निर्माण मज़दूरों का प्रदर्शन

4 अक्तूबर, 2018 को दिल्ली में भवन निर्माण से जुड़े सैकड़ों मज़दूरों ने पंजीकरण, अंशदान एवं दिल्ली सनिर्माण बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले हितलाभों को फिर से चालू करने की मांग को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल के कार्यालय पर ज़ोरदार प्रदर्शन दिया। इस प्रदर्शन की अगुवाई दिल्ली भवन निर्माण क्षेत्र में काम करने वाली 16 से ज्यादा यूनियनों ने संयुक्त रूप से की।

एटक, सीटू, हिन्द मज़दूर सभा, ए.आई.यू.टी.यू.सी., इंटक, टी.यू.सी.सी., ए.आई.सी.सी.टी.यू., यू.टी.यू.सी., एल.पी.एफ., सेवा और मज़दूर एकता कमेटी के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मज़दूरों के बच्चों को मिलने वाले वजीफे, मातृत्व लाभ, पेंशन के आवेदन, शादी-विवाह में मिलने वाली आर्थिक सहायता, इत्यादि का काम बीते 5 महीने से ठप्प पड़ा है। कानूनी प्रावधानों के बावजूद, दिल्ली के सभी 11 जिलों में काम ठप्प पड़ा है। इसके कारण निर्माण क्षेत्र से जुड़े मज़दूरों और उनके परिवारों के सदस्यों को ये सारी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

Construction worker dharna

वक्ताओं ने दिल्ली सरकार के श्रम विभाग को सरासर श्रमिक-विरोधी बताते हुए उसकी कड़ी निंदा की और कहा कि इस वजह से मज़दूरों को अनेकों मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली की विभिन्न यूनियनों ने ज्ञापनों, प्रदर्शनों, जन सुनवाई के माध्यम से अपना विरोध दर्ज़ किया परन्तु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

प्रदर्शन में भाग लेने वाली यूनियनों में थे - राजधानी भवन निर्माण कामागर यूनियन, बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन, निर्माण मज़दूर पंचायत संगम, दिल्ली निर्माण मज़दूर संगठन, महानगर असंगठित मज़दूर यूनियन, सेल्फ इम्लायड वूमेन एसोसिएशन (सेवा), महानगर दिल्ली भवन व अन्य निर्माण मज़दूर संघ, दिल्ली राज्य भवन एवं अन्य निर्माण वर्कर्स यूनियन, निर्माण मज़दूर शक्ति संगठन, समस्त कंस्ट्रक्शन वर्कर्स यूनियन, दिल्ली भवन निर्माण जन कल्याण संस्थान, मज़दूर निर्माण संघ दिल्ली, दिल्ली निर्माण जागति यूनियन, दिल्ली निर्माण हितैषी यूनियन, निर्माण मज़दूर अधिकार संगठन, जागृति निर्माण मज़दूर कल्याणकारी संघ, इत्यादि।

प्रदर्शन के अंत में, एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

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निर्माण मज़दूरों का प्रदर्शन    Oct 16-31 2018    Struggle for Rights    Rights     2018   

पार्टी के दस्तावेज

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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