तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम के मज़दूरों की हड़ताल जारी

5 अक्तूबर, 2019 को तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टी.एस.आर.टी.सी.) के करीब 50,000 मज़दूरों ने हड़ताल कर दी। 21 अक्तूबर को विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही ज्वाईंट एक्शन कमेटी (जे.ए.सी.) ने 30 अक्तूबर को हैदराबाद में एक “सकला जनुला समरा भेरी” सभा का आयोजन करने का बुलावा दिया है, जिसमें लाखों लोग शामिल होंगे।

Telanganaटी.एस.आर.टी.सी. के हड़ताली मज़दूर

टी.एस.आर.टी.सी. के मज़दूरों ने अपनी 26 मांगें पेश की हैं। इनमें राज्य सरकार के साथ टी.एस.आर.टी.सी. का विलय करना, जो उन्हें कई सुविधाओं के लिए पात्र बनाता है; सरकार के ऊपर टी.एस.आर.टी.सी. के बकाये का भुगतान करना; और टी.एस.आर.टी.सी. को राज्य के बजट का 1 प्रतिशत आवंटित करना, जैसी मांगें शामिल हैं। अन्य मांगों में शामिल हैं ड्राइवर और कंडक्टरों के लिए नौकरी की सुरक्षा और 1 अप्रैल से वेतन में की गई बढ़ोतरी का जल्द से जल्द भुगतान।

राज्य सरकार ने हड़ताल का बदला लेते हुए ऐलान किया है कि, जो मज़दूर हड़ताल पर हैं और इस वजह से काम नहीं कर रहे हैं, उन्होंने खुद को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है और अब वे टी.एस.आर.टी.सी. के कर्मचारी नहीं रहे। सरकार और टी.एस.आर.टी.सी. के प्रबंध निदेशक को हड़ताली मज़दूर यूनियनों से बातचीत करने के उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद सरकार ने हड़ताली मज़दूरों से मिलने के लिए कोई क़दम नहीं उठाये हैं।

इस कठिन परिस्थिति में जे.ए.सी. ने 21 अक्तूबर से शुरू होने वाले 10 दिनों के विरोध प्रदर्शन की कार्य योजना बनाई, जिसमें मज़दूरों के परिवारों के साथ, अस्थायी ड्राइवर और कंडक्टर, महिला कंडक्टर और यहां तक कि बच्चें भी शामिल हैं। इस अभियान का समापन 30 अक्तूबर को होने वाली विशाल सार्वजनिक सभा में होगा।

राज्य के मेहनतकश लोगों के कई तबकों सहित, राजनीतिक पार्टियों और मज़दूरों के विभिन्न संगठनों ने टी.एस.आर.टी.सी. के मज़दूरों की हड़ताल का समर्थन किया है। 19 अक्तूबर को छात्र संगठनों, ट्रेड यूनियनों, सरकारी कर्मचारियों, निजी परिवहन सेवा के कर्मचारियों और विपक्षी पार्टियों ने परिवहन मज़दूरों द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद में हिस्सा लिया। ऑटो और टैक्सियों जैसी निजी परिवहन सेवा समेत, उबर और ओला ड्राइवर यूनियनों ने बंद में हिस्सा लिया। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों ने स्वेच्छा से काम बंद रखा और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। इनमें से कई प्रदर्शनकारियों को हड़ताल के शांतिपूर्ण समर्थन के लिए पुलिस कार्यवाही का सामना करना पड़ा। राज्य भर में चलाये गए दमन में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है।

टी.एस.आर.टी.सी. के मज़दूर अपनी मांग को पूरा करवाने के लिये दृढ़संकल्प हैं और अपनी हड़ताल को तेज़ करने का फ़ैसला किया है।

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Nov 1-15 2019    Struggle for Rights    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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