श्री लंका में आतंकवादी हत्याकांड की कड़ी निंदा करें!

श्री लंका में 21 अप्रैल को हुए क्रमिक बम विस्फोट हाल में हुए भयानक हत्याकांडों में से एक था समाचारों के अनुसार, कम से कम 215 लोग मारे गए हैं और 450 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

बड़े सोचे-समझे तरीके से, ईसाई लोगों को इन बम विस्फोटों का निशाना बनाया गया। 21 अप्रैल ईस्टर रविवार था, जिस दिन पर श्री लंका और सारी दुनिया में, ईसाई श्रद्धालू गिरजाघरों में प्रार्थना के लिए एकत्रित होते हैं। ठीक उस समय जब गिरजाघरों में प्रार्थना चल रही थी, राजधानी कोलोंबो और पूर्वी शहर बट्टीकालोया में कम से कम 4 गिरजाघरों में बम विस्फोट हुए। श्री लंका की राजधानी के 3 प्रमुख होटलों में भी बम विस्फोट हुए। श्री लंका के सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस कायरतापूर्ण हमले में मरने वालों में से कम से कम 35 लोग विदेशी थे, जिनमें 3 हिन्दोस्तानी थे।

श्री लंका की सरकार ने वहां कर्फ्यू लगा रखा है। सरकार ने लोगों को शांत रहने को कहा है और सोशल मीडिया के जरिये झूठी अफवाहों के फैलाव को रोकने के कदम लिए हैं। प्रकाशित होने के समय तक, किसी आतंकवादी गिरोह ने इस भयानक हत्याकांड की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी श्री लंका के बेक़सूर लोगों पर इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करती है। इस घोर त्रासदी के पीड़ितों के परिजनों को हम अपने दिल से संवेदना प्रकट करते हैं। धर्मस्थलों को सोच-समझ कर निशाना बनाना, ईसाई लोगों के एक पुण्य दिवस पर ऐसा हमला आयोजित करना, इन सब का मकसद है लोगों के आपस बीच दुश्मनी उक्साना और धर्म के आधार पर लोगों को बांटना। कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी को पूरा भरोसा है कि श्री लंका के लोग, जो लाखों-लाखों लोगों की जान लेने वाले बर्बर गृहयुद्ध को झेल चुके हैं, इस दुखद त्रासदी पर काबू पा सकेंगे और अपने लोगों की एकता व भाईचारे की हिफाज़त करेंगे।

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पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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