मज़दूरों के हक़ व सम्मान सहित जीवन के लिये 20 जुलाई, 2018 की हड़ताल को सफल बनायें

20 जुलाई, 2018 को दिल्ली में होने वाली मज़दूरों की हड़ताल के लिये मज़दूरों को संगठित करने के उद्देश्य से, अलग-अलग क्षेत्रों के मज़दूरों के बीच जनसभायें, विरोध प्रदर्शन और तरह-तरह के विरोध कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इस संदर्भ में मज़दूरों को आह्वान करते हुये और मज़दूरों की मांगों पर प्रकाश डालते हुये, इंटक, एटक, एच.एम.एस., सीटू, ए.आई.यू.टी.यू.सी., टी.यू.सी.सी., सेवा, एक्टू, यू.टी.यू.सी., एल.पी.एफ. और मज़दूर एकता कमेटी ने एक संयुक्त पर्चा जारी किया है। पर्चे में लिखित, मज़दूरों की मुख्य मांगें यहां दी हैं।

  1. Street corner meeting in Okhla, New Delhi
     Leaflet distribution in siding
    Workers discussing leaflet on 3rd July
    घोषित न्यूनतम वेतन 13,896 रुपये का भुगतान सभी कारखानों, संस्थानों, दुकानों में सख्ती से लागू करवाओ। महंगाई के अनुसार 20000 रुपये न्यूनतम वेतन की घोषणा करो।
  2. बढ़ती महंगाई पर रोक लगाओ। सभी मज़दूरों को राशन कार्ड व रिहाईशी मकान दो।
  3. कार्यस्थल पर सुरक्षा को सख्ती से लागू किया जाए। श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करवाओ। टेªड यूनियनों का रजिस्टेªशन नियमानुसार 45 दिन में किया जाए।
  4. दिल्ली सरकार त्रिपक्षीय कमेटियों का निष्पक्ष तरीके से गठन करे।
  5. केन्द्र सरकार श्रम कानूनों में मज़दूर-विरोधी बदलावों को वापस ले। ’फिक्स टर्म एम्प्लायमेंट’ वापस ले।
  6. नियमित चलने वाले कामों में ठेकेदारी खत्म करो। ठेका मज़दूरों/कर्मचारियों को उसी स्थान पर पक्का करो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार समान काम का समान वेतन लागू करो।
  7. श्रम विभाग में अधिकारियों एवं स्टाफ की स्थाई भर्ती करके फंक्शनिंग में सुधार करो। भ्रष्टाचार पर रोक लगाओ। औद्योगिक विवादों को लटकाना नहीं चलेगा। श्रम न्यायालयों को जिला न्यायालय में भेजा जाए।
  8. सभी मज़दूरों को कम से कम 3000 रुपये मासिक पेंशन दो। पुरानी पेंशन स्कीम लागू करो।
  9. बोनस की पात्रता और भुगतान सीमा को हटाओ।
  10. महिलाओं के साथ भेदभाव ख़त्म करो। महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा का प्रबन्ध करो। महिलाकर्मियों के लिए पर्याप्त संख्या में होस्टलों का निर्माण करो। समान काम के ंिलए समान वेतन दो। हर संस्थान में पर्याप्त महिला शौचालय व बच्चों के लिए क्रेच बनाएं जाएं। कार्य स्थलों पर यौन उत्पीड़न के खि़लाफ़ शिकायत कमेटियों का गठन करो।
  11. स्कीम वर्कर्स - आंगनवाडी, आशा वर्कर्स, मिड-डे मील वर्कर्स, इत्यादि - को सरकारी कर्मचारी घोषित करो। न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा व अन्य सभी श्रम सुविधाओं का लाभ दो।
  12. रेहड़ी-पटरी, खोमचा वालों का सर्वे करके उनका पंजीकरण करो और उन्हें लाईसेंस दो। ’स्मार्ट सिटी’ बनाने के नाम पर नगर-निगम और पुलिस द्वारा जबरन बेदखली पर रोक लगाओ।
  13. निर्माण मज़दूरों का 30 दिन में पंजीकरण करो। रुकी हुई पंजीकरण प्रक्रिया को बहाल करो। हितलाभों का समय सीमा में भुगतान करो। बोर्ड में अलग स्टाफ की भर्ती की जाए। बोर्ड मीटिंग में विपरीत राय को दर्ज़ करो, इसे पारदर्शी बनाओ।
  14. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, डीटीसी, परिवहन एवं अन्य सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद करो। निजीकरण किए गए संस्थानों का फैसला वापस लो। सरकारी क्षेत्र में भर्ती पर लगा प्रतिबंध हटाओ। रोज़गार के अवसर बढ़ाओ। सभी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश (एफ.डी.आई.) पर रोक लगाओ।
  15. दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिये 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करो।
  16. स्वास्थ्य कर्मचारियों पर पेशेंट केयर एलाउंस ’पीसीए’ 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागू करो।
  17. नगर-निगम (एमसीडी) में कार्यरत सफाई एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को पूर्ण कर्मचारी की सुविधा दो। सभी हितलाभ की सुविधा लागू करो। समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करो।
  18. दिल्ली मेट्रो प्रबंधन कर्मचारियों को टेªड यूनियन का अधिकार दो। वेतन वृद्धि में व्याप्त अनियमिताओं को दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ठीक करे। एक निगम में एक नीति लागू करो।
  19. निजी परिवहन क्षेत्र में कार्यरत ड्राईवर, कन्डेक्टर व हेल्पर के वेलफेयर के लिए बोर्ड गठित किया जाए। यूनियन प्रतिनिधियों को बोर्ड में बतौर सदस्य रखा जाए।
  20. साम्प्रदायिक व जातिगत आधार पर भेदभाव पर रोक लगाओ।
  21. दवाओं पर जी.एस.टी. 0 प्रतिशत करो। दवा प्रतिनिधियों को कर्मचारी का दर्जा देकर कुशल कर्मचारी घोषित किया जाए। 8 घन्टे का काम निर्धारित किया जाए।
  22. होटल उद्योग में 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज लागू करो। इसका लाभ कर्मचारी को दो।
  23. सिक्योरिटी गाड्र्स को शिड्यूल इम्पलाईमेंट की सूची में शामिल कर अलग बोर्ड का गठन करो।
  24. घरेलू कामगारों के लिए कानून बनाओ। उनको कर्मचारी का दर्ज़ा दो।
  25. असंगठित क्षेत्र में कार्यरत बहुतायत श्रमिकों के लिए दिल्ली सरकार बोर्ड गठित करे। सभी मज़दूरों का पंजीकरण कर हित लाभ दिये जाएं।
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Jul 1-15 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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