भारतीय रेल के गार्डों ने देशभर में प्रदर्शन आयोजित किये

20 फरवरी, 2018 को देशभर के गार्डों ने अपने इलाके के मंडल रेल प्रबंधक (डी.आर.एम.) के कार्यालय पर धरना देते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन दिया।

गार्डों ने धरना प्रदर्शन, सभाएं और नारे लगाते हुए, अपनी सांझी मांगें पेश कीं। ज्ञापन में दी गयी सात मांगें निम्नलिखित हैं:

  • AIGC Demo
    स्टाफ के लिए मिलने वाले किलोमीटर भत्ते की दर पर तुरंत फैसला लिया जाए। हालांकि 7वां वेतन आयोग जून 2016 में ही घोषित कर दिया गया था, लेकिन आज तक रनिंग स्टाफ के लिए मिलने वाले किलोमीटर भत्ते की दर पर फैसला नही किया गया है। यह रनिंग स्टाफ के वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • को हटाकर उसकी जगह पर ई.ओ.टी.टी. (एंड ऑफ ट्रेन टेरिटरी) उपकरण लगाने के फैसले को वापस लिया जाये।
  • में शुरू की गयी नयी पेंशन योजना को वापस लिया जाये और उसकी जगह पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए; और
  • विरोधी नीतियों को वापस लिया जाए।
  • को मिलने वाले ग्रेड-वेतन को 2800 रुपये से बढ़ाकर 4200 रुपये किया जाए।
  • गाड़ी के गार्डों को विशेष रनिंग भत्ता/जोखिम भत्ता दिया जाना चाहिए।
  • के लिए यूनिफार्म की धुलाई भत्ता का दिया जाना चाहिये।

अपने ज्ञापन में गार्डों ने रेलवे अधिकारियों और केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन देशभर में और भी तेज़ कर देंगे।

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भारतीय रेल    रेल प्रबंधक    Mar 16-31 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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