न्यूनतम दंड काम से हटाने की समीक्षा की जाये।  

 

Tag:    रेल चालकों    लोको रनिंग स्टाफ    क्रू-लाबियों    Sep 1-15 2017    Struggle for Rights    Rights     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)