सीरिया पर मिसाइल द्वारा बर्बर हमलों की निंदा करें!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केंद्रीय समिति का बयान, 14 अप्रैल, 2018

14 अप्रैल को सुबह-सुबह अमरीका, इंग्लैंड और फ्रांस ने सीरिया पर मिसाइल हमला छेड़ दिया। यह हमला सीरिया की संप्रभुता पर शर्मनाक हमला है और सीरिया की सरकार और लोगों के खिलाफ़ एक भड़काऊ कार्यवाही है।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी, साम्राज्यवादियों द्वारा सीरिया और उसके लोगों पर किये गए इस आपराधिक हमले की कड़ी निंदा करती है। हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी हमारे देश के मज़दूर वर्ग और तमाम मेहनतकश लोगों तथा सभी इंसाफ पसंद और अमन पसंद लोगों को बुलावा देती है कि वे सीरिया पर चलाये जा रहे साम्राज्यवादी युद्ध के खिलाफ़ एकजुट होकर उसका विरोध करें।

इस हमले से करीब एक सप्ताह पहले से एंग्लो-अमरीकी साम्राज्यवादी बड़े पैमाने पर सीरिया के खिलाफ़ प्रचार चला रहे थे और यह दावा कर रहे थे कि सीरिया की सरकार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करके अपने ही लोगों का कत्लेआम कर रही है। इसका कोई भी सबूत नहीं है कि सीरिया की सरकार किसी भी तरह से रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए ज़िम्मेदार है। सीरिया की सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से साफ इंकार किया है और कहा है कि अमरीका-नाटो समर्थित “बागी” गिरोह जानबूझकर इस तरह के हमले आयोजित कर रहे हैं ताकि अमरीका को उनके देश में हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके। साम्राज्यवादियों द्वारा जंग छेड़ने के लिए इस तरह के झूठ फैलाना कोई नयी बात नहीं है। इस बात को सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि अमरीकी साम्राज्यवादियों द्वारा समर्थित और वित्त-पोषित “बागी” गिरोहों ने सीरिया में बड़े पैमाने पर रासायनिक हथियार रखे हुये हैं।

पिछले सात वर्षों से अमरीकी साम्राज्यवादी और यूरोप में नाटो के उनके सहयोगी देश - खास तौर से इंग्लैंड और फ्रांस, सीरिया के मामलों में दखलंदाज़ी करते आये हैं। अमरीकी साम्राज्यवादी सीरिया की असद सरकार को एक खतरनाक बर्बर हुकुमशाही के रूप में पेश करते हुए उसको बदनाम करने की कोशिश करते आये हैं ताकि सीरिया में फौजी दखलंदाज़ी को जायज़ बताया जा सके। अमरीकी साम्राज्यवाद और उसके सहयोगी देश ब्रिटेन, फ्रांस और सऊदी अरब की सरकारें सीरिया में तमाम तरह के गिरोहों को पैसे और हथियारों से लैस करती आई हैं। इसका मकसद है - सीरिया में अराजकता और हिंसा फैलाना और सीरिया का गुटवादी आधार बंटवारा करना, जैसे कि इससे पहले उन्होंने अफगानिस्तान, इराक और लिबिया में किया था। ऐसा करते हुए उनका मकसद असद सरकार को उखाड़ फेंकना है और वहां पर सत्ता परिवर्तन आयोजित करना है।

सीरिया में मौजूदा संकट के लिए अमरीकी साम्राज्यवाद और उसके सहयोगी देश ज़िम्मेदार है जिसकी वजह से लाखों लोगों की जानें गयी गई हैं, पूरे के पूरे शहर और देश के बड़े-बड़े इलाके बर्बाद हो गए हैं और सीरियाई लोग बड़े पैमाने पर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।

ये मिसाइल हमले सीरिया पर ऐसे वक्त पर किये गए हैं जब अमरीका-नाटो समर्थित “बागी” गिरोहों को सीरियाई सरकार के हाथों बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। अमरीका-नाटो के हस्तक्षेप का मकसद इन गिरोहों की मदद करना है और सीरिया में चल रहे बर्बर युद्ध को और लंबा खींचना है।

अमरीका द्वारा किये गए इन मिसाइल हमलों से अमरीका-नाटो ताक़तों और रूस के बीच जंग का ख़तरा बहुत बढ़ गया है।

जो सीरिया और पश्चिम एशिया में पड़ोसी देशों में अमन चाहते हैं उन्हें यह मांग करनी चाहिए कि अमरीका की अगुवाई में की गयी इस बर्बर दखलंदाज़ी को तुरंत ख़त्म किया जाये। किसी भी देश की संप्रभुता के खि़लाफ़ इस तरह के हमलों को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।

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पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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