राजस्थान में निजी कंपनी और बिजली विभाग के खिलाफ़ प्रदर्शन

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के गोगामेड़ी स्थित सहायक अभियंता कार्यालय डिस्काम के सामने 10-12 गांवों के लोगों ने प्राइवेट बिजली कंपनियों की तानाशाही और अवैध वसूली तथा सरकार की अंधेरगर्दी के खि़लाफ़ धरना दिया। लोगों की मांग है कि बिजली विभाग द्वारा अतिरिक्त प्रतिभूति राशि का नोटिस भेजकर उपभोक्ताओं से की जा रही लूट को बंद किया जाये।

Gogamedi dharana
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इस संघर्ष को बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति की अगुवाई में चलाया जा रहा है। इसमें इलाके के लोगों, संघर्ष समिति के नेताओं सहित लोक राज संगठन के सर्व हिन्द उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा उपस्थित रहे।

बिजली विभाग ने इस इलाके के उपभोक्ताओं को नोटिस भेजकर अतिरिक्त प्रतिभूति राशि जमा करने के लिये कहा गया है, जो कि एक बड़ी राशि है। सरकार ने इस इलाके के बिजली विभाग का निजीकरण करके डिस्काम को सौंप दिया है, जो अपने उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूलती है। लोगों का आरोप है कि कंपनी अपने घाटे को पूरा करने के लिये लोगों से नाजायज़ तरीके से पैसे वसूल रही है।

प्रदर्शन पर बैठे लोगों ने बताया कि जब हम, मीटर लगाये जाने के दौरान पूरा पैसा अपना खर्च करते हैं तो फिर हम इस प्रकार के मनमाने शुल्क क्यों भरें। लोगों ने कहा कि हम हर एक बिल में बिजली कंपनी को स्थाई शुल्क देते हैं, जो कि बिजली की खर्च यूनिट पर लिया जाता है, मसलन यदि किसी ने एक महीने में 200 यूनिट तक बिजली खर्च की तो उसे 400 रुपये स्थाई शुल्क देना पड़ेगा, जिसने 400 यूनिट तक खर्च किया तो 800 रुपये का भुगतान करने होगा।

लोग तेज़ चलते मीटरों की वजह से आने वाले भारी बिलों की वजह से पहले ही परेशान हैं। अब उनसे अतिरिक्त प्रतिभूति राशि की मांग करके उन पर और अधिक बोझ डाला जा रहा है।

लोगों की मांग है कि :

1.            सिक्युरीटी राशि (अतिरिक्त प्रतिभूति राशि) के नोटिस को विभाग तुरंत निरस्त करे।

2.            स्थाई सेवा शुल्क के रूप में वसूली जा रही राशि को तत्काल बंद किया जाये।

3.            प्रत्येक परिवार के लिये 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाये।

4.            बिजली बिलों में भारी अनियमितताओं के तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाये।

5.            ख़राब और तेज़ गति से चलने वाले बिजली के मीटरों को बदला जाये। ऐसे घटिया मीटर बनाने वाली कंपनी के खि़लाफ़ कार्यवाही की जाये।

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अवैध वसूली    बिजली कंपनी    Sep 16-30 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

8 जनवरी, 2020 की सर्व हिन्द आम हड़ताल को सफल करें!

मज़दूर एकता कमेटी का आह्वान

देश की दिशा पूंजीपतियों की अमीरी को बढ़ा रही है और मज़दूर, किसान व सभी मेहनतकशों को ग़रीबी में धकेल रही है। इस रास्ते का विरोध करने के लिए और देश की दौलत पर अपने अधिकार का दावा करने के लिए यह हड़ताल आयोजित की जा रही है।

मेहनतकशों का है यह नारा, हम हैं इसके मालिक! हिन्दोस्तान हमारा!

thumbपूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है। इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को। यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

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5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब, मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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