देशभर में रेल कर्मियों ने मनाया काला दिवस : भारतीय रेल के निजीकरण के खि़लाफ़ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन

भारतीय रेल के निजीकरण की ओर एक और क़दम बढ़ाते हुये, निजी कंपनी द्वारा चलाई जाने वाली, तेजस नामक प्रथम ट्रेन का संचालन शुरू किया गया है। इसके विरोध में, 4 अक्तूबर को आल इंडिया लोको रिनंग स्टाफ ऐसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के चालकों और गार्डों ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक, पूरे देश में सभी रेलवे क्रू-लाबियों, चालक विश्रामगृहों, स्टेशनों, प्रशिक्षण केन्द्रों, आदि पर धरना प्रदर्शन करके काला दिवस मनाया। अपना विरोध प्रकट करने के लिये प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध रखी थी।

Protest in Ghaziabad
Protest in Gorakhpur lobby

ग़ाज़ियाबाद रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन करते हुये, कर्मचारियों ने अपना गुस्सा प्रकट करने के लिये ‘तेजस’ को 5 मिनट के लिये रोक दिया। पुलिस और कर्मचारियों के बीच भारी धक्कामुक्की के बाद कर्मचारियों को पटरी से ज़ोर-जबरदस्ती करके हटा दिया गया।

अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनों को ए.आई.एल.आर.एस.ए. के नेताओं ने संबोधित किया। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्टेशन पर आर.एस. हांडा, मड़ुआडीह स्टेशन पर मंडल अध्यक्ष एन.बी. सिंह, गाज़ियाबद में जोनल सेक्रेटरी पदम सिंह, आदि ने संबोधित किया।

गोरखपुर के स्टेशन पर प्रदर्शन में क्षेत्रीय महामंत्री विनय शर्मा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष एवं मण्डल अध्यक्ष भरत कुमार, शाखा मंत्री शिव पूजन वर्मा, कृष्ण कुमार, सत्य नारायण गुप्ता, जय प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

पश्चिम बंगाल के अंडाल सहित सभी लाबियों में ए.आई.एल.आर.एस.ए. ने प्रदर्शन किया। अंडाल स्टेशन पर हुये प्रदर्शन को कार्यकारी अध्यक्ष रामराज भगत ने संबोधित किया।

ए.आई.एल.आर.एस.ए. के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड राम सरन ने इस क़दम को भारतीय रेल के अस्तित्व का ही निजीकरण बताया है। निजी ट्रेन का विरोध करने के कारणों को स्पष्ट करते हुये उन्होंने समझाया कि यह निजी कंपनी के मुनाफ़ों को पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिये किया जा रहा है। मिसाल के तौर पर, सरकार को इन गाड़ियों से केवल होलिंग चार्ज मिलेगा। इससे रेलवे को राजस्व का भारी नुकसान होगा।

अलग-अलग जगहों पर वक्ताओं ने आंदोलित रेल कर्मियों को संबोधित करते हुये यह समझाया कि इन निजी गाड़ियों में भी वर्तमान के 47 प्रतिशत की अनुमानित यात्री सब्सिडी का भुगतान रेलवे को ही करना होगा। इन गाड़ियों में यात्रियों, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, बीमारों, खिलाड़ियों, आदि के लिए कोई रियायत नहीं होगी। रेल कर्मचारियों को निजी ट्रेनों में निःशुल्क सफर की अनुमति नहीं दी जायेगी।

उन्होंने बताया कि त्योहारों या अन्य मौकों पर, जब यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। उस समय टिकट की दरों में वृद्धि होगी। ऑपरेटरों के अधिकतम मुनाफ़ों को सुनिश्चित करने के लिये रेलगाड़ियों और यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी की जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं में वृद्धि होगी। यात्रियों की सुरक्षा पर कम ध्यान दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि रेल चालक, गार्ड और टीटीई जैसे स्थायी पदों पर कर्मचारियों को अनुबंध पर नियुक्त किया जायेगा। इन अनुबंध कर्मचारियों को कम से कम वेतन पर ज्यादा से ज्यादा घंटों तक काम करने को मजबूर किया जायेगा। इससे रेलगाड़ियों तथा यात्रियों की सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

सरकार के इस क़दम की कड़ी निन्दा करते हुये, आंदोलित रेल कर्मियों के नेताओं ने कहा कि सरकार देश के हितों को दरकिनार करते हुये रेलवे में निगमीकरण, निजीकरण और ठेकाकरण कर रही है। सरकार तानाशाही तरीके से सभी पोस्टों को ख़त्म कर रही है। हम रेलवे के कर्मचारियों ने रेलवे को अपने खून से सींचा और संवारा है। हम इसे कभी क़ामयाब नहीं होने देंगे।

“रेल बचाओ, देश बचाओ, रोज़गार बचाओ, परिवार बचाओ!” यह नारा बुलंब करते हुये रेल कर्मियों ने रेलवे के निजीकरण के खिलाफ़ अपना संघर्ष तेज़ करने का संकल्प लिया।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी रेल कर्मियों के इस विरोध प्रदर्शन का पूरा-पूरा समर्थन और सराहना करती है। यह इजारेदार पूंजीवादी घरानों के हित में सरकार द्वारा चलाये जा रहे निजीकरण के कार्यक्रम के खि़लाफ़ देशभर के मज़दूरों के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण क़दम है।

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Defeat Privatisation    All India Loco Running Staff Association (AILRSA)    Oct 16-31 2019    Struggle for Rights    Privatisation    2019   

पार्टी के दस्तावेज

 कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के तीसरे महाअधिवेशन के दस्तावेज़मजदूरों और किसानों की हुकूमत और स्वेच्छा पर आधारित हिन्दोस्तानी संघ की ओर

यह ग्रंथ हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के तीसरे महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है। इसमें शामिल हैं-तीसरे महाअधिवेशन की कार्यवाहियों का सारांश और हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा पेश की गई केन्द्रीय समिति की रिपोर्ट जिस पर जनवरी 2005में हुये पार्टी के तीसरे महाअधिवेशन में चर्चा हुई थी तथा उसे अपनाया गया था।.

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पूंजीवाद का संकट और हिन्दोस्तानी राज्य का खतरनाक रास्तापूंजीवाद का संकट और हिन्दोस्तानी राज्य का खतरनाक रास्ता यह दिखाता है कि कम्युनिस्टों द्वारा इंकलाब के लिये तैयारी करना बेहद जरूरी है!

”हिन्दोस्तानी राज्य और क्रांति“ पर, नवंबर 2002 में हुई कानफरेंस में हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा दिया गया मुख्य भाषण

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बाधाओं को हटाकर एकता बनायें24-25 जनवरी, 1998 को नई दिल्ली में हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की विस्तृत परिपूर्ण सभा में महा सचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा पेश की गई ड्राफ़्ट रिपोर्ट.

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हिन्दोस्तान किस दिशा में?हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव लाल सिंह द्वारा पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से 23-24 दिसम्बर 1995 को नई दिल्ली में हुए पार्टी के तीसरे सलाहकार सम्मेलन में पेश की गयी रिपोर्ट है।

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इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह
ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की
ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार
गोष्ठी में पेश किया था।


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