समस्तीपुर में बीड़ी मज़दूरों का विरोध

2 अगस्त को बिहार के जिला समस्तीपुर की एटक कमेटी ने श्रम कानूनों को बदले जाने के खि़लाफ़, कलेक्ट्रेट पर विशाल जनप्रदर्शन और सभा की। इसमें बड़ी संख्या में बीड़ी मज़दूर, भवन निर्माण मज़दूर, जूट मिल मज़दूर एवं अन्य क्षेत्रों के मज़दूर शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए, वक्ताओं ने श्रम कानूनों में परिवर्तन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों व संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने से देश के संगठित व असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी प्रभावित होंगे।

Bihar-2 Aug

सभा के अंत में, पांच सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अधिकारी के मार्फत प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग रखी गयी कि श्रम कानूनों में परिवर्तन को वापस लिया जाए, बीड़ी श्रमिकों का आर.आई.एच.एस.-2007 के तहत आवास के द्वितीय किष्त की राशि का भुगतान कराया जाए, उन्हें न्यूनतम मज़दूरी दी जाए, बीड़ी परिचयपत्र बनाए जाएं, बीड़ी श्रमिकों के कल्याण कोष की राशि जी.एस.टी. से अलग की जाए, रामेश्वर जूट मिल को चालू किया जाये, आदि।

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बीड़ी मज़दूरों    Aug 16-31 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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