आंगनवाड़ी मज़दूरों का बहादुर संघर्ष जारी

हरियाणा के विभिन्न जिलों में दयनीय काम की हालतों और कम वेतन के खिलाफ़ तथा सम्मानित मज़दूर का दर्ज़ा पाने के लिए आंगनवाड़ी मज़दूर संघर्षरत हैं।

गुडगांव जिले में लगभग 500 आंगनवाड़ी मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर 19-26 फरवरी के बीच काम को रोककर, सार्वजनिक कार्य विभाग मंत्री, राव नरबीर सिंह के निवास पर विरोध जताया। आंगनवाड़ी मज़दूरों ने 18000 रुपये प्रति माह वेतन की मांग की। साथ ही साथ स्वास्थ्य बीमा तथा पेंशन दिए जाने का अनुरोध किया।

Anganwariआंगनवाड़ी मज़दूरों का कहना है कि ’हम प्रतिदिन, बिना किसी अवकाश या छुट्टी के सालभर काम करते हैं और हमें पेंशन तथा स्वास्थ्य लाभ तक नसीब नहीं होते। ये अधिकार अन्य सरकारी मज़दूरों को दिए जाते हैं पर हमारे बार-बार अनुरोध करने के बाद भी सरकार कोई जवाब नहीं देती।’

पंचकुला जिले में 12 फरवरी से आंदोलन कर रही आंगनवाड़ी कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 मार्च, 2018 को चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा का घेराव करके जोरदार प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि 1 मार्च, 2018 को एक आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार, हरियाणा सरकार ने आंगनवाड़ी मज़दूरों के वेतन को थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ने की घोषणा की है। इसके अंतर्गत, भविष्य में मज़दूरों के वेतन में नियमित रूप से बढ़ोतरी होगी। लेकिन मज़दूर समझते हैं कि इससे पहले भी ऐसे खोखले वादे किये जा चुके हैं।

हरियाणा में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आंगनवाड़ी मज़दूरों सहित आशा मज़दूर, मिड-डे मील मज़दूर अपनी मांगों को लेकर लड़ रहे हैं। 17 जनवरी, 2018 को लगभग एक करोड़ आंगनवाड़ी मज़दूर, आशा व मिड-डे मील मज़दूरों ने देश के वित्तमंत्री को एक संगठित मांग-पत्र जमा किया गया जिसमे केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना के लिये पर्याप्त वित्तीय आवंटन तथा योजना के अंतर्गत आने वाले कार्यकर्ताओं की क्षतिपूर्ति में बढ़ोतरी की मांग पेश की गयी।

Tag:   

Share Everywhere

आंगनवाड़ी मज़दूरों    स्वास्थ्य बीमा    पेंशन    Mar 16-31 2018    Struggle for Rights    Privatisation    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

thumbnail

इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)