अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

प्रिय संपादक,

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2018 के अवसर पर सी.जी.पी.आई. का बयान वाकई प्रेरणादायक था। इस बयान में महिलाओं के आंदोलन की स्थिति का स्पष्ट विश्लेषण दिया गया है और पूंजीवाद से समाजवाद में परिवर्तन के लिए संघर्ष में महिलाओं को मज़दूर वर्ग की अगुवाई करने की आवश्यकता के बारे में बताया गया है। वास्तव में, महिलाओं के मुद्दों पर वर्तमान चर्चाओं में उनके दमन का कारण पुरुष हैं ऐसे दिखाते हैं। लेकिन सच तो यह है कि उनका असली दुश्मन यह दमनकारी पूंजीवादी व्यवस्था है। केवल इस दुश्मन को पहचानकर और पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिला के लड़कर ही महिलाएं अपनी बराबर की आज़ादी जीत पाएंगी और अपनी बहनों, माओं और बेटियों को भी मुक्त कर पाएंगी। इस लेख में क्रान्ति के इस महत्वपूर्ण सिद्धांत के बारे में स्पष्ट रूप से बताया गया है।

इस लेख में उजागर किया गया एक और झूठ यह धारणा है कि महिलाओं के लिए आरक्षण ही उनके विकास को आगे बढ़ाएगा और उन्हें प्रतिनिधित्व और समान अवसर प्रदान करेगा। सच तो यह है कि मुट्ठीभर पूंजीवादी इजारेदार घराने हिन्दोस्तान के मेहनतकश लोगों पर शोषण करते हैं। इस व्यवस्था में पूंजीपतियों के लिए सौ प्रतिशत ताक़त “आरक्षित” है और सरकार या शिक्षा या किसी अन्य क्षेत्र में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण से यह तथ्य नहीं बदलेगा कि यह व्यवस्था पूंजीपतियों (भले वे पुरुष या महिला हो) के लिए काम करती है और श्रमजीवी लोगों (भले वे पुरुष या महिला हो) के लिए नहीं। मीडिया और सोशल मीडिया के लगातार भ्रमित करने वाले और गलत संदेशों द्वारा मेहनतकश महिलाएं और पुरुष काल्पनिक मतभेद में उलझ गए हैं। पार्टी ने सही तरीके से और लड़ाकू आवाज़ से महिलाओं को बुलावा दिया है कि वे “उदारीकरण, निजीकरण व वैश्वीकरण के समाज-विरोधी कार्यक्रम को रोकने व उलटने के लिये एकजुट हों!” और “लोकतांत्रिक, उपनिवेशवाद-विरोधी, सामंतवाद-विरोधी और साम्राज्यवाद-विरोधी संघर्ष को पूरा करने की शर्त बतौर पूंजीवाद को उखाड़ फैंकने के लिये एकजुट हों”!

अनिता, दिल्ली

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस    Mar 16-31 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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