असिंचित क्षेत्र को सिंचित करने की मांग

11 अगस्त, 2019 को राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ की तहसील नोहर के गांव गोरखाना में, असिंचित क्षेत्र संघर्ष समिति की अगुवाई में एक समारोह आयोजित किया गया।

इस समारोह में असिंचित क्षेत्र के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों - भगवानसर, कर्मशाना, डूमासर चैनपुरा लाखासर सांगठिया ललानिया, खरसंडी, नगरासरी, रातुसर, श्योराणी, खोपडा, भंगुली, मालिया, मंदरपुरा, बाछुसर, जबरासर आदि के सैकड़ों किसान पहुंचे।

स्थानीय विधायक अमित चाचाण, संघर्ष समिति अध्यक्ष महंत गोपालनाथ तथा भादरा विधायक बलवान पूनिया ने समारोह को संबोधित किया।

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विधायक अमित चाचाण ने कहा कि उनकी मंशा क्षेत्र के हर किसान व पीड़ित को लाभ पहुंचाने की है। सरकार ने असिंचित क्षेत्र को कमांड करने के लिए सर्वे व डीपीआर तैयार करने की घोषणा कर दी है। लेकिन जब तक क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचेगा, वे लगातार विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। सिंचाई के पानी की चोरी रोकने के लिए भी वह प्रयासरत है।

विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि किसानों के बहुप्रतिक्षित सपने को साकार करने के लिए उनका संघर्ष पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब किसानों को जागरुक रहते हुए इस काम को अंजाम तक पहुंचाना होगा।

समारोह सभा को लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, सोहन ढिल, जिप सदस्य मंगेज चैधरी सरपंच हेमराज शर्मा, कृष्णलाल शर्मा, सुरेन्द्र गोदारा, दिनेश नेहरा, आत्माराम सिवर, बलवीर सुथार, श्रवण तंवर, गौरीशंकर थोरी, शंकरलाल शर्मा, धत्राराम सहू, प्रताप महरिया, सरजीत बिजारणिया, रणजीत दुहारिया, नियामत अली, आदि ने संबोधित किया।

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असिंचित क्षेत्र    Aug 16-31 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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