बैंककर्मी दो दिन की हड़ताल पर

Bank demo_Delhi

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दिल्ली में बैंक मज़दूरों की रैली संसद मार्ग, 30-31 मई 2018

30 मई, 2018 को हजारों की संख्या में बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर संसद मार्ग स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्यालय के बाहर एक जोरदार प्रदर्शन करके धरना दिया। इस तरह का नज़ारा, पूरे देश के बैंक मुख्यालयों और ब्रांचों के सामने देखने को मिला है।

गौरतलब रहे कि, देशभर के 10 लाख से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी, अपने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर, 30-31 को दो दिन की हड़ताल पर हैं।

इस हड़ताल की अगुवाई यूनाइटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियन ने की। इस छत्र संगठन में, सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों की यूनियन और फेडरेशन -  ए.आई.बी.ई.ए., ए.आई.बी.ओ.सी, एन.सी.बी.ई, ए.आई.बी.ओ.ई, बी.ई.एफ.आई., आई.एन.बी.ई.एफ., आई.एन.बी.ओ.सी., एन.ओ.बी.ओ.सी., एन.ओ.बी.डब्ल्यू., एन.ओ.बी.ओ. - शामिल हैं।

Bank demo_Mumbai
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बैंक मज़दूरों के धरने प्रदर्शन मुुंबई, 30-31 मई 2018

देशभर के बैंककर्मी और अधिकारी, लंबे समय वेतनमान वृद्धि के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वेतन पुनरीक्षण में की जा रही देरी के लिए बार-बार चेतावनी देेने के बावजूद, इंडियन बैंक एसोसियशन और सरकार ने उदासीन रवैया अपनाया है। यह हड़ताल उसी का परिणाम है। बैंक कर्मियों में काफी गुस्सा है।

यूनाइटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियन की मांग है कि, अतिशीघ्र वेतन पुनरीक्षण समझौता किया जाए, वेतन में पर्याप्त वृद्धि एवं अन्य सेवा शर्तों में सुधार किया जाए और स्केल-सात तक के सभी अधिकारियों को वेतन पुनरीक्षण समझौता में शामिल किया जाए।

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Jun 1-15 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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