पराली की समस्या के समाधान के लिये फतेहाबाद में प्रदर्शन

9 अक्तूबर, 2018 को हरियाणा के फतेहाबाद जिले के उपायुक्त कार्यालय के सामने किसानों की विभिन्न मांगो को लेकर किसान सघर्ष समिति, देहाती मज़दूर सभा, शहीद भगत सिंह नौजवान सभा, भवन एवं निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा एवं लोक राज संगठन ने प्रदर्शन किया। किसानों के लिए जी का जंजाल बनी पराली (धान की बालियों को काटने के बाद नीचे का बचा हुआ डंठल) की समस्या को प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया।

इस मौके पर फतेहाबाद जिला बार ऐसोसिएशन के पूर्व प्रधान धर्मपाल जाखल ने कहा कि सरकार पराली की समस्या का समाधान करने में पूरी तरह से असफल हुई है। उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन के नाम पर हैप्पी सीडर पर सब्सिडी देना बेकार है क्योंकि यह यंत्र बुरी तरह से विफल है।

Demonstration in Fatehabad

सभा को संबोधित करते हुये, लोक राज संगठन की सर्व हिन्द परिषद के सदस्य मास्टर ब्रिजपाल आदिवाल ने कहा कि राजनीतिक नेताओं और पार्टियों को मजबूत बनाने की अपेक्षा लोगों के हक़ों की लड़ाई लड़ने वाले लोगों एवं संगठनों को मजबूत बनाओ।

किसानों ने बताया कि पराली की समस्या के कारण उन्हें 15 हजार प्रति एकड़ का नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर पराली का सचमुच समाधान चाहती है तो यहां पराली की खपत वाला उद्योग लगाए या फिर किसानों को प्रति एकड़ बोनस दे।

धरने में मंदीप नथवान, कृष्ण गोरखपुरिया जी, उमेद लोहान, रिटायर्ड बी.डी.पी.ओ. दिलबाग हुड्डा, मनफूल सिंह, कामरेड तजिन्द्र रतिया, परमजीत लाली, गुरबचन सिंह, सुखचैन ताखेड़ा सहित अन्य नेताओं ने अपनी बात रखी।

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पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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