उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का बकाया भुगतान के लिए संघर्ष

इस वर्ष एक बार फिर, यूपी के गन्ना किसानों को बकाया के भुगतान के लिए आंदोलन कर रहे हैं। यह पहला साल नहीं है जब ऐसा हुआ है।

Sugar mill workers strike in UP

इस साल 16 जनवरी को शामली में अपर दोआब चीनी मिल के सामने लगभग 50 गन्ना किसानों ने धरना दिया। अपर दोआब चीनी मिल ने पिछले साल मार्च से गन्ने की बकाया राशि नहीं दी है। अब, वह 2017-18 की फसल के लिए 80 करोड़ रुपये और 2018-19 की फसल के लिए 120 करोड़ रुपये की देनदार है।

शामली से महज 15 किलोमीटर दूर खैराणा में, गन्ना किसानों का बकाया 31 मई, 2018 को 13000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।

14 जनवरी तक, यूपी में बकाया राशि पहली ही फसल के दो महीनों में 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी है। राज्य भर में केवल 45 प्रतिशत बकाया राशि को चुकाया गया है।

शामली जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त प्रबंध निर्देशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अपर दोआब चीनी मिल के एक कार्यकारी अधिकारी के खि़लाफ़ एफ.आई.आर. दर्ज़ की गई है। हालांकि, किसान इस कार्रवाई से खुश नहीं हैं। वे मांग कर रहे हैं कि उनकी बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो मिल के ज़िम्मेदार अधिकारियों की गिरफ़्तारी की मांग भी वे कर रहे हैं।

किसान जिला और राज्य प्रशासन से भी बहुत नाराज हैं, जिन्होंने इस तरह की गलत मिलों के खि़लाफ़ कभी कोई कार्रवाई नहीं की। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि शामली जिले के थाना भवन के विधायक, जो कि यूपी के गन्ना और चीनी विकास मंत्री भी हैं, 22 जनवरी को सिर्फ 60 किलोमीटर दूर मेरठ में एक बैंक्वेट हॉल का उद्घाटन करने के लिए उपस्थित थे, ऐसी ख़बर है।

यह तथाकथित जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई प्राथमिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उनके पास रिबन काटने और गैर-आधिकारिक कार्यों की अध्यक्षता करने के लिए सारा समय है, लेकिन उन लोगों के लिए कोई समय नहीं है जिनका वे प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे हैं।

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Feb 1-15 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

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