राॅयल एन्फील्ड यूनियन कार्यकर्ताओं के तबादलों पर मज़दूरों का विरोध

चेन्नई के ओरागडम में स्थित राॅयल एन्फील्ड मोटरसाइकल फैक्टरी के मज़दूरों ने उनकी यूनियन के नेताओं व सक्रिय कार्यकर्ताओं के तबादलों के विरोध में 13 फरवरी को एक प्रदर्शन किया। उन्होंने ध्यान दिलाया कि यह उनकी यूनियन को कमज़ोर करने का कंपनी का दांवपेच है। स्थानांतरित मज़दूरों में यूनियन के महासचिव, सक्रिय सदस्य व महिला मज़दूर शामिल हैं।

Royal Enfield workers strike
Royal Enfield workers strike

2018 की सितम्बर से नवम्बर के दौरान, राॅयल एन्फील्ड के मज़दूरों ने नौकरियों को नियमित करने की मांग के लिये 50 दिनों तक आंदोलन किया था। आंदोलन तब समाप्त किया गया था जब प्रबंधन ने यह माना कि सामूहिक मोलभाव की चर्चा को जारी रखा जायेगा। कंपनी के प्रबंधन ने इस समझौते का उल्लंघन करते हुए यूनियन के पदाधिकारियों का तबादला चेन्नई के अलग-अलग इलाकों में किया है। जब 11 फरवरी को यूनियन ने हड़ताल की सूचना दी तब अगले ही दिन, राॅयल एन्फील्ड के प्रबंधन ने फिर से यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों का तबादला किया और इस बार उन्हें दूर-दराज पश्चिम बंगाल, राजस्थान और कर्नाटक राज्यों में स्थानांतरित किया गया।

बदले की भावना से दिये इन आदेशों के खि़लाफ़ मज़दूरों ने तुरंत ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रबंधन इस बात पर अड़ा है कि अगर मज़दूर वापस आना चाहते हैं तो उन्हें एक शपथ-पत्र दायर करना पड़ेगा कि वे भविष्य में हड़ताल में शामिल नहीं होंगे।

मज़दूरों की मांगों में शामिल हैं:

  • 480 दिन काम पूरा करने के पश्चात मज़दूरों को नियमित नौकरी मिलनी चाहिये
  • एक महीने से ज्यादा नौकरी करने वाले कर्मचारियों को बोनस दिया जाना चाहिये
  • सभी तबादलों व बदले की भावना से की गयी कार्यवाइयों को रद्द करना चाहिये
  • सामूहिक मोलभाव में सार्थकता से भाग लेना चाहिये।
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Mar 1-15 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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हिन्दोस्तानी गणराज्य का नवनिर्माण करने और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिलाने के कार्यक्रम के इर्द-गिर्द एकजुट हों ताकि सभी को सुख और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके!

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ग़दर जारी है... हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की प्रस्तुति

सौ वर्ष पहले अमरिका में हिंदोस्तानियों ने हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की स्थापना की थी. यह उपनिवेशवाद-विरोध संघर्ष में एक मिल-पत्थर था.

पार्टी का लक्ष था क्रांति के जरिये अपनी मातृभूमि को बर्तानवी गुलामी से करा कर, एक एइसे आजाद हिन्दोस्तान की स्थापना करना, जहां सबके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित हो.

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सिर्फ मज़दूर वर्ग ही हिन्दोस्तान को बचा सकता है! हिन्दोस्तान की ग़दर पार्टी की केंद्रीय समिति का बयान, ३० अगस्त २०१२

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निजीकरण और उदारीकरण के कार्यक्रम की हरायें!

मजदूरों और किसानों की सत्ता स्थापित करने के उद्देश्य से संघर्ष करें!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केंद्रीय समिति का आवाहन, २३ फरवरी २०१२

अर्थव्यवस्था के मुख्य क्षेत्रों - बैंकिंग और बीमा, मशीनरी और यंत्रों का विनिर्माण, रेलवे, बंदरगाह, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, आदि - के मजदूर यूनियनों के बहुत से संघों ने 28 फरवरी २०१२ को सर्व हिंद आम हड़ताल आयोजित करने का फैसला घोषित किया है। यह हड़ताल मजदूर वर्ग की सांझी तत्कालीन मांगों को आगे रखने के लिये की जा रही है।

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मजदूर वर्ग के लिये राज्य सत्ता को अपने हाथ में लेने की जरूरत23-24 दिसम्बर, 2011 को मजदूर वर्ग गोष्ठी में प्रारंभिक दस्तावेज कामरेड लाल सिंह ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से पेश किया। मजदूर वर्ग के लिये राज्य सत्ता को अपने हाथ में लेने की जरूरत शीर्षक के इस दस्तावेज को, गोष्ठी में हुई चर्चा के आधार पर, संपादित किया गया है और केन्द्रीय समिति के फैसले के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।

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