जलियांवाला बाग़ के शहीदों का यह आह्वान - हिन्दोस्तान का करें नव-निर्माण!

देश भगत यादगार कमेटी, जलंधर ने 28वां ग़दरी मेला जलियांवाला बाग़ के शहीदों को समर्पित किया है, जो 13 अप्रैल, 1919 को शहीद हुये थे। हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा इस अवसर पर भेजे गये संदेश को हम प्रकाशित कर रहे हैं।

कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, मैं देश भगत यादगार कमेटी को, इस वर्ष के ग़दरी मेले को जलियांवाला बाग के शहीदों की याद में समर्पित करने के लिए बधाई देना चाहता हूं।

Jallianwala Bagh 2019

सौ साल पहले, बैसाखी के दिन जलियांवाला बाग़ में हजारों देशभक्त हिन्दोस्तानी बर्तानवी बस्तीवादी सरकार के एक काले कानून, रॉलेट एक्ट (अराजक और क्रांतिकारी अपराध कानून) के खि़लाफ़ अपना विरोध प्रकट करने के लिए इकट्ठा हुए थे। राजनीतिक विरोध को कुचलने के लिए रॉलेट एक्ट को लाया गया था। जिसके तहत लोगों को बिना किसी वारंट के गिरफ़्तार किया जा सकता था, उनको बिना किसी मुक़दमे के अनिश्चितकाल के लिये हिरासत में रखा जा सकता था। ऐसी ही अनेक ताक़तों से सरकार को लैस किया गया था। लोगों को हिन्दोस्तानी ग़दर पार्टी के दिखाए हुए क्रांतिकारी रास्ते पर चलने से रोकने के लिए बर्तानवी बस्तीवादियों ने इस काले कानून को लागू किया था। उन्होंने जानबूझकर हजारों लोगों, महिलाओं और बच्चों का दिल दहलाने वाला जनसंहार इसलिए आयोजित किया था। जिससे कि वे हिन्दोस्तानी लोगों के बीच यह कठोर संदेश पहुंचे कि अपने देश को बस्तीवादी हुकूमत से आज़ाद करने के हिन्दोस्तानी लोगों के संघर्ष को कुचलने के लिए, बर्तानवी बस्तीवादी सरकार, अत्यंत क्रूर और अमानवीय बर्बरतापूर्ण क़दम उठाने से भी संकोच नहीं करेगी।

हमारे लोगों और मानवता के खि़लाफ़ इस जघन्य अपराध को सौ साल बीत गये हैं। 72 साल पहले श्वेत आदमी द्वारा शोषण और दमन का बस्तीवादी शासन तो ख़त्म हुआ, लेकिन उसकी जगह हिन्दोस्तानी इजारेदार पूजीपतियों के नेतृत्व में, उतने ही बर्बर, शोषक और दमनकारी हिन्दोस्तानी पूजीपतियों के राज की स्थापना की गयी। हमारे देश में एक तरफ़ है मज़दूर और किसान, जो अपने अथक परिश्रम से, समाज की दौलत पैदा करते हैं, लेकिन खुद बेहद असुरक्षा भरा जीवन जीने को मजबूर हैं। दूसरी ओर हैं, टाटा, अंबानी, बिरला और देश के अन्य बड़े पूंजीपति, जिनका देश की राज्य सत्ता पर नियंत्रण है और इसके ज़रिये वे मज़दूरों का तीव्र शोषण और किसानों की लूट करके तथा देश के प्राकृतिक संसाधनों को लूट कर और अधिक अमीर होते जा रहे हैं।

बस्तीवादी राज्य की तरह ही मौजूदा हिन्दोस्तानी राज्य भी हिन्दोस्तानी और विदेशी शोषकों और दमनकारियों के हितों की हिफ़ाज़त करता है। लोगों पर उनके राजनीतिक विचारों और धार्मिक आस्थाओं के लिए हमला किया जाता है। जिन तंत्रों और हथकंडों की सहायता से बर्तानवी बस्तीवादी हिन्दोस्तानी लोगों पर अपना राज चलाते थे, उन्हें और अधिक विकसित और मजबूत किया गया है।

इन तंत्रों में शामिल हैं, “कानून का राज” जिसके चलते लोगों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित किया जाता है; प्रतिरोध को कुचलने के लिए पुलिस और सेना का उपयोग; धर्म, क्षेत्र और जाति, के आधार पर लोगों का उत्पीड़न और समय-समय पर राज्य द्वारा आयोजित सांप्रदायिक हिंसा और जनसंहार। बहुपार्टी प्रतिनिधित्ववादी लोकतंत्र की व्यवस्था और समय-समय पर आयोजित चुनाव, हिन्दोस्तान के शासक वर्ग के राज को वैधता प्रदान करने और उनके बीच आपसी अंतर्विरोधों को सुलझाने के काम आते हैं।

अपने साम्राज्यवादी मंसूबों को साकार करने के लिए, हिन्दोस्तानी सरमायदार मज़दूरों और किसानों पर हमले तेज़ कर रहा है और देश का सैन्यीकरण अधिक तेज़ी से कर रहा है, पाकिस्तान के खि़लाफ़ जहरीला अंध-राष्ट्रीयतावादी और जंग-फरोश प्रचार चला रहा है और मुस्लिम संप्रदाय के लोगों पर खुलेआम हमले आयोजित कर रहा है। सरमायदार सुनियोजित तरीके से हिन्दोस्तानी लोगों की एकता और आपसी एकजुटता को तोड़ रहा है। अपने साम्राज्यवादी मंसूबों को आगे बढ़ाने के लिए, हिन्दोस्तानी सरमायदार, अमरीका के साथ अपने सैनिकी रणनीतिक गठबंधन को अधिक मजबूत कर रहा है। हिन्दोस्तानी हुक्मरान जिस रस्ते पर देश को ले जाने का प्रयास कर रहा है, वह हमारे देश के लोगों के लिए बहुत ही ख़तरनाक है।

वक्त की मांग है कि सभी कम्युनिस्ट एकजुट होकर हिन्दोस्तान में पूंजीपति वर्ग की हुकूमत को ख़तम करने और उसकी जगह पर मज़दूरों, किसानों के राज्य की स्थापना करने के लिए लोगों को लामबंध करें। हमें एक ऐसे नये राज्य की स्थापना करनी होगी जो सभी लोगों के मानव अधिकारों, लोकतान्त्रिक और राष्ट्रीय अधिकारों की हिफ़ाज़त करेगा, वह राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि आम मेहनतकश लोग इस देश के फ़ैसले लेने वाले बन सकें और वह राज्य सभी की सुरक्षा और खुशहाली सुनिश्चित करेगा।

आईये, हम सब कम्युनिस्ट और वे सभी लोग जो अपने देशवासियों के भविष्य के प्रति चिंतित हैं, एकजुट होकर अपनी सारी उर्जा हिन्दोस्तान के नव-निर्माण की दिशा में लगायें।

लाल सिंह, महासचिव
हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी 

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Nov 1-15 2019    Voice of the Party    Rights     2019   

पार्टी के दस्तावेज

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पूंजीपति वर्ग की राजनीतिक पार्टियां यह दावा करती हैं कि
उदारीकरण, निजीकरण और भूमंडलीकरण के कार्यक्रम का कोई
विकल्प नहीं है। परंतु सच तो यह है कि इसका विकल्प है।
इसका विकल्प है अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलाना, ताकि
लोगों की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दी जाए, न कि
पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने को।
यह हिन्दोस्तान के नवनिर्माण का कार्यक्रम है।

पी.डी.एफ. डाउनलोड करनें के लिये चित्र पर क्लिक करें

 

5th Congress Documentहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा, पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के पांचवें महाअधिवेशन को यह रिपोर्ट पेश की गई। महाअधिवेशन में इस पर चर्चा की गयी और इसे अपनाया गया। पांचवें महाअधिवेशन के फैसले के अनुसार, इस रिपोर्ट को सम्पादकीय शोधन के साथ, प्रकाशित किया जा रहा है।

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Click to Download PDFइस पुस्तिका के प्रथम भाग में नोटबंदी के असली इरादों को समझाने तथा उनका पर्दाफाश करने के लिये, तथ्यों और गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है। दूसरे भाग में सरकार के दावों - कि नोटबंदी से अमीर-गरीब की असमानता, भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म होगा - का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। तीसरे भाग में यह बताया गया है कि कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के अनुसार, इन समस्याओं का असली समाधान क्या है तथा उस समाधान को हासिल करने के लिये फौरी कार्यक्रम क्या होना चाहिये।

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यह चुनाव एक फरेब है!हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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यह बयान, ”बड़े पूँजीपतियों के लिये अच्छे दिन का मतलब मजदूर-किसान के लिये दुख-दर्द के दिन“, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की 31 मई, 2014 को सम्पन्न हुई परिपूर्ण सभा में हुए विचार-विमर्श और मूल्यांकन पर आधारित है।

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हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, कामरेड लाल सिंह का,

मजदूर एकता लहर के संपादक, कामरेड चन्द्रभान के साथ साक्षात्कार

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