हरियाणा के पालिका कर्मचारी जीते

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की अगुवाई में प्रदेशभर के नगरपालिका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 9 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। सफाई कर्मचारी अपनी मांगें पूरी होने तक हड़ताल पर डटे रहे। सरकार के अड़ियल और मज़दूर-विरोधी रवैये के कारण यह हड़ताल 16 दिनों तक चली। आखिरकार सरकार को मज़दूरों के आगे झुकना पड़ा और कर्मचारियों से समझौता करने पर मजबूर होना पड़ा।

Haryana Municipal Corporationसफाई कर्मचारियों के साथ हुये समझौते के बाद, सरकार ने जो ऐलान किया उनमें से मुख्य बातें हैं कि:

  • में जारी ठेके ख़त्म कर दिये जायेंगे और इनमें काम कर रहे सफाई मज़दूरों और सीवर का काम करने वाले मज़दूरों को पालिका के रोल पर लिया जायेगा।
  • इलाकों में अनुबंध पर काम रहे सफाई कर्मचारियों और सीवर का काम करने वाले कर्मचारियों को 13 हजार, 500 रुपये एकमुश्त वेतन दिया जायेगा।
  • कर्मचारियों का झाड़ू भत्ता अब से 150 रुपये और सफाई भत्ता 1000 रुपये मासिक होगा छुट्टियों के दौरान ड्यूटी करने के बदले में 1000 रुपये एकमुश्त भुगतान और वर्दी धुलाई के लिये 440 रुपये मासिक दिये जायेंगे।
  • पर काम कर रहे फायरमैनों को लाभ दिलाने के लिये सरकार नये सिरे से भर्ती का नोटिस जारी करेगी।
  • बारहवीं, फायर फाइटिंग कोर्स, हेवी ड्राइविंग लाइसेंस के संशोधित नियमों को पूरा करने के लिये समय दिया जायेगा और तब तक उन्हें नहीं हटाया जायेगा।
  • ने ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को पक्का करने के लिये कमेटी गठित की है।

कर्मचारियों ने सरकार को सख्ती से यह चेतावनी दी है कि यदि समझौते में मानी गई मांगों पर एक महीने के भीतर अमल नहीं किया गया तो उन्हें फिर से हड़ताल पर उतरने के लिये मजबूर होना पड़ेगा।

हड़ताल के दौरान लोक राज संगठन की हरियाणा इकाई के प्रवक्ता का. दुनी चंद ने 14 मई को सिरसा शहर के नगरपालिका कार्यालय पर पहुंचकर कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन प्रकट किया और कर्मचारियों को संबोधित भी किया।

Tag:   

Share Everywhere

नगरपालिका कर्मचारी    संघ हरियाणा    Jun 1-15 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

thumbnail

इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

(Click thumbnail to download PDF)

यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)

हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

(PDF दस्तावेज को डाउनलोड करने के लिए कवर चित्र पर क्लिक करें)