मनरेगा संविदा कर्मियों का संघर्ष

10 मई, 2018 को राजस्थान, जिला हनुमानगढ़ के नोहर में, पंचायत समिति कार्यालय के सामने चल रहे मनरेगा संविदा कर्मियों के आंदोलन के समर्थन में, विभिन्न संगठनों ने धरना स्थल से लेकर उपखंड कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शन अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के बुलावे के पर किया गया। इस तरह के धरने पूरे प्रदेश में पंचायत समिति कार्यालयों पर किये गये।

Nohar struggle of MGNREGA_10 May 2018

जुलूस में राज्य सरकार के खि़लाफ़ नारेबाजी की गई। जुलूस उपखंड कार्यालय पर पहुंचकर एक सभा में बदल गया। सभा में उपस्थित प्रदर्शनकारियों को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने मनरेगा संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग उठायी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मनरेगा संविदा कार्मिकों का शोषण कर रही है।

सभा को संबोधित करने वालों में शामिल थे - लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष धर्मपाल ढिल, कांग्रेस शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बहादुरराम गोस्वामी, कृषि पर्यवेक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमरसिंह सहारण, शिक्षक संघ के बेगराज खोथ, ग्राम विकास अधिकारी संघ के राकेश दीक्षित आदि।

प्रदर्शन के अंत में, कर्मचारी संगठनों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा। मनरेगा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों को नहीं माने जाने पर आंदोलन को तेज़ किया जायेगा।

गौरतलब है कि सरकार ने 2013 में, पंचायती राज मंत्रालय के तहत, 24 हजार पदों का सृजन किया था। लेकिन अभी तक लगभग 7 हजार पदों पर कर्मचारी नियुक्त हुए हैं। बाकी हजारों की संख्या में कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं। ये संविदा मज़दूर सरकार के सामने डेढ़ साल से मांग कर रहे हैं कि उन्हें नियमित किया जाए।

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पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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