वेनेजुएला में बर्बर अमरीकी दखलंदाजी की निंदा करो! “शासन परिवर्तन” नहीं!

23 जनवरी, 2019 को वेनेजुएला के विपक्ष के नेता ने अपने समर्थकों की एक रैली के सामने, वहां के निर्वाचित राष्ट्रपति मादुरो को नकारते हुये, खुद को देश का अंतरिम राष्ट्रपतिघोषित कर दिया। इस घोषणा के चंद मिनटों के बाद ही अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस व्यक्ति को वेनेजुएला का वैधराष्ट्रपति को स्वीकृति दे दी। अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने ऐलान किया कि वेनेजुएला में शासन परिवर्तन करने के लिए अमरीका अपनी तमाम आर्थिक और कूटनीतिक शक्तियों का इस्तेमाल करेगा।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी अमरीका द्वारा वेनेजुएला के अंदरूनी मामले में बर्बर दखलंदाज़ी की घोर निंदा करती है।

demo in support of Maduro
Washington demo Hands off Venezuela

दो दशक पहले वेनेजुएला के लोगों ने अमरीका की कठपुतली सरकार का तख्तापलट किया था और अपने तमाम तेल संसाधनों का राष्ट्रीकरण कर दिया था। यह बोलिवारियन क्रांति के नाम से मशहूर है। उस घटना के बाद अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अपने खोये हुए स्वर्ग को वापस हासिल करने के लिए और वेनेजुएला में फिर से एक कठपुतली सरकार स्थापित करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी। लोगों के बीच असंतोष और अराजकता फैलाने के मकसद से अमरीकी साम्राज्यवादियों ने वेनेजुएला पर आर्थिक नाकेबंदी थोप दी। अमरीकी साम्राज्यवादियों ने वेनेजुएला में अराजकता और हिंसा फैलाने के लिए, विपक्षी गुटों को प्रशिक्षण, धन और हथियार दिए, जिससे कि चुनी हुई सरकार को गिराया जा सके। 23 जनवरी को वेनेजुएला में जो कुछ हुआ वह अमरीका द्वारा आयोजित साजिश थी। इस तरह से शासन परिवर्तन के द्वारा अमरीका उस देश के तेल संसाधनों पर अपना कब्ज़ा वापस हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

अमरीका की इस बर्बर कार्यवाही की वजह से वेनेजुएला में ख़तरनाक हालात पैदा हो गए हैं। वेनेजुएला पर दबाव डालने के लिए अमरीका ने अपने मित्र देशों - कनाडा, ब्राज़ील, पेरू, अर्जेंटीना, इस्राइल और कुछ अन्य देशों को लामबंध किया है। अमरीका के इन मित्र देशों ने अमरीका की देखा-देखी नये स्वघोषित राष्ट्रपति को मान्यतादे दी है। अमरीका ने धमकी दी है कि यदि राष्ट्रपति मादुरो, अपने पद को नहीं छोड़ते हैं, तो वह वेनेजुएला पर सैनिकी कार्यवाही करेगा।

मादुरो की चुनी हुयी सरकार ने अमरीका द्वारा अपने देश के अंदरूनी मामलों में दखलंदाज़ी की खुलकर निंदा की है। वेनेजुएला ने अमरीका को कहा है कि वे अपने दूतावास के कर्मियों को वेनेजुएला से 72 घंटे के अंदर वापस बुला लें। वेनेजुएला ने अमरीका में स्थित अपने दूतावास को बंद करने का आदेश दिया है और सभी कर्मियों को वापस आने के लिये कहा है। इसके जवाब में अमरीका वेनेजुएला से अपने अधिकारियों को वापस बुलाने से इनकार कर रहा है। अब अमरीका ने वेनेजुएला के खि़लाफ़ कार्यवाही करने की धमकी दी है।

अमरीका द्वारा वेनेजुएला में शासन परिवर्तन की कोशिश के चलते, गृहयुद्ध के हालात बनते जा रहे हंै। अमरीका अलग-अलग देशों के बीच आपसी संबंधों के तमाम नियमों और कायदों का उल्लंघन कर रहा है। इस घटनाक्रम से सतर्क होकर लातिन अमरीका के कई देशों ने वेनेजुएला के अंदरूनी मामलों में अमरीका की दखलंदाज़ी की निंदा की है।

वेनेजुएला में अमरीकी दखलंदाज़ी और शासन परिवर्तन की कोशिशों को रोकना होगा। वेनेजुएला के लोगों को साम्राज्यवादी दखलंदाज़ी के बगैर अपने भविष्य के बारे में फैसला लेने का पूरा अधिकार है।

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Feb 1-15 2019    Political-Economy    Popular Movements     War & Peace     2019   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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