मुंबई में मई दिवस मनाया गया

मई दिवस मनाने के लिए, चेम्बूर में आदर्श विद्यालय, शैल कॉलोनी में सैकड़ों मज़दूर, पुरुष और महिला एक साथ आये।

लोक राज संगठन के युवाओं ने गाने (अपना झंडा नीचे न झुकाना) गाकर बैठक की शुरुआत की। उसके बाद एक महिला समूह ने कई प्रगतिशील गाने गए।

कई मज़दूर यूनियनों के नेताओं ने हिन्दोस्तान में मज़दूर आंदोलन को शुरू करने वाले नेताओं को सलाम किया। बैठक का आयोजन करने वाले ट्रेड यूनियन संयुक्त कृति समिति ने ऐलान किया कि वे न्यूनतम वेतन, निजीकरण, ठेके पर काम करनेवाले, आंगनवाड़ी और अन्य मुद्दों के संघर्ष को जारी रखेंगे। दुनिया के मज़दूरों के संघर्षों का साथ देते हुए इस समिति ने अपने अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता को दर्शाया था।

May in Mumbai

अन्य वक्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर बात की और हल किया कि चुनाव के परिणाम जो भी हों, मज़दूरों के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रहेगी चाहे वह सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण के ख़िलाफ़ लड़ाई हो या न्यूनतम वेतन की लड़ाई हो या ठेका प्रणाली के खि़लाफ़ हो। वक्ताओं ने कहा कि हिन्दोस्तान में पहली मज़दूर यूनियन 1920 में बनी थी और अगले वर्ष, 2020 में ए.आई.टी.यू.सी. का शताब्दी वर्ष होगा।

मंच पर बंदरगाह और जहाजघाट मज़दूरों के अस्सी साल के वरिष्ठ नेता, कामरेड शेट्टे भी थे। उन्होंने जलियांवाला बाग के शहीदों को और उन लड़ाकू महिलाओं को लाल सलामी दी जो मई की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में बैठक के लिए आई थीं।

मज़दूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष को बढ़ाने के संकल्प के साथ बैठक समाप्त हुई। हॉल में “दुनिया के मज़दूरों एक हो!” और “एक मई मज़दूर दिवस ज़िंदाबाद!” इत्यादि के नारे गूंज रहे थे।

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मुंबई में मई दिवस    May 16-31 2019    Struggle for Rights    History    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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