जंग के विरोध में आवाज़

दुनियाभर में अनेक स्थानों पर जंग के विरोध में और हिन्दोस्तान व पाकिस्तान के बीच मैत्री के समर्थन में लोग बहादुरी से खड़े हुए। कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी उन्हें सलाम करती है। पेश है एक संक्षिप्त रिपोर्ट।

Demonstration in Pak

Demonstration in Pak

पाकिस्तान में शांति के लिये प्रदर्शन

Oxford

ऑक्सफर्ड में रेडक्लिफ चौक पर प्रदर्शन

 

London

लंदन में प्रदर्शन

Montreal

कनाडा में प्रदर्शनकारियों के कुछ बैनर

पाकिस्तान इंडिया पीपुल्स फोरम फॉर पीस एण्ड डेमोक्रेसी की हिन्दोस्तान और पाकिस्तान की राष्ट्रीय समितियों ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया।

हिन्दोस्तान में शांति और सहनशीलता के लिये अभियान में 2 मार्च के दिन नागरिकों, कार्यकर्ताओं, छात्रों और कलाकारों के समूह एक साथ आये। अपने विचारों को व्यक्त करने के लिये दिल्ली और मुंबई में जुलूस निकाले गये, गीत गाये गये, फिल्में दिखाई गयीं और संगीत के कार्यक्रम रखे गये।

600 से भी अधिक चिंतित नागरिकों ने हिन्द-पाक जंग के भड़काये जाने के विरोध में एक याचिका पर हस्ताक्षर किये।

जम्मू-कश्मीर आवामी वर्कर्स पार्टी, रेडिकल सोशलिस्ट (इंडिया), पाकिस्तान ट्रेड यूनियन डिफेंस कैम्पेन तथा हकूक खल्क मूवमेंट पाकिस्तान (जन अधिकार आंदोलन) ने 23 फरवरी को जारी किये एक संयुक्त बयान में पुलवामा में आतंकी हमले की निंदा की। इस समूह ने सरकारों और मीडिया द्वारा जंग का भड़काऊ प्रचार करने की निंदा की।

द जम्मू कश्मीर नेशनल स्टूडेंट्स फैडरेशन (जे.के.एन.एस.एफ.) ने एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने उपमहाद्वीप के सभी मेहनतकश लोगों व राष्ट्रीयताओं को संबोधित करते हुए, एकताबद्ध होकर जंग और अपनी-अपनी सरकारों द्वारा लोगों के दमन के खि़लाफ़ उठकर संघर्ष करने का बुलावा दिया।

हारवर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों, पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने एक ऑन-लाइन याचिका जारी की जिसमें उन्होंने दोनों देशों को जंग से दूर रहने को कहा और मसलों को शांतिपूर्ण विचार-विमर्श के ज़रिये निपटाने के लिये प्रोत्साहित किया। इस याचिका पर 24 घंटे के अंदर छात्रों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों तथा विश्वविद्यालय के हिन्दोस्तानी व पाकिस्तानी कर्मचारियों से 150 से भी अधिक हस्ताक्षर प्राप्त हुये।

ऑक्सफर्ड विश्वविद्यालय के हिन्दोस्तानी और पाकिस्तानी छात्रों ने 4 मार्च के दिन ऑक्सफर्ड में रेडक्लिफ चौक पर जंग के खिलाफ़ : हिन्दोस्तान और पाकिस्तान का भाईचाराके नारे के साथ एक प्रदर्शन आयोजित किया।

अमरीका के ब्राउन विश्वविद्यायल के हिन्दोस्तानी, पाकिस्तानी व अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने भाईचारे की भावना से एक प्रदर्शन किया और दक्षिण एशिया क्षेत्र में शांति का बुलावा दिया।

3 मार्च को हिन्दोस्तान और पाकिस्तान मूल के मॉन्ट्रियाल के निवासियों के साथ अन्य लोग एक साथ आये तथा शांति के लिये और हिन्दोस्तानी व पाकिस्तानी सरकारों की जंगखोरी व जंग के खिलाफ़ अपने विचार व्यक्त किये।

एशिया पेसेफिक फोरम ऑन विमेन लॉ एण्ड डेवलपमेंट (.पी.डब्ल्यू.एल.डी.) में हिन्दोस्तान और पाकिस्तान की महिलाओं ने हिन्दोस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते विवादों पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था, “पहले ही बहुत से लोग मारे जा चुके हैं जिनमें सैनिक और असैनिक दोनों शामिल हैं। हम अपील करते हैं कि राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिये दोनों सरकारें, लागों की ज़िन्दगियों, शांति और इंसाफ की बलि चढा कर जंग के दृष्य न बनायें।

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Mar 16-31 2019    World/Geopolitics    War & Peace     2019   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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