वेतन में कटौती के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ रनिंग स्टाफ ने छेड़ा आंदोलन

AILRSA agitation in Bilaspur
AILRSA agitation
AILRSA agitation in Nagpur

आल इंडिया गाड्र्स कौंसिल (ए.आई.जी.सी.) तथा ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.), जो भारतीय रेल के गार्डों एवं इंजन ड्राइवरों का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने 4 फरवरी को देशभर में डी.आर.एम. (डिविजनल रेलवे मैनेजर) ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। रनिंग एलाउंस कमेटी ने प्रस्ताव दिया है कि संशोधित माइलेज दर के विगणन में भुगतान तत्व (पे एलिमेंट) कम किया जाए। इसके खिलाफ़ वे प्रदर्शन कर रहे थे। रनिंग एलाउंस कमेटी को भारतीय रेल की सर्वोच्च संस्था, रेलवे बोर्ड द्वारा गठित किया गया है। जुलाई 2016 में 7वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद, अब तक माइलेज दर को संशोधित नहीं किया गया है जबकि रनिंग एलाउंस कमेटी को तो उसी के लिए गठित किया गया था। रनिंग स्टाफ में रेलवे गार्ड तथा इंजन ड्राइवर दोनों शामिल हैं। अब तक उनके वेतन की गणना मूल वेतन के साथ 30 प्रतिशत जोड़ कर तय की जाती थी। इसे ही भुगतान तत्व कहा जाता है। रनिंग स्टाफ के वेतन को सुनिश्चित करने के लिए भल्ला कमेटी नियुक्त की गई थी, जिनके सुझाव के अनुसार ही 1980 से भुगतान तत्व की शुरुआत की गई थी। रनिंग स्टाफ के काम के हालात बेहद कठिन हैं। इसीलिए उन्हें यह भुगतान तत्व बढ़ाकर दिया गया था। रनिंग स्टाफ के अन्य 13 भत्ते भी इसी सूत्र के आधार पर निश्चित किये जाते हैं जैसे कि माइलेज दर, एच.आर.ए., डी.ए., एल.टी.ए., इत्यादि।

रेल मज़दूरों के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में ए.आई.आर.एफ., तथा एन.एफ.आई.आर. के प्रतिनिधि रनिंग एलाउंस कमेटी में शामिल हैं। ए.आई.आर.एफ., तथा एन.एफ.आई.आर. के प्रतिनिधियों के विरोध के बावजूद, रनिंग एलाउंस कमेटी ने भुगतान तत्व (पे एलिमेंट) को 30 प्रतिशत से घटाकर 24 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है, यह बात ए.आई.जी.सी. तथा ए.आई.एल.आर.एस.ए. को पता चल गई। इससे रनिंग स्टाफ के वेतन में कटौती होगी। इसीलिए रेलवे अधिकारियों को चेतावनी देने के लिए देशभर में यह आन्दोलन आयोजित किया गया ताकि वेतन कटौती का यह प्रस्ताव लागू न करें। इस तरह के किसी भी हमले के ख़िलाफ़ एवं कई वर्षों तक संघर्ष करके जीते हुए किसी भी अधिकार पर हमलों के ख़िलाफ़, इन लड़ाकू संगठनों के नेतृत्व में देशभर के गार्डों एवं इंजन ड्राइवरों का ज़ोरदार संघर्ष करने का दृढ़-संकल्प है।

ए.आई.जी.सी. तथा ए.आई.एल.आर.एस.ए. के नेतृत्व में भारतीय रेल के गार्डों तथा इंजन ड्राइवरों की इन जायज़ मांगों का मज़दूर एकता लहर पुरजोर समर्थन करती है।

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पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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