सरकारी स्कूलों के निजीकरण के खिलाफ़ राजस्थान में जन-आंदोलन

Submitted by cgpiadmin on सोम, 02/10/2017 - 02:30

हाल ही में, राजस्थान सरकार ने 300 सरकारी स्कूलों को पी.पी.पी. मॉडल के तहत निजी पूंजीपतियों के हवाले करने का ऐलान किया। इस घोर समाज-विरोधी फैसले के खिलाफ़ पूरे प्रांत में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और समाज के आम लोग सड़कों पर उतर आये हैं।

22 सितम्बर, 2017 को भादरा और नोहर तहसील में, ग्रामीण लोगों ने इसके खिलाफ़ प्रदर्शन करके गुस्सा प्रकट किया।

विभिन्न संगठनों ने सरकारी स्कूलों के निजीकरण के फैसले को आमजनों पर कुठाराघात बताते हुए भगत सिंह चैक पर जन चेतना सभा का आयोजन किया।

भगत सिंह चैक पर हुई सभा में लोक राज संगठन के सर्वहिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, जिला परिषद सदस्य मंगेज चैधरी, आम आदमी पार्टी के मदन बैनीवाल, भारत स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष रतन अरोड़ा, सतवीर वर्मा, एस.एफ.आई. के जिला सचिव अनिल श्योराण, एन.डी.बी. कालेज महासचिव पुष्पा सैनी, बेरोज़गार शिक्षक संघ के बलराम शर्मा, आदि ने सरकारी स्कूलों के पी.पी.पी. मॉडल को शिक्षा का बाज़ारीकरण करार देते हुए कहा कि पानी, बिजली, परिवहन जैसी सेवाओं का निजीकरण करने के बाद मनुष्य को शिक्षित करने की जिम्मेदारी से सरकार छुटकारा पाना चाहती है। उन्होंने कहा कि अब सरकार लोक कल्याणकारी राज्य की परिभाषा को बदलने पर अमादा है। वक्ताओं ने सरकार की ओर से लिए गए इस निर्णय को शीघ्र न बदलने पर आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी। सभा को एडवोकेट राजेन्द्र सिहाग, किसान सभा के राकेश मेहरा, एस.एफ.आई. के तहसील अध्यक्ष अनिल गढ़वाल तथा सुरेश स्वामी आदि ने संबोधित किया।

Teachers meeting
Dharna
Petition for CM given at SDM office
Hanumangarh protests

सभा के बाद, संगठनों के पदाधिकारी व स्कूली बच्चे रैली के रूप में राज्य सरकार के खिलाफ़ नारेबाजी करते हुए, उपखंड कार्यालय पहुंचे। संगठनों के प्रतिनिधियों ने एस.डी.एम. को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर राजकीय स्कूलों को पी.पी.पी. मॉडल पर चलाने का विरोध जताया।

आंदोलनकारियों ने भगत सिंह चैक पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना भी दिया।

इसके पहले, लोक राज संगठन के उपाध्यक्ष तथा राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के पूर्व अध्यक्ष, हनुमान प्रसाद शर्मा ने क्षेत्र के सभी लोगों से 22 सितम्बर के जनप्रदर्शन में हिस्सा लेने की अपील की। अपील में उन्होंने कहा कि नोहर के आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्रों की संख्या 1800 से ऊपर है। अध्यापकों और भामाशाहों (दानकर्ताओं) के अथक परिश्रम से इस विद्यालय का

परिणाम उच्च कोटि का रहा है। इस विद्यालय ने उच्च कोटी के खिलाड़ी तैयार किये हैं। इसे भी पी.पी.पी. मॉडल में दे दिया गया है। 300 विद्यालयों की सूची में इस विद्यालय का नाम 42वें नम्बर पर अंकित है।

आगे अपील में कहा कि सबसे उच्च कोटि के विद्यालयों को, जो गुणात्मक और परिमाणात्मक, दोनों दृष्टि से श्रेष्ठ हैं, उनका निजीकरण किया जा रहा है। वे घनी आबादी के बीच स्थित हैं। प्रत्येक विद्यालय के भवन और खेल के मैदान सहित करोड़ों की संपत्ति है, जो भामाशाहों और दानदाताओं से प्राप्त है। ऐसे में, राज्य सरकार को इन श्रेष्ठ विद्यालयों को पी.पी.पी. मॉडल को देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। राजनीतिक छुआछूत से ऊपर उठकर इस आंदोलन में सभी को शामिल होना चाहिए। छात्र विरोध करें, यह अच्छी बात है, परंतु छात्रों से मेरी यह अपील है कि वे अपने माता-पिता, अगल-बगल के पड़ोसियों, गांव के सरपंचों, ब्लॉक सदस्यों, जोनल सदस्यों, नगर-पालिकाओं के अध्यक्षों व पार्षदों को भी इस आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। क्योंकि सरकार कोशिश कर रही है कि लोगों को मीडिया के ज़रिये भ्रमित किया जाये।

22 सितंबर के प्रदर्शन के बाद, 25 सितम्बर, 2017 को हनुमान प्रसाद शर्मा ने सभी नागरिकों से अपील की कि सरकार के समाज-विरोधी निर्णय का एकताबद्ध विरोध तेज़ करें। उन्होंने अपील में कहा कि “आज 25 सितंबर को हम कई साथियों ने प्रत्येक सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क किया है। सभी ने संयुक्त रुप से इस आंदोलन को चलाने में अपना समर्थन दिया है। 26 सितंबर को 11 बजे नगरपालिका के पास इकट्ठे होने का निर्णय लिया। उसके बाद एस.डी.एम. महोदय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। इसलिए सभी नागरिक बंधुओं, छात्रों, नौजवानों, किसानों, मज़दूरों और व्यापारियों तथा सभी वर्गों के लोगों से विनम्र निवेदन है कि 11 बजे नगर पालिका के सामने ज्यादा से ज्यादा संख्या में इकट्ठे होकर इस आंदोलन को मजबूत करें। इस क्षेत्र के जागरुक जनप्रतिनिधियों से भी निवेदन है कि सभी सरपंच, ब्लॉक सदस्य, जोनल सदस्य, नगर पालिका के सभी पार्षद और लोगों को लेकर 11 बजे नगर पालिका के सामने पहुंचे। कुछ लोगों को भ्रम है कि अभी आदेश नहीं आए हैं, इसलिये मैं अपने उन सभी साथियों से निवेदन करूंगा कि आदेश आने के बाद बड़ी विकट समस्या खड़ी हो जाती है। निश्चित रूप से मंत्रिमंडल स्तर पर यह निर्णय हो चुका है। सरकार अब सिर्फ जन भावनाओं को देख रही है। यह किसी पार्टी का आंदोलन नहीं है। यह जनहित में आंदोलन होगा। सरकार को सूचित करना जागरुक नागरिकों का कर्तव्य होता है। अगर समय रहते हमने इसका विरोध नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी।”

26 सितम्बर को नोहर क्षेत्र के लोगों ने शिक्षा बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति की अगुवाई में रैली निकालकर एस.डी.एम. के जरिये मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिये सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकारी विद्यालयों के निजीकरण को रोका न गया तो अनिश्चितकालीन संघर्ष किया जायेगा।

राजस्थान के अन्य इलाकों में भी प्रदेश के 300 विद्यालयों के निजीकरण के खिलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं।

Tag:    Defeat Privatisation    against privatisation    education    Rajasthan    teachers    Oct 1-15 2017    Struggle for Rights    Popular Movements     Privatisation    Rights     2017   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)